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डेढ़ सौ से अधिक वाहनों को है नीलामी का इंतजार
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अंबेडकरनगर। एआरटीओ कार्यालय व विभिन्न थानों में खड़े डेढ़ सौ से अधिक वाहन लंबे समय से नीलामी के इंतजार में हैं। वाहनों की नीलामी न होने से दो दर्जन से अधिक वाहन अत्यंत जर्जर हो चुके हैं, तो कुछ ऐसे हैं, जो निष्प्रयोज्य हो चुके हैं। इन वाहनों की नीलामी प्रक्रिया बीते दिनों प्रारंभ तो की गई, तो लेकिन यह प्रक्रिया नीलामी तक नहीं पहुंच सकी। अब एक बार फिर से इन वाहनों की नीलामी की स्वीकृति के लिए सीजेएम न्यायालय में सूची भेजी गई है। न्यायालय के निर्देश के बाद संबंधित वाहनों की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है। हालांकि इसे लेकर अभी भी लोगों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि पूर्व की तरह इस बार भी नीलामी प्रक्रिया रद्द न हो जाए।
विभिन्न गड़बडिय़ों के चलते एआरटीओ कार्यालय के माध्यम से न सिर्फ एआरटीओ कार्यालय, बल्कि विभिन्न थानों में डेढ़ सौ से अधिक दो पहिया व चार पहिया वाहन लंबे समय से खड़े हुए हैं। सीज किए गए इन वाहनों को वाहन मालिकों द्वारा नहीं छुड़ाया गया। नियमत: ऐसे वाहन जिन्हें किसी कारणवश सीज किया गया है, उन्हें यदि वाहन मालिकों द्वारा नहीं छुड़ाया जाता, उन्हें नीलाम कर दिया जाना चाहिए। जिले इसे लेकर जिम्मेदार लोगों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ज्यादातर वाहन ऐसे हैं, जो लगभग दो वर्ष से एआरटीओ कार्यालय परिसर व विभिन्न थानों में खड़े हैं। देखरेख के अभाव में खुले में खड़े होने के चलते यह वाहन जर्जर होते जा रहे हैं। कुछ वाहन तो लगभग निष्प्रयोज्य हो चुके हैं।
इन वाहनों को नीलाम करने के लिए बीते दिनों तीन बार नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन यह प्रक्रिया नीलामी तक नहीं पहुंच सकी। इससे पहले कि वाहनों को नीलाम किया जाता, नीलामी प्रक्रिया ही रद्द कर दी गई। अब एक बार फिर से संबंधित वाहनों के नीलाम होने की उम्मीद जगी है।
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कारण यह कि एआरटीओ कार्यालय ने ऐसे वाहनों की सूची सीजेएम न्यायालय को भेजी है, जिनकी नीलामी होनी है। न्यायालय के निर्देश के बाद संबंधित वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हालांकि वाहनों की नीलामी हो सकेगी, इसे लेकर लोगों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। अकबरपुर नगर के रामअवतार, बाबूलाल व राघवेंद्र ने कहा कि इससे पहले भी तीन बार नीलामी की प्रक्रिया शुरू होकर रद्द हो चुकी है। इस बार यह प्रक्रिया कहां तक पहुंचेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।
जिन वाहनों की नीलामी होनी है, उनकी सूची न्यायालय को भेजी गई है। न्यायालय से अनुमति मिलने पर नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा वाहन स्वामियों को भी नोटिस भेजी गई है, जिसमें कहा गया कि वे यदि चाहें, तो अपने वाहन को छुड़वा सकते हैं।
केएन सिंह, एआरटीओ
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विभिन्न गड़बडिय़ों के चलते एआरटीओ कार्यालय के माध्यम से न सिर्फ एआरटीओ कार्यालय, बल्कि विभिन्न थानों में डेढ़ सौ से अधिक दो पहिया व चार पहिया वाहन लंबे समय से खड़े हुए हैं। सीज किए गए इन वाहनों को वाहन मालिकों द्वारा नहीं छुड़ाया गया। नियमत: ऐसे वाहन जिन्हें किसी कारणवश सीज किया गया है, उन्हें यदि वाहन मालिकों द्वारा नहीं छुड़ाया जाता, उन्हें नीलाम कर दिया जाना चाहिए। जिले इसे लेकर जिम्मेदार लोगों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ज्यादातर वाहन ऐसे हैं, जो लगभग दो वर्ष से एआरटीओ कार्यालय परिसर व विभिन्न थानों में खड़े हैं। देखरेख के अभाव में खुले में खड़े होने के चलते यह वाहन जर्जर होते जा रहे हैं। कुछ वाहन तो लगभग निष्प्रयोज्य हो चुके हैं।
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इन वाहनों को नीलाम करने के लिए बीते दिनों तीन बार नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन यह प्रक्रिया नीलामी तक नहीं पहुंच सकी। इससे पहले कि वाहनों को नीलाम किया जाता, नीलामी प्रक्रिया ही रद्द कर दी गई। अब एक बार फिर से संबंधित वाहनों के नीलाम होने की उम्मीद जगी है।
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कारण यह कि एआरटीओ कार्यालय ने ऐसे वाहनों की सूची सीजेएम न्यायालय को भेजी है, जिनकी नीलामी होनी है। न्यायालय के निर्देश के बाद संबंधित वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हालांकि वाहनों की नीलामी हो सकेगी, इसे लेकर लोगों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। अकबरपुर नगर के रामअवतार, बाबूलाल व राघवेंद्र ने कहा कि इससे पहले भी तीन बार नीलामी की प्रक्रिया शुरू होकर रद्द हो चुकी है। इस बार यह प्रक्रिया कहां तक पहुंचेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।
जिन वाहनों की नीलामी होनी है, उनकी सूची न्यायालय को भेजी गई है। न्यायालय से अनुमति मिलने पर नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा वाहन स्वामियों को भी नोटिस भेजी गई है, जिसमें कहा गया कि वे यदि चाहें, तो अपने वाहन को छुड़वा सकते हैं।
केएन सिंह, एआरटीओ