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200 में कराया 45 लाख की भूमि का बैनामा
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 20 Nov 2015 10:41 PM IST
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गुरुवार को कलक्ट्रेट में ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद मामला संज्ञान में आते ही डीएम विवेक ने पुलिस भेजकर जमीन खरीदने वाले लोगों को कलक्ट्रेट बुलवा लिया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के नाम भूमि का बैनामा वापस किए जाने का निर्देश दिया।
डीएम ने इस मामले में मंदबुद्घि व्यक्ति को कथित तौर पर शादी के झांसा देकर सौदा तय कराने वाले एक अन्य युवक को हिरासत में लेने का निर्देश भी दिया।
अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र के हाजीपुर मरुई गांव निवासी जगराम मानसिक रूप से कमजोर है। लगभग 45 वर्षीय जगराम के नाम लगभग ढाई बीघा भूमि है। नगर सीमा के अन्तर्गत आने के चलते जगराम की भूमि पर कई लोगों की निगाह लम्बे समय से थी।
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इसी बीच कुछ बिचौलियों ने भूमिका निभाई और इसके बाद महज 200 रुपए देकर जगराम से विमल निवासी आजमगढ़ व उमा निवासी अकबरपुर के नाम पूरी भूमि का बैनामा दो दिन पूर्व करा लिया गया। आरोप है कि बैनामा कराने के बाद जगराम की पिटाई कर उसे भगा दिया गया।
इसकी जानकारी ग्रामीणों को शुक्रवार शाम हुई, तो उनमें आक्रोश फैल गया। बड़ी तादाद में ग्रामीण शुक्रवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे और धोखाधड़ी कर भूमि का बैनामा करा लिए जाने का विरोध जताया। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि जगराम को शादी का झांसा देकर यह कारनामा किया गया।
डीएम विवेक ने ग्रामीणों की पूरी बात सुनी और इसके बाद कोतवाली फोन कर उन सभी लोगों को कुछ देर में कलेक्ट्रेट तलब कर लिया जिन्होंने बैनामा कराया था या फिर मध्यस्थता निभाई थी। डीएम ने बैनामादारों को जेल भिजवाने की चेतावनी दी और धोखे से बैनामा कराने को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई।
बैनामादारों ने बताया कि उन्होंने बैनामे के एवज में एक युवक को 6 लाख रुपए जगराम के सामने ही दिए थे। संबंधित युवक ने पैसे न मिलने की बात कही जबकि जगराम ने बताया कि उसे सिर्फ 200 रुपए ही मिले थे।
डीएम ने इस पर छह लाख रुपए हड़पने वाले युवक को पुलिस हिरासत में भेजे जाने का निर्देश दिया और दोनों बैनामादारों से कहा कि तत्काल रजिस्ट्री दफ्तर जाकर जगराम के नाम वापस बैनामा कर दें। डीएम ने अकबरपुर थाने के उपनिरीक्षक को निर्देशित किया कि यदि दोनों द्वारा भूमि का बैनामा नहीं किया जाता है तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया जाए।
इसके बाद शाम को रजिस्ट्री दफ्तर में बैनामा के माध्यम से भूमि वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे पहले हुए प्रदर्शन में झिन्नूलाल, रामचंदर, छोटेलाल, बशीर, रीता देवी, सूरज, मालादेवी, राजेश आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने इस मामले में मंदबुद्घि व्यक्ति को कथित तौर पर शादी के झांसा देकर सौदा तय कराने वाले एक अन्य युवक को हिरासत में लेने का निर्देश भी दिया।
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अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र के हाजीपुर मरुई गांव निवासी जगराम मानसिक रूप से कमजोर है। लगभग 45 वर्षीय जगराम के नाम लगभग ढाई बीघा भूमि है। नगर सीमा के अन्तर्गत आने के चलते जगराम की भूमि पर कई लोगों की निगाह लम्बे समय से थी।
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इसी बीच कुछ बिचौलियों ने भूमिका निभाई और इसके बाद महज 200 रुपए देकर जगराम से विमल निवासी आजमगढ़ व उमा निवासी अकबरपुर के नाम पूरी भूमि का बैनामा दो दिन पूर्व करा लिया गया। आरोप है कि बैनामा कराने के बाद जगराम की पिटाई कर उसे भगा दिया गया।
इसकी जानकारी ग्रामीणों को शुक्रवार शाम हुई, तो उनमें आक्रोश फैल गया। बड़ी तादाद में ग्रामीण शुक्रवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे और धोखाधड़ी कर भूमि का बैनामा करा लिए जाने का विरोध जताया। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि जगराम को शादी का झांसा देकर यह कारनामा किया गया।
डीएम विवेक ने ग्रामीणों की पूरी बात सुनी और इसके बाद कोतवाली फोन कर उन सभी लोगों को कुछ देर में कलेक्ट्रेट तलब कर लिया जिन्होंने बैनामा कराया था या फिर मध्यस्थता निभाई थी। डीएम ने बैनामादारों को जेल भिजवाने की चेतावनी दी और धोखे से बैनामा कराने को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई।
बैनामादारों ने बताया कि उन्होंने बैनामे के एवज में एक युवक को 6 लाख रुपए जगराम के सामने ही दिए थे। संबंधित युवक ने पैसे न मिलने की बात कही जबकि जगराम ने बताया कि उसे सिर्फ 200 रुपए ही मिले थे।
डीएम ने इस पर छह लाख रुपए हड़पने वाले युवक को पुलिस हिरासत में भेजे जाने का निर्देश दिया और दोनों बैनामादारों से कहा कि तत्काल रजिस्ट्री दफ्तर जाकर जगराम के नाम वापस बैनामा कर दें। डीएम ने अकबरपुर थाने के उपनिरीक्षक को निर्देशित किया कि यदि दोनों द्वारा भूमि का बैनामा नहीं किया जाता है तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया जाए।
इसके बाद शाम को रजिस्ट्री दफ्तर में बैनामा के माध्यम से भूमि वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे पहले हुए प्रदर्शन में झिन्नूलाल, रामचंदर, छोटेलाल, बशीर, रीता देवी, सूरज, मालादेवी, राजेश आदि मौजूद रहे।