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21 हजार छात्रों को ड्रेस व जूते-मोजे का इंतजार
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अंबेडकरनगर। शिक्षा सत्र समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं, लेकिन अभी भी जिले के 21 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में ड्रेस व जूता-मोजा की राशि नहीं पहुंच सकी है। दरअसल डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांजेक्शन योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को समय से ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा व स्कूली बैग उपलब्ध कराने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेजे जाने का प्राविधान था। विधानसभा चुनाव से पहले ज्यादातर अभिभावकों के खाते में राशि भेज दी गई, लेकिन खातों में विभिन्न गड़बड़ियों के चलते 21 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी थी। इस बीच विभाग ने इन 21 हजार में से लगभग 10 हजार अभिभावकों के खातों की जरूरी फीडिंग पूरी कर ली है। इनके खाते में जल्द ही धनराशि भेज दी जाएगी।
मौजूदा शिक्षा सत्र समाप्त होने के करीब है। शिक्षा सत्र 2021-22 की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की थी कि अब उन्हें ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा व स्कूली बैग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। संबंधित सामग्रियां समय रहते उन्हें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए डीबीटी योजना के तहत अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेजने का निर्देश दिया था। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1582 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में एक लाख 93 हजार 213 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। योजना के तहत जो 1100 रुपये अभिभावकों के खाते में भेजे जाने थे, उसमें 600 रुपये में दो जोड़ी ड्रेस, 200 रुपये में स्वेटर, 125 रुपये में जूता-मोजा व 175 रुपये में स्कूल बैग खरीदा जाना था।
विधानसभा चुनाव से पहले ज्यादातर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में योजना के तहत 1100 रुपये की राशि भेज दी गई थी। 21 हजार से अधिक ऐसे छात्र-छात्राएं थे, जिनके अभिभावकों के खाते में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों के चलते उनके खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी थी। शासन ने इस पर जिम्मेदारों को गड़बड़ी दूर कर खाते में राशि भेजे जाने का निर्देश दिया था। अब जबकि नया शिक्षा सत्र आने वाला है और मौजूदा शिक्षा सत्र समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं, तो ऐसे में अब तक संबंधित अभिभावकों के खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी है। इस बीच खबर है कि इन 21 हजार अभिभावकों में से लगभग 10 हजार के बैंक खातों से जुड़ी सभी प्रक्रिया कई बार अभिभावकों से संपर्क कर पूरी करा ली गई है। जल्द ही इनके खाते में धनराशि भी भेज दी जाएगी।
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दुरुस्त कराई जा रही गड़बड़ी
21 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में गड़बड़ियों के चलते संबंधित के अभिभावक के खाते में राशि नहीं जा सकी थी। लगभग 10 हजार अभिभावकों के खातों को दुरुस्त कराया जा चुका है। शेष के खाते की गड़बड़ी दूर कराई जा रही है। शीघ्र ही सभी की गड़बड़ी दूर कर खाते में राशि भेज दी जाएगी।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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मौजूदा शिक्षा सत्र समाप्त होने के करीब है। शिक्षा सत्र 2021-22 की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की थी कि अब उन्हें ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा व स्कूली बैग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। संबंधित सामग्रियां समय रहते उन्हें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए डीबीटी योजना के तहत अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेजने का निर्देश दिया था। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1582 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में एक लाख 93 हजार 213 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। योजना के तहत जो 1100 रुपये अभिभावकों के खाते में भेजे जाने थे, उसमें 600 रुपये में दो जोड़ी ड्रेस, 200 रुपये में स्वेटर, 125 रुपये में जूता-मोजा व 175 रुपये में स्कूल बैग खरीदा जाना था।
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विधानसभा चुनाव से पहले ज्यादातर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में योजना के तहत 1100 रुपये की राशि भेज दी गई थी। 21 हजार से अधिक ऐसे छात्र-छात्राएं थे, जिनके अभिभावकों के खाते में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों के चलते उनके खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी थी। शासन ने इस पर जिम्मेदारों को गड़बड़ी दूर कर खाते में राशि भेजे जाने का निर्देश दिया था। अब जबकि नया शिक्षा सत्र आने वाला है और मौजूदा शिक्षा सत्र समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं, तो ऐसे में अब तक संबंधित अभिभावकों के खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी है। इस बीच खबर है कि इन 21 हजार अभिभावकों में से लगभग 10 हजार के बैंक खातों से जुड़ी सभी प्रक्रिया कई बार अभिभावकों से संपर्क कर पूरी करा ली गई है। जल्द ही इनके खाते में धनराशि भी भेज दी जाएगी।
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दुरुस्त कराई जा रही गड़बड़ी
21 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में गड़बड़ियों के चलते संबंधित के अभिभावक के खाते में राशि नहीं जा सकी थी। लगभग 10 हजार अभिभावकों के खातों को दुरुस्त कराया जा चुका है। शेष के खाते की गड़बड़ी दूर कराई जा रही है। शीघ्र ही सभी की गड़बड़ी दूर कर खाते में राशि भेज दी जाएगी।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए