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Ambedkar Nagar News: परमात्मा की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम और समर्पण से ही संभव
Sat, 29 Nov 2025 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 29 Nov 2025 11:06 PM IST
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अंबेडकरनगर। महरुआ के सरखने में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को पं. दिवाकर धराचार्य महाराज (अयोध्या धाम) ने श्रीकृष्ण की विविध बाल-लीलाओं का विस्तृत एवं भावपूर्ण वर्णन किया। महाराज ने कहा कि सच्चा धनवान वही है जो अपने तन, मन और धन से सेवा तथा भक्ति करता है। परमात्मा की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम और समर्पण से ही संभव है।
पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि राक्षसी पुतना बालकृष्ण को स्तनपान कराने के बहाने उठाकर ले गई, परंतु भगवान ने उसके प्राण हरकर भी उसका कल्याण किया। इसके पश्चात माता यशोदा ने पंचगव्य से ठाकुरजी का स्नान कराते हुए उन्हें आलिंगन में लिया। महाराज ने कहा कि गाय की सेवा से 33 कोटि देवताओं की सेवा हो जाती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गोसेवा, गायत्री जाप और गीता पाठ अवश्य करना चाहिए।
दिवाकर महाराज ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने धर्म से दूर होती जा रही है। यदि परिवार चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां संस्कारी बनें, तो उन्हें गीता, भागवत और रामायण का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर वृंदावन दूबे, प्रेमा दूबे, भोलानाथ दुबे, अजय दुबे, राजेश दुबे, शिवांश दुबे, हरिओम दुबे, प्रियांशु दुबे सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे।
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पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि राक्षसी पुतना बालकृष्ण को स्तनपान कराने के बहाने उठाकर ले गई, परंतु भगवान ने उसके प्राण हरकर भी उसका कल्याण किया। इसके पश्चात माता यशोदा ने पंचगव्य से ठाकुरजी का स्नान कराते हुए उन्हें आलिंगन में लिया। महाराज ने कहा कि गाय की सेवा से 33 कोटि देवताओं की सेवा हो जाती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गोसेवा, गायत्री जाप और गीता पाठ अवश्य करना चाहिए।
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दिवाकर महाराज ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने धर्म से दूर होती जा रही है। यदि परिवार चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां संस्कारी बनें, तो उन्हें गीता, भागवत और रामायण का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर वृंदावन दूबे, प्रेमा दूबे, भोलानाथ दुबे, अजय दुबे, राजेश दुबे, शिवांश दुबे, हरिओम दुबे, प्रियांशु दुबे सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे।
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