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पहले भी विवादों में रह चुके शंखलाल
AmbedkarNagar
Updated Mon, 15 Apr 2013 05:30 AM IST
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अंबेडकरनगर। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी का विवादों से नाता नया नहीं है। कार्यकर्ताओं से तो अक्सर उनकी नोकझोंक होती ही रहती है, लेकिन अपने गर्म मिजाज के लिए वे अन्य मामलों में भी चर्चा में बने रहते हैं। एक दिन पूर्व कटेहरी में आयोजित सपा कार्यकर्ताओं की बैठक में बात न सुनने वाले अधिकारियों को बंद कमरे में पीटने का फरमान सुना डालने वाले मंत्री जी की फटकार के बाद अकबरपुर पीएचसी में कार्यरत एक चिकित्सक भी लगभग 10 माह पूर्व भय के चलते अवकाश पर चला गया था। शनिवार को कटेहरी में आयोजित बैठक में बात न सुनने वाले अधिकारियों की बंद कमरे में पिटाई की बात करने वाले कटेहरी विधायक व स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी पहले भी कई बार इसी तरह अपना आपा खोते रहे हैं। हालांकि शनिवार की घटनाक्रम के बाद उन्होंने ऐसा कुछ कहने से पूरी तरह इनकार किया है, लेकिन बैठक में मौजूद लोगों से वार्ता करने पर यह साफ हो जाता है कि मंत्री के तेवर कितने उग्र व सुशासन के लिए आपत्तिजनक थे। मंत्री का यह रुख कार्यकर्ता व अधिकारी पहले भी देख चुके हैं। लगभग 10 माह पूर्व महरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत जैतूपुर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। उसका मेडिकल कराने कुछ लोग अकबरपुर पीएचसी पहुंचे थे। बताया जाता है कि मेडिकल के लिए मंत्री शंखलाल मांझी की वार्ता एक कार्यकर्ता ने अपने फोन से ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सुभाष से कराई। उस समय किसी बात को लेकर मंत्री ने कुछ इस तरह का बर्ताव किया कि चिकित्सक दहशत में आ गया। चिकित्सक ने लिखा पढ़ी में तो कोई कारण नहीं दर्शाया, लेकिन भयवश वह कई दिनों की छुट्टी लेकर चला गया। मंत्री के आक्रोश को देखते हुए चिकित्सक का स्थानांतरण टांडा तहसील के उतरेथू में कर दिया गया था।
इस घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि यादव ने मंत्री पर यह आरोप लगा डाला था कि उन्होंने कटेहरी बाजार के एक कार्यक्रम में तत्कालीन महरुआ एसओ को सार्वजनिक तौर पर अपमानित किया। सूर्यमणि ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मंत्री के रवैए की शिकायत की थी। इसमें कहा था कि सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी न दर्ज करने पर महरुआ थानाध्यक्ष को अपमानित किया। विवादों का सिलसिला यहीं तक सीमित नहीं। पहितीपुर क्षेत्र की एक दुराचार पीड़िता भी मंत्री की शिकायत मुख्यमंत्री जनता दर्शन में कर चुकी है। बीएन इंटर कॉलेज के एक कार्यक्रम में राजकीय चिकित्सक को भी अपमानित करने का मामला सामने आ चुका है।
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इस घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि यादव ने मंत्री पर यह आरोप लगा डाला था कि उन्होंने कटेहरी बाजार के एक कार्यक्रम में तत्कालीन महरुआ एसओ को सार्वजनिक तौर पर अपमानित किया। सूर्यमणि ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मंत्री के रवैए की शिकायत की थी। इसमें कहा था कि सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी न दर्ज करने पर महरुआ थानाध्यक्ष को अपमानित किया। विवादों का सिलसिला यहीं तक सीमित नहीं। पहितीपुर क्षेत्र की एक दुराचार पीड़िता भी मंत्री की शिकायत मुख्यमंत्री जनता दर्शन में कर चुकी है। बीएन इंटर कॉलेज के एक कार्यक्रम में राजकीय चिकित्सक को भी अपमानित करने का मामला सामने आ चुका है।
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