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अंडरग्राउंड होगी केबल, तेज होगा फोरलेन निर्माण
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय पर लगभग छह करोड़ की लागत से हो रहे फोरलेन निर्माण में व्यवधान दूर करने के लिए खंभों पर लगी विद्युत केबल को अब अंडरग्राउंड ले जाया जाएगा। डीएम सैमुअल पॉल एन ने यह निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए वे 15वें वित्त आयोग से अतिरिक्त राशि का प्रबंध सुनिश्चित कर देंगे। इसके साथ ही निर्माण में बाधक बन रहे पेड़ों को भी जल्द हटाने का निर्देश दिया। डीएम ने बिजली व वन विभाग के अधिकारियों की शिथिलता पर उन्हें फटकार लगाई और कहा कि यह दोनों कार्य प्राथमिकता पर संपन्न कराए जाएं, जिससे तेजी से निर्माण पूरा कर आम नागरिकों को बेहतर सुविधा दिलाई जा सके।
जिला मुख्यालय पर नगर पालिका परिषद ने गत वर्ष फव्वारा तिराहे से लेकर शहजादपुर पुलिस चौकी तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन निर्माण कराने को मंजूरी दी थी। तत्कालीन डीएम राकेश कुमार मिश्र ने कार्य को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के लिए सड़क बनाने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया था। इसके बाद से लगभग छह करोड़ की लागत से कार्य का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने समारोहपूर्वक किया था। कार्य में व्यवधान न आए, इसलिए बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों व तारों को शिफ्ट करने के लिए लगभग सवा एक करोड़ रुपये बिजली विभाग को दिए गए। कई माह बीत जाने के बाद भी खंभों व तारों को शिफ्ट नहीं किया गया।
वन विभाग ने भी पेड़ों को काटकर हटाने की तरफ प्राथमिकता पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि मार्ग निर्माण में व्यवधान होने लगा। पीडब्ल्यूडी की तरफ से काम करा रही संस्था पीके कांस्ट्रक्शन ने जनता को हो रही मुसीबत को देखते हुए मजबूरी में खंभों के न हटने के बावजूद काम शुरू करा दिया। इससे सड़क के दोनों तरफ हुई खुदाई के बाद मुसीबत झेल रहे स्थानीय नागरिकों व बाहरी यात्रियों को कई जगह राहत मिलनी शुरू हो गई। हालांकि इसके साथ ही यह आशंका बढ़ गई कि यदि बिजली के खंभों को पीछे न किया गया तो मार्ग चौड़ीकरण का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इसी आशंका को देखते हुए नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता व कई गणमान्य नागरिकों ने डीएम सैमुअल पॉल एन को प्रकरण से अवगत कराया।
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डीएम ने मामले की गंभीरता को समझा और सभी विभागों के अधिकारियों को लेकर उन्होंने पूरे निर्माणाधीन मार्ग का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने खंभों व तारों को न हटाने तथा पेड़ों को न काटे जाने पर संबंधितों को फटकार लगाई।
तेजी से पूरे कराएं कार्य
डीएम ने अधिशाषी अभियंता विद्युत से कहा कि जिन स्थानों पर खंभों व तारों को पीछे करना संभव नहीं हो, वहां खंभों को हटाकर तारों को अंडरग्राउंड ले जाया जाए। इसके लिए जो भी अतिरिक्त धनराशि लगेगी, उसका प्रबंध 15वें वित्त आयोग से कर दिया जाएगा। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनहित के इस कार्य में कागज चलाने की बजाय यह ध्यान देना था कि किन प्रयासों से निर्माण तेज हो सकेगा और शहर का स्वरूप बेहतर हो सकेगा। बिजली विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि यह कार्य तेजी से पूरे कराए जाएं। इसमें कोई भी शिथिलता हुई तो कार्रवाई होगी। डीएम ने वन विभाग के एसडीओ को निर्देश देते हुए कहा कि पेड़ों को जल्द हटाया जाए। यह कार्य अत्यंत प्राथमिकता के साथ हो। अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी से कहा कि वे मार्ग निर्माण की नियमित मॉनिटरिंग करें और बेहतर ढंग से कार्य सम्पन्न कराएं। कार्यदायी संस्था के एमडी प्रदीप सिंह ने डीएम को पूरे कार्यों के बारे में अवगत कराया और कहा कि व्यवधान दूर हो जाएं तो कार्य जल्दी पूरा करा दिया जाएगा।
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जिला मुख्यालय पर नगर पालिका परिषद ने गत वर्ष फव्वारा तिराहे से लेकर शहजादपुर पुलिस चौकी तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन निर्माण कराने को मंजूरी दी थी। तत्कालीन डीएम राकेश कुमार मिश्र ने कार्य को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के लिए सड़क बनाने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया था। इसके बाद से लगभग छह करोड़ की लागत से कार्य का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने समारोहपूर्वक किया था। कार्य में व्यवधान न आए, इसलिए बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों व तारों को शिफ्ट करने के लिए लगभग सवा एक करोड़ रुपये बिजली विभाग को दिए गए। कई माह बीत जाने के बाद भी खंभों व तारों को शिफ्ट नहीं किया गया।
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वन विभाग ने भी पेड़ों को काटकर हटाने की तरफ प्राथमिकता पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि मार्ग निर्माण में व्यवधान होने लगा। पीडब्ल्यूडी की तरफ से काम करा रही संस्था पीके कांस्ट्रक्शन ने जनता को हो रही मुसीबत को देखते हुए मजबूरी में खंभों के न हटने के बावजूद काम शुरू करा दिया। इससे सड़क के दोनों तरफ हुई खुदाई के बाद मुसीबत झेल रहे स्थानीय नागरिकों व बाहरी यात्रियों को कई जगह राहत मिलनी शुरू हो गई। हालांकि इसके साथ ही यह आशंका बढ़ गई कि यदि बिजली के खंभों को पीछे न किया गया तो मार्ग चौड़ीकरण का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इसी आशंका को देखते हुए नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता व कई गणमान्य नागरिकों ने डीएम सैमुअल पॉल एन को प्रकरण से अवगत कराया।
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डीएम ने मामले की गंभीरता को समझा और सभी विभागों के अधिकारियों को लेकर उन्होंने पूरे निर्माणाधीन मार्ग का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने खंभों व तारों को न हटाने तथा पेड़ों को न काटे जाने पर संबंधितों को फटकार लगाई।
तेजी से पूरे कराएं कार्य
डीएम ने अधिशाषी अभियंता विद्युत से कहा कि जिन स्थानों पर खंभों व तारों को पीछे करना संभव नहीं हो, वहां खंभों को हटाकर तारों को अंडरग्राउंड ले जाया जाए। इसके लिए जो भी अतिरिक्त धनराशि लगेगी, उसका प्रबंध 15वें वित्त आयोग से कर दिया जाएगा। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनहित के इस कार्य में कागज चलाने की बजाय यह ध्यान देना था कि किन प्रयासों से निर्माण तेज हो सकेगा और शहर का स्वरूप बेहतर हो सकेगा। बिजली विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि यह कार्य तेजी से पूरे कराए जाएं। इसमें कोई भी शिथिलता हुई तो कार्रवाई होगी। डीएम ने वन विभाग के एसडीओ को निर्देश देते हुए कहा कि पेड़ों को जल्द हटाया जाए। यह कार्य अत्यंत प्राथमिकता के साथ हो। अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी से कहा कि वे मार्ग निर्माण की नियमित मॉनिटरिंग करें और बेहतर ढंग से कार्य सम्पन्न कराएं। कार्यदायी संस्था के एमडी प्रदीप सिंह ने डीएम को पूरे कार्यों के बारे में अवगत कराया और कहा कि व्यवधान दूर हो जाएं तो कार्य जल्दी पूरा करा दिया जाएगा।