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Ambedkar Nagar News: दो ग्रामीणों को घायल करने के बाद घेराबंदी कर मारा सियार
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कटेहरी के पियारे पुर गांव में सियार से घायल युवक व घटना की जानकारी लेते अधिकारी -संवाद
कटेहरी (अंबेडकरनगर)। अवध के जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों के बीच बृहस्पतिवार देर रात अहिरौली थाना क्षेत्र के पियारेपुर गांव में सियारों ने लोगों पर हमला कर दिया। इसमें दो ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक सियार को मार डाला जबकि अन्य भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने इसके बाद पूरी रात लाठी-डंडा लेकर पहरा दिया। रात डेढ़ बजे करीब सियारों का झुंड गांव की तरफ वापस लौटा। हालांकि इस बार ग्रामीणों ने उन्हें किसी पर हमला करने से पहले ही खदेड़ दिया। अधिकारियों ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों को कांबिंग कर जंगली जानवरों को पकड़ने का भरोसा दिलाया है।
अलग-अलग जनपदों में भेड़ियों व अन्य जंगली जानवरों के आदमखोर हो जाने की बढ़ती घटनाओं के बीच अब जंगली जानवर के हमले की घटना जिले में भी हो गई। अहिरौली थाना क्षेत्र के पियारेपुर गांव में बृहस्पतिवार रात दस बजे के बाद गांव निवासी मजदूर करमुल्लाह के घर एक सियार ने हमला कर दिया। उस समय करमुल्लाह उनका पुत्र रेहान व भतीजा अमन कुर्सी पर बैठकर बात कर रहे थे। इसी बीच वहां पहुंचे सियार ने 15 वर्षीय रेहान के पैर में काट लिया। रेहान ने छुड़ाने की कोशिश की तो उसके हाथ को भी निशाना बना लिया। यह देख अमन तेजी से घर के अंदर भागा, जिससे असंतुलित होकर गिर पड़ा, इसमें उसे चोट आ गई। उधर करमुल्लाह व रेहान ने गुहार मचा दिया तो लोग लाठी-डंडा लेकर दौड़ पड़े। इस पर सियार भाग गया।
करीब 10 मिनट बाद गांव के दूसरे छोर पर स्थित निजामुद्दीन के घर भी सियार ने हमला कर दिया। 28 वर्षीय निजामुद्दीन उस समय छप्पर के नीचे पत्नी व बच्चों के साथ सो रहे थे। घर के सामने स्थित एक छप्पर में उनकी दो बकरियां बंधी थीं। सियार ने बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियों की आवाज पर निजामुद्दीन बिस्तर से उतरे तो सियार ने उन पर धावा बोल दिया। उनके बाएं हाथ की उंगली पर उसने काट लिया। इसके बाद गुहार पर पहुंचे लोगों ने पीट पीटकर सियार को मार डाला। थोड़ी देर बाद एंबुलेंस से निजामुद्दीन व रेहान को सीएचसी ले जाया गया। वहां मरहम पट्टी तथा इंजेक्शन लगाने के बाद दोनों को घर पहुंचा दिया गया।
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रात डेढ़ बजे दोबारा पहुंचा सियारों का झुंड
पियारेपुर गांव में रात 10 बजे से साढ़े दस बजे के बीच दो अलग-अलग बार सियारों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला किया। इसके बाद लोग लाठी-डंडा लेकर पहरा देने लगे। कुछ लोग गांव के भीतर लाठी-लेकर बैठे रहे तो कुछ ग्रामीणों ने गांव के बाहर मोर्चा संभाला। घरों से दर्जनों टाॅर्च लेकर लोग अगल बगल स्थित झाड़ियों पर रोशनी डालते रहे। ग्रामीणों को रात डेढ़ बजे करीब पियारेपुर मार्ग की तरफ से करीब छह सात सियारों का झुंड गांव की तरफ आता दिखा। ग्रामीण इस बार पहले से मुस्तैद थे। सियारों का झुंड जब गांव के नजदीक आने लगा तो ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर दौड़ पड़े। भीड़ को देखते हुए सियार भाग निकले। सियार के हमले में घायल निजामुद्दीन ने बताया कि सियारों के झुंड ने एक बार तो हमला करने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों की भीड़ को देख वे खेतों के सहारे भाग निकले।
भेड़िये के खौफ से पूरी रात जागे लोगसियारों के हमले के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात पहरा दिया। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया। सभी बच्चों व महिलाओं को घरों के अंदर सोने के लिए भेज दिया गया। कई घरों की महिलाएं एक ही जगह जुटीं और बच्चों को सुलाकर उनके इर्द-गिर्द मौजूद रहीं। महिलाओं के बीच पूरी रात जंगली जानवर को लेकर भयभीत रहीं। दरअसल पूरे गांव में यह चर्चा थी कि सियार के अलावा भेड़िया या कोई अन्य जंगली जानवर भी है। सुबह प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उमेश तिवारी व एसडीएम सौरभ शुक्ल शुक्रवार सुबह गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। यह सियार का हमला है। शनिवार रात को गांव व आसपास के क्षेत्रों में सघन कांबिंग कराई जाएगी। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि रात में सजगता बरतें।
पोस्टमाॅर्टम कर वन विभाग ने दफनाया
सियार को मार गिराने के बाद अहिरौली थाने की पुलिस टीम रात में पहुंची। आसपास की झाड़ियों में सियार की तलाश की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस बीच वन विभाग की टीम शुक्रवार सुबह गांव पहुंची। वहां ग्रामीणों द्वारा मारे गए सियार के शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसका पोस्टमाॅर्टम कटेहरी पशु अस्पताल में कराया गया। वन विभाग ने बाद में शव को दफना दिया।
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अलग-अलग जनपदों में भेड़ियों व अन्य जंगली जानवरों के आदमखोर हो जाने की बढ़ती घटनाओं के बीच अब जंगली जानवर के हमले की घटना जिले में भी हो गई। अहिरौली थाना क्षेत्र के पियारेपुर गांव में बृहस्पतिवार रात दस बजे के बाद गांव निवासी मजदूर करमुल्लाह के घर एक सियार ने हमला कर दिया। उस समय करमुल्लाह उनका पुत्र रेहान व भतीजा अमन कुर्सी पर बैठकर बात कर रहे थे। इसी बीच वहां पहुंचे सियार ने 15 वर्षीय रेहान के पैर में काट लिया। रेहान ने छुड़ाने की कोशिश की तो उसके हाथ को भी निशाना बना लिया। यह देख अमन तेजी से घर के अंदर भागा, जिससे असंतुलित होकर गिर पड़ा, इसमें उसे चोट आ गई। उधर करमुल्लाह व रेहान ने गुहार मचा दिया तो लोग लाठी-डंडा लेकर दौड़ पड़े। इस पर सियार भाग गया।
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करीब 10 मिनट बाद गांव के दूसरे छोर पर स्थित निजामुद्दीन के घर भी सियार ने हमला कर दिया। 28 वर्षीय निजामुद्दीन उस समय छप्पर के नीचे पत्नी व बच्चों के साथ सो रहे थे। घर के सामने स्थित एक छप्पर में उनकी दो बकरियां बंधी थीं। सियार ने बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियों की आवाज पर निजामुद्दीन बिस्तर से उतरे तो सियार ने उन पर धावा बोल दिया। उनके बाएं हाथ की उंगली पर उसने काट लिया। इसके बाद गुहार पर पहुंचे लोगों ने पीट पीटकर सियार को मार डाला। थोड़ी देर बाद एंबुलेंस से निजामुद्दीन व रेहान को सीएचसी ले जाया गया। वहां मरहम पट्टी तथा इंजेक्शन लगाने के बाद दोनों को घर पहुंचा दिया गया।
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रात डेढ़ बजे दोबारा पहुंचा सियारों का झुंड
पियारेपुर गांव में रात 10 बजे से साढ़े दस बजे के बीच दो अलग-अलग बार सियारों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला किया। इसके बाद लोग लाठी-डंडा लेकर पहरा देने लगे। कुछ लोग गांव के भीतर लाठी-लेकर बैठे रहे तो कुछ ग्रामीणों ने गांव के बाहर मोर्चा संभाला। घरों से दर्जनों टाॅर्च लेकर लोग अगल बगल स्थित झाड़ियों पर रोशनी डालते रहे। ग्रामीणों को रात डेढ़ बजे करीब पियारेपुर मार्ग की तरफ से करीब छह सात सियारों का झुंड गांव की तरफ आता दिखा। ग्रामीण इस बार पहले से मुस्तैद थे। सियारों का झुंड जब गांव के नजदीक आने लगा तो ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर दौड़ पड़े। भीड़ को देखते हुए सियार भाग निकले। सियार के हमले में घायल निजामुद्दीन ने बताया कि सियारों के झुंड ने एक बार तो हमला करने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों की भीड़ को देख वे खेतों के सहारे भाग निकले।
भेड़िये के खौफ से पूरी रात जागे लोगसियारों के हमले के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात पहरा दिया। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया। सभी बच्चों व महिलाओं को घरों के अंदर सोने के लिए भेज दिया गया। कई घरों की महिलाएं एक ही जगह जुटीं और बच्चों को सुलाकर उनके इर्द-गिर्द मौजूद रहीं। महिलाओं के बीच पूरी रात जंगली जानवर को लेकर भयभीत रहीं। दरअसल पूरे गांव में यह चर्चा थी कि सियार के अलावा भेड़िया या कोई अन्य जंगली जानवर भी है। सुबह प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उमेश तिवारी व एसडीएम सौरभ शुक्ल शुक्रवार सुबह गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। यह सियार का हमला है। शनिवार रात को गांव व आसपास के क्षेत्रों में सघन कांबिंग कराई जाएगी। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि रात में सजगता बरतें।
पोस्टमाॅर्टम कर वन विभाग ने दफनाया
सियार को मार गिराने के बाद अहिरौली थाने की पुलिस टीम रात में पहुंची। आसपास की झाड़ियों में सियार की तलाश की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस बीच वन विभाग की टीम शुक्रवार सुबह गांव पहुंची। वहां ग्रामीणों द्वारा मारे गए सियार के शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसका पोस्टमाॅर्टम कटेहरी पशु अस्पताल में कराया गया। वन विभाग ने बाद में शव को दफना दिया।