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चौपाल से रिकॉर्ड समेत लेखपाल नदारद, निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 04 Oct 2016 11:20 PM IST
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चौपाल
- फोटो : demo pic
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लोहिया गांव अमोली मोहिउद्दीनपुर में चौपाल लगने की जानकारी के बाद भी रिकॉर्ड के साथ गायब हो जाने वाले लेखपाल को डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मंगलवार को निलंबित कर दिया। डीएम ने कहा कि चौपाल जैसे आयोजन को सिर्फ औपचारिकता समझने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को अपने इस रवैये में बदलाव लाना होगा।
बाद में डीएम ने चौपाल में जनसुनवाई की और समस्याओं के अविलंब निस्तारण का निर्देश दिया। तहसील दिवस के आयोजन के बाद अधिकारियों की टीम द्वारा संबंधित तहसील के किसी एक गांव में चौपाल लगाए जाने की परंपरा है।
इसी क्रम में मंगलवार को अकबरपुर तहसील के अमोली मोहिउद्दीनपुर गांव में चौपाल आयोजित की गई थी। वहां तमाम फरियादी दोपहर बाद से पहुंचने लगे थे। अकबरपुर तहसील दिवस में जनसुनवाई करने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव अधिकारियों की टीम के साथ अपह्रान करीब गांव पहुंचे।
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डीएम ने वहां ग्रामीणों की शिकायतों व समस्याओं की सुनवाई शुरू की। ग्रामीणों ने वरासत व नकल मिलने में समस्या के अलावा बताया कि आग से हुए नुकसान मामले में भी अभी तक सहायता नहीं मिल पाई है। डीएम ने इस पर लेखपाल के बारे में पूछताछ शुरू की और उसे सामने आने को कहा।
डीएम की पूछताछ के बाद पता चला कि वहां तैनात लेखपाल मौके पर मौजूद ही नहीं है। कई आवश्यक रिकॉर्ड भी उसके साथ होने की जानकारी डीएम को मिली। ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल कुछ देर पहले तक तो वहां मौजूद था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के आने की जानकारी मिलते ही मौके से चला गया।
डीएम ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि चौपाल जैसे आयोजन को लेकर इस तरह की मनमानी व लापरवाही कतई ठीक नहीं है। चौपाल का आयोजन लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए होता है, जिसमें सभी ग्रामस्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी आवश्यक होती है।
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बाद में डीएम ने चौपाल में जनसुनवाई की और समस्याओं के अविलंब निस्तारण का निर्देश दिया। तहसील दिवस के आयोजन के बाद अधिकारियों की टीम द्वारा संबंधित तहसील के किसी एक गांव में चौपाल लगाए जाने की परंपरा है।
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इसी क्रम में मंगलवार को अकबरपुर तहसील के अमोली मोहिउद्दीनपुर गांव में चौपाल आयोजित की गई थी। वहां तमाम फरियादी दोपहर बाद से पहुंचने लगे थे। अकबरपुर तहसील दिवस में जनसुनवाई करने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव अधिकारियों की टीम के साथ अपह्रान करीब गांव पहुंचे।
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डीएम ने वहां ग्रामीणों की शिकायतों व समस्याओं की सुनवाई शुरू की। ग्रामीणों ने वरासत व नकल मिलने में समस्या के अलावा बताया कि आग से हुए नुकसान मामले में भी अभी तक सहायता नहीं मिल पाई है। डीएम ने इस पर लेखपाल के बारे में पूछताछ शुरू की और उसे सामने आने को कहा।
डीएम की पूछताछ के बाद पता चला कि वहां तैनात लेखपाल मौके पर मौजूद ही नहीं है। कई आवश्यक रिकॉर्ड भी उसके साथ होने की जानकारी डीएम को मिली। ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल कुछ देर पहले तक तो वहां मौजूद था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के आने की जानकारी मिलते ही मौके से चला गया।
डीएम ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि चौपाल जैसे आयोजन को लेकर इस तरह की मनमानी व लापरवाही कतई ठीक नहीं है। चौपाल का आयोजन लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए होता है, जिसमें सभी ग्रामस्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी आवश्यक होती है।