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रातभर गुल रही समूचे जिले की बिजली
AmbedkarNagar
Updated Tue, 24 Jun 2014 05:31 AM IST
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अंबेडकरनगर। आंधी व बारिश के चलते समूचे जिले की विद्युत आपूर्ति रविवार रातभर ठप रही। लगभग 15 लाख की आबादी पर इसका सीधा असर पड़ा। मौसम के प्रतिकूल रुख के चलते सुल्तानपुर से जिले को आने वाली विद्युत लाइन में गड़बड़ी के साथ ही जिले में कई जगह तार टूटने व खंभों के क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गई। कुछ ही क्षेत्रों में सोमवार प्रात: आपूर्ति बहाल हो सकी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों की बिजली दोपहर से लेकर अपराह्न तक बहाल होती रही। इस दौरान लोगों को पेयजल व उमस भरी गर्मी के जबर्दस्त संकट से
जूझना पड़ा।
रविवार देर सायं साढ़े 8 बजे करीब आई आंधी व उसके बाद कुछ देर तक हुई बारिश ने पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को पटरी से ही उतार डाला। पहले तो सुल्तानपुर से जिले को प्राप्त होने वाली विद्युत लाइन में गड़बड़ी उत्पन्न हो गई। नतीजा यह हुआ कि समूचा जिला साढ़े 8 बजे के बाद अंधेरे में डूब गया। आपूर्ति गुल होने से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बाद में रात साढ़े 9 बजे करीब मौसम साफ हुआ तो लोगों को विद्युत आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद बढ़ी। विद्युत िनगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को कॉल की जाने लगी, लेकिन आमतौर पर उसे रिसीव नहीं किया गया। गड़बड़ी कहां है और कब तक ठीक होगी, यह बताने को भी कोई तैयार नहीं था। थोड़ी देर ही बारिश होने के कारण रात बीतने पर उमस व गर्मी भी महसूस होने लगी। इन सब के बीच बिजली न होने से लोग ठीक से सो नहीं पाए। बीते दिनों जिला मुख्यालय पर पड़ी डकैती व हत्या के खौफ के चलते बिजली न रहने व तेज उमस होने के बावजूद अधिकतर लोग अपने कमरों में ही रात गुजारने को मजबूर रहे।
भोर में लगभग साढ़े तीन बजे करीब सुल्तानपुर से आने वाली विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। इससे अकबरपुर उपकेन्द्र से जुड़े 6 फीडर में से सिर्फ 2 फीडर की बिजली बहाल की जा सकी, जबकि मरैला फीडर से जुड़े जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति तो तब भी बहाल नहीं हुई। उधर अकबरपुर के जिन दो फीडरों की आपूर्ति बहाल हुई थी, वह भी तकनीकी गड़बड़ी से 6 बजे के आसपास ठप हो गई। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे करीब कुछ देर के लिए अकबरपुर उपकेन्द्र की बिजली एक बार फिर बहाल हुई, लेकिन थोड़ी ही देर में फिर से जवाब दे गई। यह सिलसिला शाम तक जारी रहा। उधर मरैला उपकेन्द्र से जुड़ी विद्युत लाइन व खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण अपराह्न करीब विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। इससे पहले रविवार पूरी रात व सोमवार को भी दिन में आपूर्ति लगभग न मिलने के चलते लोगों को पेयजल के जबर्दस्त संकट से जूझना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति तो और भी खस्ताहाल रही। टांडा, जलालपुर, आलापुर, भीटी, इल्तिफातगंज, बेवाना, मालीपुर, कटेहरी, हजपुरा, बरियावन व बसखारी आदि क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति भी हद तक प्रभावित रही।
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जूझना पड़ा।
रविवार देर सायं साढ़े 8 बजे करीब आई आंधी व उसके बाद कुछ देर तक हुई बारिश ने पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को पटरी से ही उतार डाला। पहले तो सुल्तानपुर से जिले को प्राप्त होने वाली विद्युत लाइन में गड़बड़ी उत्पन्न हो गई। नतीजा यह हुआ कि समूचा जिला साढ़े 8 बजे के बाद अंधेरे में डूब गया। आपूर्ति गुल होने से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बाद में रात साढ़े 9 बजे करीब मौसम साफ हुआ तो लोगों को विद्युत आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद बढ़ी। विद्युत िनगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को कॉल की जाने लगी, लेकिन आमतौर पर उसे रिसीव नहीं किया गया। गड़बड़ी कहां है और कब तक ठीक होगी, यह बताने को भी कोई तैयार नहीं था। थोड़ी देर ही बारिश होने के कारण रात बीतने पर उमस व गर्मी भी महसूस होने लगी। इन सब के बीच बिजली न होने से लोग ठीक से सो नहीं पाए। बीते दिनों जिला मुख्यालय पर पड़ी डकैती व हत्या के खौफ के चलते बिजली न रहने व तेज उमस होने के बावजूद अधिकतर लोग अपने कमरों में ही रात गुजारने को मजबूर रहे।
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भोर में लगभग साढ़े तीन बजे करीब सुल्तानपुर से आने वाली विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। इससे अकबरपुर उपकेन्द्र से जुड़े 6 फीडर में से सिर्फ 2 फीडर की बिजली बहाल की जा सकी, जबकि मरैला फीडर से जुड़े जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति तो तब भी बहाल नहीं हुई। उधर अकबरपुर के जिन दो फीडरों की आपूर्ति बहाल हुई थी, वह भी तकनीकी गड़बड़ी से 6 बजे के आसपास ठप हो गई। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे करीब कुछ देर के लिए अकबरपुर उपकेन्द्र की बिजली एक बार फिर बहाल हुई, लेकिन थोड़ी ही देर में फिर से जवाब दे गई। यह सिलसिला शाम तक जारी रहा। उधर मरैला उपकेन्द्र से जुड़ी विद्युत लाइन व खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण अपराह्न करीब विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। इससे पहले रविवार पूरी रात व सोमवार को भी दिन में आपूर्ति लगभग न मिलने के चलते लोगों को पेयजल के जबर्दस्त संकट से जूझना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति तो और भी खस्ताहाल रही। टांडा, जलालपुर, आलापुर, भीटी, इल्तिफातगंज, बेवाना, मालीपुर, कटेहरी, हजपुरा, बरियावन व बसखारी आदि क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति भी हद तक प्रभावित रही।
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