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4 हजार गेहूं किसानों को भुगतान नहीं हुआ

Thu, 03 Jun 2021 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 10:36 PM IST
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4 thousand farmers were not paid the price of wheat
अंबेडकरनगर। जिले के लगभग 4 हजार गेहूं किसानों का 20 करोड़ 13 लाख रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। इसमें सिर्फ पीसीएफ ने ही 16 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान नहीं किया है। नतीजा यह है कि किसान भुगतान के लिए संबंधित बैंकों का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
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उधर जिले में 4 एजेंसियों के 72 क्रय केंद्र पर अब तक 10 हजार 771 किसानों का 43738.148 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। 15 जून तक ही किसानों का गेहूं खरीद का कार्य जिले में चलेगा।
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गेहूं किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले तो उन्हें उपज की बिक्री में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ीं, तो अब वे भुगतान के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हो रहे हैं। बताते चलें कि जिले में पहली अप्रैल से गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ हुआ था। किसानों को उपज की बिक्री में किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में 4 एजेंसियों के 72 केंद्र स्थापित किए गए।
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इनमें खाद्य विभाग के 15, पीसीएफ के 55, मंडी समिति का एक व भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल है। इन केंद्रों पर अब तक 10771 किसानों का 43738.148 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चकी है। ऐसे में कुल 86 करोड़ 38 लाख 2 हजार 84 रुपये का भुगतान होना था। इसकी तुलना में अब तक 66 करोड़ 24 लाख 3 हजार 56 रुपये का भुगतान हो चुका है। ऐसे में अभी भी लगभग 4 हजार किसानों का 20 करोड़ 13 लाख 9 हजार 28 रुपये का भुगतान नहीं हो सका है।
खाद्य एवं विपणन कर्यालय के अनुसार सबसे अधिक पीसीएफ ने अब तक 16 करोड़ 86 लाख 4 हजार 81 का भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा खाद्य एवं विपणन विभाग ने 2 करोड़ 95 लाख 1 हजार 90, मंडी समिति ने 22 लाख 2 हजार 46 व भारतीय खाद्य निगम ने 10 लाख 11 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया है।
नतीजा यह है कि भुगतान के लिए संबंधित किसान बैंक का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। भुगतान न होने से संबंधित किसानों के समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पीसीएफ का अधिक बकाया है। इसके अलावा अन्य एजेंसियों द्वारा भुगतान किया जा रहा है। सभी एजेंसियों को समय रहते भुगतान किए जाने का निर्देश दिया गया है।
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