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Ambedkar Nagar News: बीमा सखी बन कुसुम अपने संग महका रहीं दूसरों का घर
Mon, 13 Oct 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 13 Oct 2025 11:37 PM IST
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कुसुम।
अंबेडकरनगर। महिलाएं अब घर की दहलीज तक ही सीमित नहीं हैं। अब वह अपनी प्रतिभा से समाज में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। कभी निजी स्कूल में मामूली पैसे में अध्यापक की नौकरी करने वाली अकबरपुर के एहिया कमालपुर गांव की रहने वाली कुसुम वर्मा की कहानी ऐसी ही है।
कुसुम ने घर की दहलीज से कदम बाहर निकाला तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बीसी सखी से शुरुआत करने वाली कुसुम अब एलआईसी की बीमा सखी बन कर काम कर रही हैं। अपने काम और संघर्ष के दम आज वह अपनी टीम की सफल बीमा सखी हैं। इसमें उनके परिवार के लोगों का भी बराबर का सहयोग रहा। साल 2012 कुसुम की शादी प्रदीप के साथ हुई थी। शुरुआती दिनों में परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इस पर कुसुम ने पति का सहयोग करने के लिए नौकरी के बारे में सोचा। इसी दौरान वह एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगीं और लंबे समय उसने अध्यापन किया।
यहीं से उनके मन में कुछ और बड़ा करने की इच्छा जाहिर हुई। आज वह बीमा सखी बन हजारों रुपये कमा रही हैं। इतना ही नहीं वह गांव व आसपास की महिलाओं को इसके लिए जागरूक कर रही हैं। इन्होंने अब तक लगभग सात लोगों को प्रेरित कर बीमा सखी भी बनाया है। कुसुम दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
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कुसुम ने घर की दहलीज से कदम बाहर निकाला तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बीसी सखी से शुरुआत करने वाली कुसुम अब एलआईसी की बीमा सखी बन कर काम कर रही हैं। अपने काम और संघर्ष के दम आज वह अपनी टीम की सफल बीमा सखी हैं। इसमें उनके परिवार के लोगों का भी बराबर का सहयोग रहा। साल 2012 कुसुम की शादी प्रदीप के साथ हुई थी। शुरुआती दिनों में परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इस पर कुसुम ने पति का सहयोग करने के लिए नौकरी के बारे में सोचा। इसी दौरान वह एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगीं और लंबे समय उसने अध्यापन किया।
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यहीं से उनके मन में कुछ और बड़ा करने की इच्छा जाहिर हुई। आज वह बीमा सखी बन हजारों रुपये कमा रही हैं। इतना ही नहीं वह गांव व आसपास की महिलाओं को इसके लिए जागरूक कर रही हैं। इन्होंने अब तक लगभग सात लोगों को प्रेरित कर बीमा सखी भी बनाया है। कुसुम दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
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