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Ambedkar Nagar News: शाखा प्रबंधक ने धोखाधड़ी कर खोले ऋण खाते, 1.20 लाख निकाले
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अंबेडकरनगर। श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक अमर पांडेय समेत दो अज्ञात कर्मचारियों ने ऋण खाताधारक सुनील के चार फर्जी खाते खोलकर करीब सवा लाख रुपये का ऋण ले लिया। मामले की जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर रविवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अकबरपुर के बरवा नासिरपुर निवासी सुनील कुमार ने शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2017 में उसने श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी से 1.10 लाख का ऋण लेकर एक वाहन क्रय किया था।आरोप है कि शाखा प्रबंधक अमर पांडेय ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर चार अतिरिक्त ऋण खाते खोलकर बिना सहमति 63 हजार, 17,862 रुपये, 37000 व व 2189 रुपये समेत सहित कुल 1,20,051 की राशि निकाल ली। इन खातों की जानकारी 20 मार्च 2024 को जारी बैंक स्टेटमेंट से हुई। 25 जून व 6 दिसंबर 2024 को वकील के माध्यम से कागजात की मांग की गई, परंतु शाखा प्रबंधक ने दस्तावेज नहीं दिए।
दो जनवरी 2025 को दस्तावेज मांगने पर शाखा प्रबंधक ने कार्यालय के बाहर गालियां दीं। साथ ही अधिक ऋण आरोपित करने की धमकी दी। तीन जनवरी को कोतवाली अकबरपुर में प्रार्थनापत्र दिया गया, पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। आठ मार्च को पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत दी गई, फिर भी कार्रवाई नहीं की गई। इसपर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर अकबरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई है।
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अकबरपुर के बरवा नासिरपुर निवासी सुनील कुमार ने शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2017 में उसने श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी से 1.10 लाख का ऋण लेकर एक वाहन क्रय किया था।आरोप है कि शाखा प्रबंधक अमर पांडेय ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर चार अतिरिक्त ऋण खाते खोलकर बिना सहमति 63 हजार, 17,862 रुपये, 37000 व व 2189 रुपये समेत सहित कुल 1,20,051 की राशि निकाल ली। इन खातों की जानकारी 20 मार्च 2024 को जारी बैंक स्टेटमेंट से हुई। 25 जून व 6 दिसंबर 2024 को वकील के माध्यम से कागजात की मांग की गई, परंतु शाखा प्रबंधक ने दस्तावेज नहीं दिए।
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दो जनवरी 2025 को दस्तावेज मांगने पर शाखा प्रबंधक ने कार्यालय के बाहर गालियां दीं। साथ ही अधिक ऋण आरोपित करने की धमकी दी। तीन जनवरी को कोतवाली अकबरपुर में प्रार्थनापत्र दिया गया, पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। आठ मार्च को पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत दी गई, फिर भी कार्रवाई नहीं की गई। इसपर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर अकबरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई है।
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