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स्वस्थ शरीर से ही तय की जा सकती बेहतर समाज की स्थाना
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अंबेडकरनगर के जयराम वर्मा बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत आयोजित कार्य?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। सेहतमंद शरीर व मानसिक मजबूती से ही स्वस्थ समाज की स्थापना हो सकती है। बेहतर खानपान व समुचित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ये विचार बुधवार को अकबरपुर के मोहसिनपुर स्थित जयराम वर्मा बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला अपराजिता के 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित स्वास्थ्य कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या कमला वर्मा ने व्यक्त किए। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखें।
ऐसा तभी हो सकता है जब शरीर स्वस्थ रहेगा। खानपान पर विशेष ध्यान देने के साथ ही सफाई भी रखनी होगी। शिक्षक इंद्रावती, मालती वर्मा, दिनेश कुमार, रमेश, महेंद्र कुमार, धु्रवराज, सरोज, पुष्पा व प्रिया वर्मा ने भी छात्राओं को टिप्स दिए।
छात्रा कविता, शिवानी व ज्योति ने कहा कि मौजूदा समय में संक्रामक रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जागरूकता से ही इस पर अंकुश लगाया जा सकता है। साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ज्यादातर संक्रामक रोग गंदगी चलते फैलते हैं। इसके अलावा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए न सिर्फ पौष्टिक आहार ग्रहण लें बल्कि फलों का भी प्रयोग करें।
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छात्रा संगम यादव, मनीषा व रोजी ने कहा कि मानसिक व शारीरिक मजबूती के लिए खानपान की बेहतरी जरूरी है। इसके लिए खानपान का जहां विशेष ध्यान रखना होगा वहीं साफ सफाई पर भी ध्यान दें। ऐसा करने से संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाया जा सकता है। स्वस्थ समाज की स्थापना के लिए सभी को स्वस्थ रहना होगा। इसके लिए सभी को जागरूक करना होगा।
छात्रा आकांक्षा, श्वेता व रिया ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खुद को अंदर से मजबूत करना होगा। खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे भोजन से परहेज करें जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। तैलीय व मसालेदार खाद्य सामग्रियों का प्रयोग कम करें। ऐसा करने से ही स्वास्थ्य बेहतर रह सकेगा।
छात्रा उम्मे कुलसुम, प्रियंका व संजना ने कहा कि शरीर स्वस्थ रहेगा तो सोच भी सकारात्मक होगी। सकारात्मक सोच के आधार पर किसी भी सफलता को आसानी से हासिल किया जा सकता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि न सिर्फ अपने स्वास्थ्य पर खुद ध्यान देंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।
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ऐसा तभी हो सकता है जब शरीर स्वस्थ रहेगा। खानपान पर विशेष ध्यान देने के साथ ही सफाई भी रखनी होगी। शिक्षक इंद्रावती, मालती वर्मा, दिनेश कुमार, रमेश, महेंद्र कुमार, धु्रवराज, सरोज, पुष्पा व प्रिया वर्मा ने भी छात्राओं को टिप्स दिए।
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छात्रा कविता, शिवानी व ज्योति ने कहा कि मौजूदा समय में संक्रामक रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जागरूकता से ही इस पर अंकुश लगाया जा सकता है। साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ज्यादातर संक्रामक रोग गंदगी चलते फैलते हैं। इसके अलावा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए न सिर्फ पौष्टिक आहार ग्रहण लें बल्कि फलों का भी प्रयोग करें।
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छात्रा संगम यादव, मनीषा व रोजी ने कहा कि मानसिक व शारीरिक मजबूती के लिए खानपान की बेहतरी जरूरी है। इसके लिए खानपान का जहां विशेष ध्यान रखना होगा वहीं साफ सफाई पर भी ध्यान दें। ऐसा करने से संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाया जा सकता है। स्वस्थ समाज की स्थापना के लिए सभी को स्वस्थ रहना होगा। इसके लिए सभी को जागरूक करना होगा।
छात्रा आकांक्षा, श्वेता व रिया ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खुद को अंदर से मजबूत करना होगा। खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे भोजन से परहेज करें जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। तैलीय व मसालेदार खाद्य सामग्रियों का प्रयोग कम करें। ऐसा करने से ही स्वास्थ्य बेहतर रह सकेगा।
छात्रा उम्मे कुलसुम, प्रियंका व संजना ने कहा कि शरीर स्वस्थ रहेगा तो सोच भी सकारात्मक होगी। सकारात्मक सोच के आधार पर किसी भी सफलता को आसानी से हासिल किया जा सकता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि न सिर्फ अपने स्वास्थ्य पर खुद ध्यान देंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।