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लोक अदालत में निपटे 40 हजार वाद
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अंबेडकरनगर जिला न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निस्तारण कराते फरिय?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें कुल 19 अदालतें लगाई गईं। इस दौरान 40 हजार 197 वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य अतिथि प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार चतुर्थ ने राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे लंबे समय से लंबित वादों का सुचारु रूप से निस्तारण होता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश पद्मनरायन मिश्र ने एक वाद का निस्तारण किया। अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत चंद्रहास राम ने एक वाद निपटाया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अनमोल पाल ने 13 वादों का निस्तारण करते हुए छह लाख 60 हजार रुपये का भरण पोषण जारी किया।
अपर जिला न्यायाधीश कक्ष संख्या एक विश्वनाथ ने 72 वादों का निस्तारण कर एक लाख 22 हजार जुर्माना लगाया। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति रत्नेशमणि त्रिपाठी ने चार वादों का निस्तारण करते हुए दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम आशीष वर्मा ने एक वाद निस्तारित कर 500 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया।
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इसी तरह अपर जिला जज तृतीय नेहा आनंद ने एक वाद का निस्तारण किया। अपर जिला जज पाक्सो प्रथम फरीदा बेगम ने दो वादों का निस्तारण करते हुए एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय पूजा विश्वकर्मा ने नौ वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज त्वरित प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने एक वाद निपटाया। अपर जिला जज त्वरित द्वितीय कमलेश कुमार ने एक वाद का निस्तारण किया। साथ ही ऐतिहासिक निर्णय देते हुए वर्ष 1985 से लंबित प्रमिला देवी बनाम जितेंद्र मुकदमे को निस्तारित किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह द्वितीय ने सबसे अधिक 3520 वादों का निस्तारण कर दो लाख 37 हजार 610 रुपये जुर्माना लगाया। सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार ने 15 वाद निपटाए। साथ ही एक करोड़ आठ लाख 60 हजार 212 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमुद उपाध्याय ने 45 वादों का निस्तारण करते हुए 13 हजार 600 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन जेएन टांडा अजय कुमार मिश्र ने 720 वाद निस्तारित कर 10 लाख 24 हजार 190 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया। इसके अलावा 15 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया।
सिविल जज जूनियर डिवीजन सौम्या द्विवेदी ने 16 वाद निपटाए। सिविल जज जूनियर डिवीजन पंचम अमरनाथ ने 424 वाद, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन 617 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित अशोक कुमार ने 457 वादों का निस्तारण किया। आठ पारिवारिक वाद भी निस्तारित किए गए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश पद्मनरायन मिश्र ने एक वाद का निस्तारण किया। अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत चंद्रहास राम ने एक वाद निपटाया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अनमोल पाल ने 13 वादों का निस्तारण करते हुए छह लाख 60 हजार रुपये का भरण पोषण जारी किया।
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अपर जिला न्यायाधीश कक्ष संख्या एक विश्वनाथ ने 72 वादों का निस्तारण कर एक लाख 22 हजार जुर्माना लगाया। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति रत्नेशमणि त्रिपाठी ने चार वादों का निस्तारण करते हुए दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम आशीष वर्मा ने एक वाद निस्तारित कर 500 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया।
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इसी तरह अपर जिला जज तृतीय नेहा आनंद ने एक वाद का निस्तारण किया। अपर जिला जज पाक्सो प्रथम फरीदा बेगम ने दो वादों का निस्तारण करते हुए एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय पूजा विश्वकर्मा ने नौ वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज त्वरित प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने एक वाद निपटाया। अपर जिला जज त्वरित द्वितीय कमलेश कुमार ने एक वाद का निस्तारण किया। साथ ही ऐतिहासिक निर्णय देते हुए वर्ष 1985 से लंबित प्रमिला देवी बनाम जितेंद्र मुकदमे को निस्तारित किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह द्वितीय ने सबसे अधिक 3520 वादों का निस्तारण कर दो लाख 37 हजार 610 रुपये जुर्माना लगाया। सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार ने 15 वाद निपटाए। साथ ही एक करोड़ आठ लाख 60 हजार 212 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमुद उपाध्याय ने 45 वादों का निस्तारण करते हुए 13 हजार 600 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन जेएन टांडा अजय कुमार मिश्र ने 720 वाद निस्तारित कर 10 लाख 24 हजार 190 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया। इसके अलावा 15 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया।
सिविल जज जूनियर डिवीजन सौम्या द्विवेदी ने 16 वाद निपटाए। सिविल जज जूनियर डिवीजन पंचम अमरनाथ ने 424 वाद, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन 617 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित अशोक कुमार ने 457 वादों का निस्तारण किया। आठ पारिवारिक वाद भी निस्तारित किए गए।