फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   प्रसिद्ध साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए चुने गए कोमल शास्त्री

प्रसिद्ध साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए चुने गए कोमल शास्त्री

Fri, 31 Aug 2018 10:32 PM IST
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
प्रसिद्ध साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए चुने गए कोमल शास्त्री
अंबेडकरनगर। प्रसिद्ध साहित्यकार रामसहाय मिश्र उर्फ कोमल शास्त्री को प्रतिष्ठित साहित्य भूषण सम्मान के लिए चुना गया है। उन्हें यह सम्मान आगामी दिनों में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समारोहपूर्वक दिया जाएगा। बतौर शिक्षक राष्ट्रपति पुरस्कार समेत उन्हें पहले भी कई प्रमुख सम्मान मिल चुके हैं। 18 अलग-अलग पुस्तकें प्रकाशित होने का श्रेय उन्हें हासिल है।
विज्ञापन

जिले के कटघरमूसा कांदीपुर मूल निवासी रामसहाय मिश्र उर्फ कोमल शास्त्री ने एक बार फिर से अपने साहित्य के बूते जिले का मान बढ़ाया है। परिषदीय शिक्षा में रहे कोमल शास्त्री वर्ष 2010 में जूनियर हाईस्कूल अतरौरा से बतौर हेडमास्टर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 5 अगस्त 1945 को जन्मे कोमल शास्त्री बतौर शिक्षक भी आदर्श प्रस्तुत करने में सफल रहे, जिसके चलते उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित इंद्रलोक कॉलोनी में लंबे समय से रह रहे रामसहाय मिश्र की कुल 18 किताबें अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं। सबसे पहली पुस्तक वर्ष 1963 में वीर रस पर आधारित भारत की संतान शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। हिंदी गजल पर आधारित तुम्हारे शहर में दोहा काव्य पर आधारित प्रतिबिंब, अवधि गजलों पर आधारित माटी बोलैं आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही लगभग डेढ़ दर्जन कृतियां प्रकाशन के लिए भी तैयार हैं।
विज्ञापन

कोमल शास्त्री को उनके साहित्य क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ही अब हिंदी संस्थान ने साहित्य भूषण सम्मान देने का निर्णय लिया है। उन्हें यह सम्मान आगामी दिनों में लखनऊ में दिया जाएगा। इससे पहले भी हिंदी संस्थान उन्हें सर्जना सम्मान से सम्मानित कर चुका है। गुजरात सरकार द्वारा भी उन्हें हिंदी भाषा में बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। शुक्रवार को सम्मानित होने की जानकारी मिलते ही कोमल शास्त्री भाव विह्वल हो उठे। कहा कि यह उनका नहीं, पूरे जिले का सम्मान है। बकौल कोमल शास्त्री यह पहला मौका होगा, जब जिले के किसी साहित्यकार को साहित्य भूषण पुरस्कार मिलने जा रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि वह साहित्य के प्रति अपनी रुचि बनाए रखें। खासतौर पर सकारात्मकता तो सबसे ज्यादा जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed