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Ambedkar Nagar News: दुकानें हटने के बाद परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट
Tue, 08 Apr 2025 10:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 08 Apr 2025 10:47 PM IST
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मोहम्मद बशीर
किछौछा (अंबेडकरनगर)। नगर पंचायत किछौछा में कब्रिस्तान की भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने के बाद यहां काबिज दुकानदारों में मायूसी छा गई है। करीब 30 से 35 वर्षों से यह दुकानदार तेज धूप और बारिश से बचने के लिए प्लास्टिक और पन्नी के सहारे अपनी छोटी-छोटी दुकानें चलाते आ रहे हैं। दुकानें हटने के बाद अब उनके आगे भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
नहीं बचा आय का साधन
फोटो- 28
इस उम्र में उनकी छोटी सी दुकान ही एकमात्र सहारा थी। रोज जब दुकान खुलती थी तो कुछ पैसे कमा कर घर ले जाते हैं, जिससे घर का खर्च चलता है। दुकान हटने के बाद उनके पास जीवन यापन का कोई दूसरा साधन नहीं बचा है।
- मोहम्मद बशीर
नहीं सुनी अपील
फोटो- 29
कई दशकों से इसी स्थान पर दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। प्रशासन से अनुरोध किया कि तत्काल दुकान न हटाई जाए, क्योंकि अचानक रोजगार छिन जाने से उनके परिवार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, पर सुनवाई नहीं हुई।
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हसन रजा शाह
पहले ही हट गई दुकान
फोटो- 30
मखदूम अशरफ की दरगाह पर एक मरीज को लेकर आए थे, लेकिन पैसे की तंगी के चलते अस्थायी रूप से एक छोटी सी दुकान लगा ली थी, ताकि इलाज के दौरान गुजारा हो सके। मरीज ठीक हो जाने पर दुकान हटाने की तैयारी थी, लेकिन इसके पहले ही दुकान हट गई।
- बागेश्वर पांडे
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नहीं बचा आय का साधन
फोटो- 28
इस उम्र में उनकी छोटी सी दुकान ही एकमात्र सहारा थी। रोज जब दुकान खुलती थी तो कुछ पैसे कमा कर घर ले जाते हैं, जिससे घर का खर्च चलता है। दुकान हटने के बाद उनके पास जीवन यापन का कोई दूसरा साधन नहीं बचा है।
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- मोहम्मद बशीर
नहीं सुनी अपील
फोटो- 29
कई दशकों से इसी स्थान पर दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। प्रशासन से अनुरोध किया कि तत्काल दुकान न हटाई जाए, क्योंकि अचानक रोजगार छिन जाने से उनके परिवार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, पर सुनवाई नहीं हुई।
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हसन रजा शाह
पहले ही हट गई दुकान
फोटो- 30
मखदूम अशरफ की दरगाह पर एक मरीज को लेकर आए थे, लेकिन पैसे की तंगी के चलते अस्थायी रूप से एक छोटी सी दुकान लगा ली थी, ताकि इलाज के दौरान गुजारा हो सके। मरीज ठीक हो जाने पर दुकान हटाने की तैयारी थी, लेकिन इसके पहले ही दुकान हट गई।
- बागेश्वर पांडे