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शकील हत्याकांड में माफिया खान मुबारक सहित 6 पर दर्ज हुआ हत्या का केस
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अंबेडकरनगर। बसपा नेता जुरगाम मेंहदी हत्याकांड के मुख्य गवाह मोहम्मद शकील हत्याकांड में जेल में निरूद्ध माफिया सरगना खान मुबारक व जफर सुपारी सहित छह लोगों के विरुद्ध नामजद केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने इस बीच दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगभग एक दर्जन स्थानों पर ताबड़तोड़ छापामारी की। पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शकील का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मंगलवार शाम अज्ञात बदमाशों ने हरसम्हार निवासी हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद शकील की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने गोली गले में मारी थी। परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक का अपराधिक इतिहास भी है। परिजनों ने हत्या कराने का आरोप माफिया खान मुबारक व उसके भाई खान जफर पर लगाया। शकील के पुत्र फैसल ने बुधवार को हंसवर थाने में नामजद तहरीर दी।
बताया कि गत वर्ष हुए बसपा नेता जुरगाम मेंहदी हत्याकांड में उसके पिता शकील मुख्य गवाह थे। उन्हें मामले में गवाही न देने के लिए काफी दिनों से धमकी मिल रही थी। जेल में निरुद्घ खान मुबारक नीरज सिंह निवासी ग्राम असरबने, थाना पीपरपुर जनपद अमेठी, रेहान पुत्र मुस्ताक निवासी अमोला बुजुर्ग थाना आलापुर, यहिया निवासी आरिबपुर हंसवर व मजीद निवासी नसीराबाद हंसवर को मेरे घर भेजकर पिता शकील को डराते धमकाते थे।
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मुकदमे में गवाही न देने के लिए जान से मारने की धमकी देते थे। मेरे पिता ने सुलह करने से मना कर दिया। इसी के चलते 12 नवम्बर की शाम पिता शकील घर से निकले ही थे, तभी यहिया व मजीद ने मेरे पिता को पकड़ लिया, और नीरज सिंह ने मेरे पिता के गले पर सटा कर असलहे से फायर कर दिया।
रेहान बिना नम्बर की बाइक से इन लोगों को लेकर फरार हो गया। मैं अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कुल 6 लोगों के विरुद्घ दर्ज कर छानबीन शुरु कर दिया है।
उधर, बसखारी प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार को सीओ टांडा अमरबहादुर के नेतृत्व में एसओ हंसवर श्रवण सिंह, कोतवाल टांडा संजय पाण्डेय, अलीगंज एसओ रामच्रद्र सरोज, बसखारी एसओ दयाशंकर सिंह व इब्राहिमपुर थाना प्रभारी संजय सिंह पुलिस टीम के साथ हरसम्हार गांव में डटे रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहम्मद शकील के शव को दोपहर करीब गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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मंगलवार शाम अज्ञात बदमाशों ने हरसम्हार निवासी हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद शकील की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने गोली गले में मारी थी। परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक का अपराधिक इतिहास भी है। परिजनों ने हत्या कराने का आरोप माफिया खान मुबारक व उसके भाई खान जफर पर लगाया। शकील के पुत्र फैसल ने बुधवार को हंसवर थाने में नामजद तहरीर दी।
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बताया कि गत वर्ष हुए बसपा नेता जुरगाम मेंहदी हत्याकांड में उसके पिता शकील मुख्य गवाह थे। उन्हें मामले में गवाही न देने के लिए काफी दिनों से धमकी मिल रही थी। जेल में निरुद्घ खान मुबारक नीरज सिंह निवासी ग्राम असरबने, थाना पीपरपुर जनपद अमेठी, रेहान पुत्र मुस्ताक निवासी अमोला बुजुर्ग थाना आलापुर, यहिया निवासी आरिबपुर हंसवर व मजीद निवासी नसीराबाद हंसवर को मेरे घर भेजकर पिता शकील को डराते धमकाते थे।
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मुकदमे में गवाही न देने के लिए जान से मारने की धमकी देते थे। मेरे पिता ने सुलह करने से मना कर दिया। इसी के चलते 12 नवम्बर की शाम पिता शकील घर से निकले ही थे, तभी यहिया व मजीद ने मेरे पिता को पकड़ लिया, और नीरज सिंह ने मेरे पिता के गले पर सटा कर असलहे से फायर कर दिया।
रेहान बिना नम्बर की बाइक से इन लोगों को लेकर फरार हो गया। मैं अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कुल 6 लोगों के विरुद्घ दर्ज कर छानबीन शुरु कर दिया है।
उधर, बसखारी प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार को सीओ टांडा अमरबहादुर के नेतृत्व में एसओ हंसवर श्रवण सिंह, कोतवाल टांडा संजय पाण्डेय, अलीगंज एसओ रामच्रद्र सरोज, बसखारी एसओ दयाशंकर सिंह व इब्राहिमपुर थाना प्रभारी संजय सिंह पुलिस टीम के साथ हरसम्हार गांव में डटे रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहम्मद शकील के शव को दोपहर करीब गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।