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बर्न व इमरजेंसी के लिए 28 बेड आरक्षित
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अंबेडकरनगर। दीपावली के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला अस्पताल में जहां 10 बेड के बर्न वार्ड व 18 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड को आरक्षित किया गया है तो वहीं सीएचसी व पीएचसी पर भी खास प्रबंध हैं।
उधर, पर्व के मौके पर आतिशबाजी के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए फायर विभाग ने भी कमर कस ली है। अकबरपुर नगर से लेकर प्रमुख क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड के वाहन तैनात कर दिए गए हैं।
हादसों से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को रविवार सुबह ही चुस्त-दुरुस्त कर लिया। परिसर में स्थित 10 बेड वाले बर्निंग वार्ड व 18 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड को भी आरक्षित कर लिया गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि कुल 28 बेड को आरक्षित करने के साथ ही जीवन रक्षक दवाएं पूरी तरह से उपलब्ध करा दी गई हैं। एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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उन्होंने बताया कि बर्न वार्ड की जिम्मेदारी डॉ. बीबी गौतम जबकि इमरजेंसी वार्ड में डॉ. संजय राम, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मुख्तार शेख की तैनाती की गई है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आतिशबाजी के दौरान तेज आवाज वाले पटाखों का प्रयोग न करें। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी देखरेख में बच्चों से पटाखे दगवाएं।
उधर, अपर सीएमओ डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि सभी नौ सीएचसी व 29 पीएचसी पर पर्व को देखते हुए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। सभी अस्पतालों पर सभी जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। साथ ही इमरजेंसी में तैनात रहने वाले चिकित्सकों को ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने इको फ्रेंडली आतिशबाजी करने की लोगों से अपील की।
पर्व के मौके पर किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग भी अलर्ट मोड में दिखा। अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे ने बताया कि छोटे-बड़े सभी वाहनों पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। जिले में जहां-जहां भी पटाखों की बिक्री की जा रही है, वहां परिसर में अग्निशमन दस्ते पहले से ही मुस्तैद हैं।
इसके अलावा टांडा, जलालपुर व आलापुर में भी अग्निशमन वाहन तैनात कर दिए गए हैं। सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 24 घंटे तैयार रहें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचें।
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उधर, पर्व के मौके पर आतिशबाजी के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए फायर विभाग ने भी कमर कस ली है। अकबरपुर नगर से लेकर प्रमुख क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड के वाहन तैनात कर दिए गए हैं।
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हादसों से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को रविवार सुबह ही चुस्त-दुरुस्त कर लिया। परिसर में स्थित 10 बेड वाले बर्निंग वार्ड व 18 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड को भी आरक्षित कर लिया गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि कुल 28 बेड को आरक्षित करने के साथ ही जीवन रक्षक दवाएं पूरी तरह से उपलब्ध करा दी गई हैं। एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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उन्होंने बताया कि बर्न वार्ड की जिम्मेदारी डॉ. बीबी गौतम जबकि इमरजेंसी वार्ड में डॉ. संजय राम, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मुख्तार शेख की तैनाती की गई है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आतिशबाजी के दौरान तेज आवाज वाले पटाखों का प्रयोग न करें। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी देखरेख में बच्चों से पटाखे दगवाएं।
उधर, अपर सीएमओ डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि सभी नौ सीएचसी व 29 पीएचसी पर पर्व को देखते हुए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। सभी अस्पतालों पर सभी जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। साथ ही इमरजेंसी में तैनात रहने वाले चिकित्सकों को ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने इको फ्रेंडली आतिशबाजी करने की लोगों से अपील की।
पर्व के मौके पर किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग भी अलर्ट मोड में दिखा। अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे ने बताया कि छोटे-बड़े सभी वाहनों पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। जिले में जहां-जहां भी पटाखों की बिक्री की जा रही है, वहां परिसर में अग्निशमन दस्ते पहले से ही मुस्तैद हैं।
इसके अलावा टांडा, जलालपुर व आलापुर में भी अग्निशमन वाहन तैनात कर दिए गए हैं। सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 24 घंटे तैयार रहें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचें।