{"_id":"6243450d68bcd46412658b5d","slug":"accountant-missing-stir-ambedkar-nagar-news-lko62371629","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपाल लापता, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपाल लापता, मचा हड़कंप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। आलापुर तहसील में कार्यरत लेखपाल के संदिग्ध हालात में लापता हो जाने से हड़कंप मच गया है। जहांगीरगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उधर, लेखपाल की पत्नी ने एसपी को पत्र देकर एसडीएम पर प्रताड़ना करने का आरोप लगाया है। एसडीएम व रजिस्ट्रार कानूनगो पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग भी की गई। वहीं, एसडीएम का कहना है कि लेखपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद ही यह घटनाक्रम सामने आया है। पूरी जानकारी कराई जा रही है।
बीते दिनों विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान एसडीएम आलापुर मोहनलाल ने लेखपाल संघ के तहसील उपाध्यक्ष रामसजीवन वर्मा व मंत्री अनुज प्रताप वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इनमें से अनुज ने तो नोटिस रिसीव कर लिया था, लेकिन रामसजीवन पर आरोप था कि वे नोटिस स्वीकार नहीं कर रहे थे। उन्हें कई बार फोन भी किया गया। इस पर भी कुछ नहीं हुआ तो सोमवार को तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा ने उन्हें फोन कर नोटिस रिसीव करने को कहा। बताया जाता है कि इसके कुछ देर बाद ही लेखपाल के लापता हो जाने की खबर सामने आई।
उनकी पत्नी मिथिलेश वर्मा ने एसपी आलोक प्रियदर्शी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 28 मार्च को दोपहर करीब 11 बजे उनके पति तहसील गए थे। लेकिन इसके बाद से नहीं लौटे। उन्होंने एसडीएम पर लिखित आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा कई माह से शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनके पति काफी परेशान थे। 28 मार्च को ही एसडीएम के कहने पर रजिस्ट्रार कानूनगो वैभव अग्रवाल ने फोन कर पति को तहसील बुलाया था। इसके बाद से वे नहीं लौटे। पत्र में एसडीएम व रजिस्ट्रार कानूनगो पर मिलकर पति की हत्या करने जैसा गंभीर आरोप भी लगाया। मिथिलेश ने एसपी को भेजे प्रार्थना पत्र में केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
मिथिलेश ने जहांगीरगंज थाने में भी सूचना दी थी। इस पर जहांगीरगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उधर, एसडीएम मोहनलाल गुप्त ने कहा कि मुझे किसी प्रकार के आरोपों की कोई जानकारी नहीं है। कार्य में लापरवाही को लेकर लेखपाल रामसजीवन को नोटिस जारी किया गया था। उन्हें नोटिस रिसीव करने के लिए फोन कराया गया था। इसके बाद से ही उनका पता न चलने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
बीते दिनों विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान एसडीएम आलापुर मोहनलाल ने लेखपाल संघ के तहसील उपाध्यक्ष रामसजीवन वर्मा व मंत्री अनुज प्रताप वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इनमें से अनुज ने तो नोटिस रिसीव कर लिया था, लेकिन रामसजीवन पर आरोप था कि वे नोटिस स्वीकार नहीं कर रहे थे। उन्हें कई बार फोन भी किया गया। इस पर भी कुछ नहीं हुआ तो सोमवार को तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा ने उन्हें फोन कर नोटिस रिसीव करने को कहा। बताया जाता है कि इसके कुछ देर बाद ही लेखपाल के लापता हो जाने की खबर सामने आई।
विज्ञापन
उनकी पत्नी मिथिलेश वर्मा ने एसपी आलोक प्रियदर्शी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 28 मार्च को दोपहर करीब 11 बजे उनके पति तहसील गए थे। लेकिन इसके बाद से नहीं लौटे। उन्होंने एसडीएम पर लिखित आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा कई माह से शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनके पति काफी परेशान थे। 28 मार्च को ही एसडीएम के कहने पर रजिस्ट्रार कानूनगो वैभव अग्रवाल ने फोन कर पति को तहसील बुलाया था। इसके बाद से वे नहीं लौटे। पत्र में एसडीएम व रजिस्ट्रार कानूनगो पर मिलकर पति की हत्या करने जैसा गंभीर आरोप भी लगाया। मिथिलेश ने एसपी को भेजे प्रार्थना पत्र में केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
मिथिलेश ने जहांगीरगंज थाने में भी सूचना दी थी। इस पर जहांगीरगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उधर, एसडीएम मोहनलाल गुप्त ने कहा कि मुझे किसी प्रकार के आरोपों की कोई जानकारी नहीं है। कार्य में लापरवाही को लेकर लेखपाल रामसजीवन को नोटिस जारी किया गया था। उन्हें नोटिस रिसीव करने के लिए फोन कराया गया था। इसके बाद से ही उनका पता न चलने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है।