फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   A display of strength or a political signal under the guise of a fruit based meal

Ambedkar Nagar News: फलाहार के बहाने शक्ति प्रदर्शन या सियासी संकेत?

Thu, 15 Oct 2026 10:37 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 10:37 PM IST
विज्ञापन
A display of strength or a political signal under the guise of a fruit based meal
अकबरपुर के मोहसिनपुर मंसूरपुर स्थित एलआईसी गली में आवास पर फलाहार कार्यक्रम के दौरान अपने समर्थ
अंबेडकरनगर। जलालपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश पांडेय करीब दो साल बाद बृहस्पतिवार को आमजन के बीच पहुंचे। उनके फलाहार कार्यक्रम में भाजपा, सपा और बसपा से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने जिले की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले विधायक की इस सक्रियता को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने सपा छोड़ने या भाजपा में शामिल होने को लेकर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है।
विज्ञापन

विधायक का यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब सपा के तीन विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। अमेठी में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने के दौरान राकेश पांडेय के नाम की भी चर्चा हुई थी। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उस कार्यक्रम में शामिल होने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद आयोजित फलाहार कार्यक्रम में जिले भर से लोगों को आमंत्रित किया गया।
विज्ञापन

राकेश पांडेय के पुत्र और पूर्व सांसद रितेश पांडेय भाजपा में हैं। ऐसे में पिता के सपा विधायक और पुत्र के भाजपा में होने से परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न दलों से जुड़े लोगों की मौजूदगी के बाद यह सवाल फिर उठने लगा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पिता-पुत्र अलग-अलग दलों में रहेंगे या एक साथ राजनीतिक मैदान में उतरेंगे। फिलहाल राकेश पांडेय ने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर चुनाव में बदलते रहे राजनीतिक समीकरण
राकेश पांडेय परिवार का जिले की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है। वर्ष 2009 में बसपा के टिकट पर राकेश पांडेय अंबेडकरनगर से सांसद चुने गए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के डॉ. हरिओम पांडेय ने उन्हें 1.39 लाख मतों से पराजित किया। इसके बाद राकेश पांडेय ने अपने छोटे पुत्र रितेश पांडेय को राजनीति में आगे बढ़ाया।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी रितेश पांडेय ने जलालपुर सीट पर भाजपा के डॉ. राजेश सिंह को 13,030 मतों से हराया। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में राकेश पांडेय ने स्वयं चुनाव लड़ने के बजाय रितेश को मैदान में उतारा। सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रितेश ने भाजपा के मुकुट बिहारी वर्मा को 95,880 मतों से हराकर संसद तक का सफर तय किया।

रितेश के सांसद बनने के बाद जलालपुर सीट पर हुए उपचुनाव में सपा के सुभाष राय ने बसपा की डॉ. छाया वर्मा को 776 मतों से हराया। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभाष राय भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़े, जबकि डॉ. राजेश सिंह बसपा के प्रत्याशी बने। राकेश पांडेय की पसंद बताए जा रहे आशुतोष उपाध्याय को टिकट नहीं मिला। इसके बाद राकेश पांडेय ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़कर डॉ. राजेश सिंह को 13,630 मतों से पराजित किया। अब फलाहार कार्यक्रम के बाद जिले की निगाहें राकेश पांडेय के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed