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अभिषेक का जिले में था काफी रसूख
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Wed, 29 Jul 2015 11:49 PM IST
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लखनऊ में हत्या के मामले में पकड़ा गया भाजपा नेता अभिषेक त्रिपाठी मूलत: जलालपुर थाना क्षेत्र के दारानगर गांव का रहने वाला था। उसके पिता सेवाराम त्रिपाठी लगभग दो दशक पूर्व ही यहां से चले गए थे। सेवाराम व अभिषेक द्वारा मिलकर लखनऊ व मुंबई में कई प्रकार के व्यवसाय किए जाते हैं।
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देखते ही देखते अभिषेक ने बड़ा कारोबार शुरू कर दिया। आमतौर पर अभिषेक का जलालपुर आनाजाना बहुत कम था, लेकिन बीते लोकसभा चुनाव में उसने भाजपा के टिकट के लिए अपनी दावेदारी जताई। तामझाम के साथ उसने दावेदारी जताई, तो अन्य दावेदारों में भी खलबली दिखी।
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अभिषेक जब भी यहां आता, तो वाहनों के कई काफिले होते। उसके साथ वाकीटाकी लेकर चलने वाले बाउंसरों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटती थी। वह अक्सर भाजपा के बड़े नेताओं के इर्दगिर्द देखा जाता था। भाजपा के एक राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी से उसके नजदीकी संबंधों की चर्चा जिले में आम थी।
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भाजपा के लखनऊ व दिल्ली के होने वाले कार्यक्रमों में कई बार उसकी भागीदारी देखने को मिली थी, जबकि वरिष्ठ नेताओं के साथ उसकी कई नजदीकी फोटो पहले ही सामने आ चुकी है। इस कारण जिले में पार्टी के बीच भी उसका खासा दबदबा माना जाता था। अब लखनऊ में उसकी गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद यहां लोग हतप्रभ हैं।
उधर पूरे प्रकरण पर पार्टी का पक्ष जानने के लिए जिलाध्यक्ष रामप्रकाश यादव के मोबाइल नंबर पर फोन किया गया, तो वह स्विच आफ मिला। भाजपा सांसद हरिओम पाण्डेय ने कहा कि वे भाजपा के नहीं थे और भाजपा का इस घटनाक्रम से कोई लेनादेना नहीं है।