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25 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही मिलेगा अपना भवन
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अंबेडकरनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 25 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही अपना भवन नसीब होने वाला है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन को कार्यदायी संस्था द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय को हैंडओवर कर दिया जाएगा। नए भवन में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से करीब 25 हजार से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा।
पुष्टाहार योजना के साथ ही अन्य कई प्रकार की योजनाओं का संचालन करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा व दिशा सुधारने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन व किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बताते चलें कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 2548 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से मात्र 235 केंद्रों को ही अपना भवन मिल सका है। 1719 केंद्र प्राथमिक विद्यालय में, 436 केंद्र पंचायत भवन में संचालित हो रहे हैं। 158 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जो किराए के भवन में लंबे समय से संचालित हो रहे हैं।
वर्ष 1018-19 में शासन ने 45 आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराने की मंजूरी प्रदान की थी। 7 लाख 52 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरईएस व पीडब्लूडी को दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 25 भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरईएस जबकि 20 की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई। इसमें भी 5 भवन की जिम्मेदारी प्रांतीय खंड, जबकि 15 भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था निर्माण खंड को सौंपी गई। इस बीच मौजूदा समय में 25 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसमें पीडब्लूडी के 12 जबकि आरईएस के 13 भवन शामिल हैं। मौजूदा समय में संबंधित भवनों के रंगरोगन का कार्य चल रहा है। नए भवन में केंद्र के संचालन से लगभग 25 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
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25 आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। रंगरोगन का कार्य चल रहा है। जल्द ही कार्यदायी संस्था द्वारा विभाग को नया भवन हैंडओवर कर दिया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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पुष्टाहार योजना के साथ ही अन्य कई प्रकार की योजनाओं का संचालन करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा व दिशा सुधारने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन व किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बताते चलें कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 2548 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से मात्र 235 केंद्रों को ही अपना भवन मिल सका है। 1719 केंद्र प्राथमिक विद्यालय में, 436 केंद्र पंचायत भवन में संचालित हो रहे हैं। 158 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जो किराए के भवन में लंबे समय से संचालित हो रहे हैं।
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वर्ष 1018-19 में शासन ने 45 आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराने की मंजूरी प्रदान की थी। 7 लाख 52 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरईएस व पीडब्लूडी को दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 25 भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरईएस जबकि 20 की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई। इसमें भी 5 भवन की जिम्मेदारी प्रांतीय खंड, जबकि 15 भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था निर्माण खंड को सौंपी गई। इस बीच मौजूदा समय में 25 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसमें पीडब्लूडी के 12 जबकि आरईएस के 13 भवन शामिल हैं। मौजूदा समय में संबंधित भवनों के रंगरोगन का कार्य चल रहा है। नए भवन में केंद्र के संचालन से लगभग 25 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
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25 आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। रंगरोगन का कार्य चल रहा है। जल्द ही कार्यदायी संस्था द्वारा विभाग को नया भवन हैंडओवर कर दिया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी