{"_id":"5b0058a64f1c1bd4408b66a7","slug":"15267493461-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफेदपोशों के संरक्षण में यहां भी फलफूल रहा अवैध बालू खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफेदपोशों के संरक्षण में यहां भी फलफूल रहा अवैध बालू खनन
Updated Sat, 19 May 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। अवैध खनन रोकने को प्रदेश सरकार आए दिन भले ही नई गाइड लाइन जारी कर रही हो लेकिन जिले में इसका कोई प्रभाव नहीं दिखता। वैध पट्टे से अधिक स्थानों पर अवैध रूप से बालू खनन का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। सफेदपोशों के संरक्षण के चलते खनन माफिया पर कार्रवाई करने की हिम्मत खनन विभाग नहीं जुटा पा रहा है। अवैध खनन पर अंकुश लगाने को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो माह में सिर्फ तीन फौरी कार्रवाई ही जा सकी है। इसमें दो ट्रक व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जहां सीज किया गया, वहीं 90 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया।
बीते दिन मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर सख्त रवैया अपनाते हुए निर्देशित किया है कि यदि अवैध खनन होता मिले तो बाटम से लेकर टॉप लेवल के अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा उठाए जा रहे ऐसे सख्त कदम के बावजूद जिले में अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गौरतलब है कि जिले में कुल 12 खनन पट्टे दिए गए हैं। इनमें नदी क्षेत्र में आठ व कृषि भूमि पर चार पट्टे शामिल हैं। प्रथम चरण में नदी क्षेत्र में चार इस्माइलपुर बेलदहा, वरगी निजामपुर, ककराही व सलारपुर तथा कृषि भूमि का एक पट्टा महरीपुर शामिल है। इसमें सरयू नदी के ककराही की ठेकेदार नीलम सिंह व सलारपुर के ठेकेदार आदित्य सिंह ने बालू खनन के लिए अपना समर्पण आवेदन खनन विभाग को सौंप दिया है। नतीजतन मौजूदा समय में नदी क्षेत्र में मात्र दो इस्माइलपुर बेलदहा व वरगी निजामपुर तथा कृषि भूमि के ककराही पट्टे पर ही खनन कार्य चल रहा है।
द्वितीय चरण में नदी क्षेत्र के रायपुर, अजमेरी बादशाहपुर, इसौरी नसीरपुर व फरीदपुर टप्पा हवेली तथा कृषि भूमि के क्षेत्र कम्हरिया में दो व अवसानपुर में एक पट्टा शामिल है। इन पट्टों की प्रक्रिया अभी चल रही है। हालांकि इन स्थानों पर कार्य प्रारंभ होने से पहले अजमेरी बादशाहपुर के ठेकेदार ने समर्पण पत्र खनन विभाग को सौंप दिया है। इसकी रीटेंडरिंग प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह आंकड़ा खनन विभाग का है। हकीकत इससे कहीं परे है। टांडा व आलापुर के माझा क्षेत्रों में सरयू नदी तट पर आधा दर्जन स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध ढंग से बालू खनन का कार्य किया जा रहा है। चूंकि इन पर कुछ सफेदपोशों का हाथ होता है, इसके चलते खनन विभाग इन पर हाथ डालने से कतराता है। कार्रवाई को लेकर खनन विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो माह में मात्र दो ट्रक व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ही सीज कर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बड़ी कार्रवाई न होने के चलते धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
विज्ञापन
‘समय-समय पर चलाया जाता अभियान’
जिले में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है। यदि कहीं से शिकायत मिलती है तो तत्काल एक्शन लिया जाता है। समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। -प्रशांत यादव, जिला खनन अधिकारी
विज्ञापन
बीते दिन मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर सख्त रवैया अपनाते हुए निर्देशित किया है कि यदि अवैध खनन होता मिले तो बाटम से लेकर टॉप लेवल के अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा उठाए जा रहे ऐसे सख्त कदम के बावजूद जिले में अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गौरतलब है कि जिले में कुल 12 खनन पट्टे दिए गए हैं। इनमें नदी क्षेत्र में आठ व कृषि भूमि पर चार पट्टे शामिल हैं। प्रथम चरण में नदी क्षेत्र में चार इस्माइलपुर बेलदहा, वरगी निजामपुर, ककराही व सलारपुर तथा कृषि भूमि का एक पट्टा महरीपुर शामिल है। इसमें सरयू नदी के ककराही की ठेकेदार नीलम सिंह व सलारपुर के ठेकेदार आदित्य सिंह ने बालू खनन के लिए अपना समर्पण आवेदन खनन विभाग को सौंप दिया है। नतीजतन मौजूदा समय में नदी क्षेत्र में मात्र दो इस्माइलपुर बेलदहा व वरगी निजामपुर तथा कृषि भूमि के ककराही पट्टे पर ही खनन कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
द्वितीय चरण में नदी क्षेत्र के रायपुर, अजमेरी बादशाहपुर, इसौरी नसीरपुर व फरीदपुर टप्पा हवेली तथा कृषि भूमि के क्षेत्र कम्हरिया में दो व अवसानपुर में एक पट्टा शामिल है। इन पट्टों की प्रक्रिया अभी चल रही है। हालांकि इन स्थानों पर कार्य प्रारंभ होने से पहले अजमेरी बादशाहपुर के ठेकेदार ने समर्पण पत्र खनन विभाग को सौंप दिया है। इसकी रीटेंडरिंग प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह आंकड़ा खनन विभाग का है। हकीकत इससे कहीं परे है। टांडा व आलापुर के माझा क्षेत्रों में सरयू नदी तट पर आधा दर्जन स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध ढंग से बालू खनन का कार्य किया जा रहा है। चूंकि इन पर कुछ सफेदपोशों का हाथ होता है, इसके चलते खनन विभाग इन पर हाथ डालने से कतराता है। कार्रवाई को लेकर खनन विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो माह में मात्र दो ट्रक व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ही सीज कर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बड़ी कार्रवाई न होने के चलते धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
विज्ञापन
‘समय-समय पर चलाया जाता अभियान’
जिले में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है। यदि कहीं से शिकायत मिलती है तो तत्काल एक्शन लिया जाता है। समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। -प्रशांत यादव, जिला खनन अधिकारी