{"_id":"6186c4ee5c8dd049f148c9d1","slug":"20-crores-given-to-two-and-a-half-lakh-children-ambedkar-nagar-news-lko603260184","type":"story","status":"publish","title_hn":"पौने दो लाख बच्चों को दिए गए 20 करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पौने दो लाख बच्चों को दिए गए 20 करोड़ रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। जिले के 1582 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत एक लाख 83 हजार 213 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में शनिवार को 20 करोड़ 15 लाख 34 हजार 300 रुपये भेज दिए गए। इससे संबंधित छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। हर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में स्वेटर, ड्रेस, जूता, मोजा व बैग की खरीदारी के लिए 1100-1100 रुपये भेज दिए गए हैं। अभिभावकों ने खाते में राशि भेजे जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे ठंड से पहले रकम आने से अब आसानी से स्वेटर खरीदे जा सकेेंगे।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को पूर्व में विद्यालय से ही स्वेटर, जूता, मोजा, स्कूली बैग व ड्रेस उपलब्ध कराई जाती थी। इसके लिए शासन से विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजी जाती थी। इसमें अक्सर छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। कभी ड्रेस की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगता था, तो कभी समय पर उन्हें जूता, मोजा व स्वेटर नहीं मिल पाते थे। इसे देखते हुए ही बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि छात्र-छात्राओं को समय पर जूता, मोजा, स्वेटर, ड्रेस, बैग मिल सके, इसके लिए उनके अभिभावकों के खाते में सीधे राशि भेेजी जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया था। उनका कहना था कि इससे समय रहते छात्र-छात्राओं को सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध हो जाएगी।
इस बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1100-1100 रुपये की राशि भेजने की शुरूआत की। मुख्य आयोजन लखनऊ में हुआ, जबकि जिले के सभी बीआरसी पर प्रतीकात्मक आयोजन किए गए। जिला समन्वयक प्रशिक्षण सुरेश तिवारी ने बताया कि जिले के 1582 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे एक लाख 83 हजार 213 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में प्रति छात्र 1100-1100 रुपये की दर से 20 करोड़ 15 लाख 34 हजार 300 रुपये भेजे गए। ज्यादातर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि पहुंच गई है। जो शेष रह गए हैं, उनके खाते में भी शीघ्र ही रकम पहुंच जाएगी। बताया कि दो जोड़ी ड्रेस के लिए 600 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये, जूता व मोजा के लिए 125 रुपये व स्कूल बैग के लिए 175 रुपये भेजे गए हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों ने जताई खुशी
अकबरपुर की ठकुरी देवी व रामतीरथ ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि सरकार ने दीपावली पर्व का तोहफा दिया है। 1100 रुपये की राशि खाते में आने से वे समय रहते जूता, मोजा, स्वेटर व ड्रेस की खरीदारी कर सकेंगे। ऐसा पहली बार हुआ है जब ठंड प्रारंभ होने से पहले स्वेटर बच्चों को मिल जाएगा। भीटी के रामजियावन व जलालपुर के गंगाराम ने कहा कि पूर्व में एजेंसियों की ओर से स्वेटर, जूता, मोजा, स्कूल बैग व ड्रेस दी जाती थी। इसमें काफी विलंब होता था। अक्सर जूता या तो छोटा होता था या फिर बड़ा। ऐसे में इसका समुचित लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पाता था। अब जबकि राशि खाते में आ गई है, तो ऐसे में अब बच्चों को समुचित सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।
स्थानीय दुकानदारों को होगा फायदा
पूर्व में एजेंसियों की ओर से परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्वेटर, ड्रेस, जूता, मोजा व स्कूली बैग उपलब्ध कराया जाता था। यह एजेंसियां दूसरे प्रांत या फिर जनपदों की होती थीं। शासन के इस नए कदम से अब जिले के संबंधित दुकानदारों को लाभ मिलेगा। जूता-मोजा विक्रेता अजय सिंह ने कहा कि उम्मीद है कि ड्रेस के जूते की बिक्री एक बार फिर से तेज हो जाएगी। कपड़ा व्यवसायी पंकज अग्रहरि ने कहा कि उनकी दुकान पर ड्रेस के कपड़े की बिक्री होती है। नई व्यवस्था से अब परिषदीय विद्यालय के छात्र भी ड्रेस का कपड़ा ले सकेंगे। स्वेटर विक्रेता नाजिम अली ने कहा कि सरकार की यह बेहतर पहल है। इससे स्थानीय दुकानदारों को लाभ मिलेगा।
बच्चों पर ही खर्च करें राशि
शासन की ओर से डीबीटी योजना के तहत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1100-1100 रुपये की राशि भेजी गई है। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि शासन से मिली राशि का प्रयोग जिसके लिए दी गई है, उसी में करें। ठंड को देखते हुए जल्द से जल्द स्वेटर, ड्रेस, जूता, मोजा जरूर खरीद लें।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को पूर्व में विद्यालय से ही स्वेटर, जूता, मोजा, स्कूली बैग व ड्रेस उपलब्ध कराई जाती थी। इसके लिए शासन से विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजी जाती थी। इसमें अक्सर छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। कभी ड्रेस की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगता था, तो कभी समय पर उन्हें जूता, मोजा व स्वेटर नहीं मिल पाते थे। इसे देखते हुए ही बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि छात्र-छात्राओं को समय पर जूता, मोजा, स्वेटर, ड्रेस, बैग मिल सके, इसके लिए उनके अभिभावकों के खाते में सीधे राशि भेेजी जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया था। उनका कहना था कि इससे समय रहते छात्र-छात्राओं को सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध हो जाएगी।
विज्ञापन
इस बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1100-1100 रुपये की राशि भेजने की शुरूआत की। मुख्य आयोजन लखनऊ में हुआ, जबकि जिले के सभी बीआरसी पर प्रतीकात्मक आयोजन किए गए। जिला समन्वयक प्रशिक्षण सुरेश तिवारी ने बताया कि जिले के 1582 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे एक लाख 83 हजार 213 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में प्रति छात्र 1100-1100 रुपये की दर से 20 करोड़ 15 लाख 34 हजार 300 रुपये भेजे गए। ज्यादातर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि पहुंच गई है। जो शेष रह गए हैं, उनके खाते में भी शीघ्र ही रकम पहुंच जाएगी। बताया कि दो जोड़ी ड्रेस के लिए 600 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये, जूता व मोजा के लिए 125 रुपये व स्कूल बैग के लिए 175 रुपये भेजे गए हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों ने जताई खुशी
अकबरपुर की ठकुरी देवी व रामतीरथ ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि सरकार ने दीपावली पर्व का तोहफा दिया है। 1100 रुपये की राशि खाते में आने से वे समय रहते जूता, मोजा, स्वेटर व ड्रेस की खरीदारी कर सकेंगे। ऐसा पहली बार हुआ है जब ठंड प्रारंभ होने से पहले स्वेटर बच्चों को मिल जाएगा। भीटी के रामजियावन व जलालपुर के गंगाराम ने कहा कि पूर्व में एजेंसियों की ओर से स्वेटर, जूता, मोजा, स्कूल बैग व ड्रेस दी जाती थी। इसमें काफी विलंब होता था। अक्सर जूता या तो छोटा होता था या फिर बड़ा। ऐसे में इसका समुचित लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पाता था। अब जबकि राशि खाते में आ गई है, तो ऐसे में अब बच्चों को समुचित सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।
स्थानीय दुकानदारों को होगा फायदा
पूर्व में एजेंसियों की ओर से परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्वेटर, ड्रेस, जूता, मोजा व स्कूली बैग उपलब्ध कराया जाता था। यह एजेंसियां दूसरे प्रांत या फिर जनपदों की होती थीं। शासन के इस नए कदम से अब जिले के संबंधित दुकानदारों को लाभ मिलेगा। जूता-मोजा विक्रेता अजय सिंह ने कहा कि उम्मीद है कि ड्रेस के जूते की बिक्री एक बार फिर से तेज हो जाएगी। कपड़ा व्यवसायी पंकज अग्रहरि ने कहा कि उनकी दुकान पर ड्रेस के कपड़े की बिक्री होती है। नई व्यवस्था से अब परिषदीय विद्यालय के छात्र भी ड्रेस का कपड़ा ले सकेंगे। स्वेटर विक्रेता नाजिम अली ने कहा कि सरकार की यह बेहतर पहल है। इससे स्थानीय दुकानदारों को लाभ मिलेगा।
बच्चों पर ही खर्च करें राशि
शासन की ओर से डीबीटी योजना के तहत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1100-1100 रुपये की राशि भेजी गई है। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि शासन से मिली राशि का प्रयोग जिसके लिए दी गई है, उसी में करें। ठंड को देखते हुए जल्द से जल्द स्वेटर, ड्रेस, जूता, मोजा जरूर खरीद लें।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए