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Ambedkar Nagar News: फर्जी नाम दर्ज कर हड़पने की कोशिश, कोर्ट के आदेश पर केस
Fri, 04 Apr 2025 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 04 Apr 2025 10:50 PM IST
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अंबेडकरनगर। टांडा क्षेत्र के डुहिया निवासी रवींद्र कुमार यादव ने न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में वाद दाखिल करते हुए आरोप लगाया है कि उसके परिवार रजिस्टर में साजिश के तहत फर्जी नाम दर्ज कर जमीन हड़पने की कोशिश की गई है।
इस मामले में उन्होंने गांव के ही सात नामजद व्यक्तियों सहित तीन-चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। रविन्द्र यादव के अनुसार, उनके परिवार रजिस्टर में क्रम संख्या 10, 11, 19 और 20 पर छेड़छाड़ की गई है। इसमें रामनयन व कलावती नामक व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से दर्ज कराए गए, जो परिवार के सदस्य नहीं हैं। इतना ही नहीं, रामनयन की फोटो किसी अन्य व्यक्ति की लगाकर वसीयतनामा तैयार कराया गया है।
आरोप है कि यह सारा षड्यंत्र मुन्नर यादव व उसके बेटों समेत अन्य विपक्षीगण ने रची। मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा, तब जाकर सचिव ने लिखित जवाब दिया। वादी का आरोप है कि चार सितंबर 2018 को जो वसीयत तैयार कराई गई, उसमें जिस व्यक्ति का फोटो लगाया गया है वह बस्ती जनपद के मुरादपुर निवासी है, जिसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
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रविंद्र ने थाने और पुलिस अधीक्षक को भी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उसने अब न्यायालय की शरण ली है। इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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इस मामले में उन्होंने गांव के ही सात नामजद व्यक्तियों सहित तीन-चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। रविन्द्र यादव के अनुसार, उनके परिवार रजिस्टर में क्रम संख्या 10, 11, 19 और 20 पर छेड़छाड़ की गई है। इसमें रामनयन व कलावती नामक व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से दर्ज कराए गए, जो परिवार के सदस्य नहीं हैं। इतना ही नहीं, रामनयन की फोटो किसी अन्य व्यक्ति की लगाकर वसीयतनामा तैयार कराया गया है।
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आरोप है कि यह सारा षड्यंत्र मुन्नर यादव व उसके बेटों समेत अन्य विपक्षीगण ने रची। मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा, तब जाकर सचिव ने लिखित जवाब दिया। वादी का आरोप है कि चार सितंबर 2018 को जो वसीयत तैयार कराई गई, उसमें जिस व्यक्ति का फोटो लगाया गया है वह बस्ती जनपद के मुरादपुर निवासी है, जिसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
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रविंद्र ने थाने और पुलिस अधीक्षक को भी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उसने अब न्यायालय की शरण ली है। इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।