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बीओबी को जरूरत रोज 50 लाख की, तीसरे दिन मिल रहा 40 लाख
Updated Wed, 02 May 2018 10:16 PM IST
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अंबेडकरनगर। बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा को प्रतिदिन 50 लाख रुपये की जरूरत है, लेकिन कभी दूसरे तो कभी तीसरे दिन बमुश्किल 40 से 45 लाख रुपये की राशि उपलब्ध हो रही है। अकबरपुर नगर स्थित बीओबी की मुख्य शाखा को दो दिन पहले 40 लाख रुपये मिला था। इसके बाद से बुधवार को तीसरे दिन तक कोई रकम बाहर से नहीं मिल सकी। इसी तरह बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखा को प्रतिदिन 25 लाख रुपये की जरूरत है, लेकिन पिछले एक पखवारे से उसे मात्र 10 लाख रुपये ही प्रतिदिन प्राप्त हो रहे हैं। दरअसल एसबीआई मुख्य शाखा को छोड़कर अन्य सभी बैंकों की शाखाओं तक आवश्यक राशि नहीं पहुंच रही है। इसके चलते ही जिले के बैंकों में कैश का व्यापक संकट बना हुआ है। सहालग के मौसम में कैश संकट होने से संबंधित उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
जिले के बैंकों में कैश का संकट उपभोक्ताओं की मुश्किलों का सबब बन गया है। दरअसल बैंकों को प्रतिदिन जितने धनराशि की आवश्यकता है, उसके सापेक्ष चेस्ट से आवश्यक धनराशि नहीं उपलब्ध हो रही है। शादी-विवाह के इस दौर में बैंकों तक आवश्यक रकम न पहुंच पाने का खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। खास बात यह है कि शहरी क्षेत्र के बैंकों में भी हालत चिंताजनक है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई बार धन न मिल पाने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बैंक आफ बड़ौदा मुख्य शाखा अकबरपुर को प्रतिदिन 50 लाख रुपये की आवश्यकता है। हालांकि दो-तीन दिन के अंतराल पर बमुश्किल उसे चेस्ट से अधिकतम 40 से 45 लाख रुपये ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसके चलते संबंधित बैंक के उपभोक्ताओं द्वारा आवश्यक धनराशि की निकासी नहीं हो रही है। मंगलवार व बुधवार को चेस्ट से धनराशि बैंक को न उपलब्ध होने के चलते बुधवार को बैंक के मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा कर दी गई कि उपभोक्ता 10 हजार रुपये अधिक नहीं निकाल सकेंगे। नतीजा यह रहा कि बुधवार को धननिकासी के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ीं। प्रबंधक हरिजीत सिंह ने कैश संकट होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि दो तीन दिन के अंतराल पर 40 से 45 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार भुगतान नहीं हो रहा है।
इसी प्रकार बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की अकबरपुर नगर स्थित मुख्य शाखा को प्रतिदिन 25 लाख रुपये की आवश्यकता है। उसे पिछले एक पखवारे से लगभग 10 लाख रुपये ही मिल पा रहा है। नतीजा यह है कि इस बैंक से भी उपभोक्ताओं को 10-10 हजार रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध नहीं हो रही है। प्रबंधक रामप्रसाद ने बताया कि वैसे तो उपभोक्ताओं को 10-10 हजार रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है, लेकिन जिनके घरों में वैवाहिक आयोजन है, उन्हें सवा लाख रुपये तक की धनराशि उपलब्ध करा दी जा रही है। अकबरपुर नगर के कई अन्य बैंक शाखाओं में भी इसी तरह की स्थिति बुधवार को देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल और भी बुरा है।केदारनगर, सूरापुर, इल्तिफातगंज, कटेहरी, महरुआ समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ग्रामीण बैंकों में भी कैश का संकट पिछले एक पखवारे से बना हुआ है। नतीजा यह है कि धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
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उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी
बैंक आफ बड़ौदा मुख्य शाखा अकबरपुर में धननिकासी के लिए पहुंचे सुनील कुमार व संतोष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कैश की कमी को दूर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें हो रही हैं। धर्मवीर व बब्लू ने कहा कि उनके घर में तीन दिन बाद वैवाहिक आयोजन है। इसके लिए अधिक राशि की आवश्यकता है। बैंक में कैश नहीं है। ऐसे में काफी अनुनय विनय के बाद 25 से 30 हजार रुपये ही निकल पा रहे हैं। इसके चलते शादी की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एटीएम सेवा ने भी दिया जवाब
बैंकों में कैश की कमीं के चलते एटीएम सेवा ने भी जवाब दे दिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 125 एटीएम स्थापित हैं। बुधवार को लगभग 80 एटीएम के शटर नहीं खुल सके। ग्रामीण क्षेत्रों की बात दूर जिला मुख्यालय पर ही 25 एटीएम के सापेक्ष 18 एटीएम के शटर कैश की कमीं के चलते नहीं खुले। नतीजा यह रहा कि धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं को एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ता रुस्तम व रामसागर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कैश की कमीं को देखते हुए एटीएम सेवा सुचारु ढंग से कार्य कर सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। रंजन कुमार ने कहा कि न तो बैंक से धननिकासी हो रही और न ही एटीएम से। ऐसे में इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
जल्द ही सामान्य होंगे हालात
बैंकों में कैश संकट जरूर है, लेकिन हालात जल्द ही सामान्य होंगे। इसके लिए उच्चस्तर पर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को जरूरी रकम मिल रही है। -अरुण कुमार सिंह, एलडीएम
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जिले के बैंकों में कैश का संकट उपभोक्ताओं की मुश्किलों का सबब बन गया है। दरअसल बैंकों को प्रतिदिन जितने धनराशि की आवश्यकता है, उसके सापेक्ष चेस्ट से आवश्यक धनराशि नहीं उपलब्ध हो रही है। शादी-विवाह के इस दौर में बैंकों तक आवश्यक रकम न पहुंच पाने का खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। खास बात यह है कि शहरी क्षेत्र के बैंकों में भी हालत चिंताजनक है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई बार धन न मिल पाने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बैंक आफ बड़ौदा मुख्य शाखा अकबरपुर को प्रतिदिन 50 लाख रुपये की आवश्यकता है। हालांकि दो-तीन दिन के अंतराल पर बमुश्किल उसे चेस्ट से अधिकतम 40 से 45 लाख रुपये ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसके चलते संबंधित बैंक के उपभोक्ताओं द्वारा आवश्यक धनराशि की निकासी नहीं हो रही है। मंगलवार व बुधवार को चेस्ट से धनराशि बैंक को न उपलब्ध होने के चलते बुधवार को बैंक के मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा कर दी गई कि उपभोक्ता 10 हजार रुपये अधिक नहीं निकाल सकेंगे। नतीजा यह रहा कि बुधवार को धननिकासी के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ीं। प्रबंधक हरिजीत सिंह ने कैश संकट होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि दो तीन दिन के अंतराल पर 40 से 45 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार भुगतान नहीं हो रहा है।
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इसी प्रकार बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की अकबरपुर नगर स्थित मुख्य शाखा को प्रतिदिन 25 लाख रुपये की आवश्यकता है। उसे पिछले एक पखवारे से लगभग 10 लाख रुपये ही मिल पा रहा है। नतीजा यह है कि इस बैंक से भी उपभोक्ताओं को 10-10 हजार रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध नहीं हो रही है। प्रबंधक रामप्रसाद ने बताया कि वैसे तो उपभोक्ताओं को 10-10 हजार रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है, लेकिन जिनके घरों में वैवाहिक आयोजन है, उन्हें सवा लाख रुपये तक की धनराशि उपलब्ध करा दी जा रही है। अकबरपुर नगर के कई अन्य बैंक शाखाओं में भी इसी तरह की स्थिति बुधवार को देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल और भी बुरा है।केदारनगर, सूरापुर, इल्तिफातगंज, कटेहरी, महरुआ समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ग्रामीण बैंकों में भी कैश का संकट पिछले एक पखवारे से बना हुआ है। नतीजा यह है कि धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
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उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी
बैंक आफ बड़ौदा मुख्य शाखा अकबरपुर में धननिकासी के लिए पहुंचे सुनील कुमार व संतोष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कैश की कमी को दूर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें हो रही हैं। धर्मवीर व बब्लू ने कहा कि उनके घर में तीन दिन बाद वैवाहिक आयोजन है। इसके लिए अधिक राशि की आवश्यकता है। बैंक में कैश नहीं है। ऐसे में काफी अनुनय विनय के बाद 25 से 30 हजार रुपये ही निकल पा रहे हैं। इसके चलते शादी की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एटीएम सेवा ने भी दिया जवाब
बैंकों में कैश की कमीं के चलते एटीएम सेवा ने भी जवाब दे दिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 125 एटीएम स्थापित हैं। बुधवार को लगभग 80 एटीएम के शटर नहीं खुल सके। ग्रामीण क्षेत्रों की बात दूर जिला मुख्यालय पर ही 25 एटीएम के सापेक्ष 18 एटीएम के शटर कैश की कमीं के चलते नहीं खुले। नतीजा यह रहा कि धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं को एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ता रुस्तम व रामसागर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कैश की कमीं को देखते हुए एटीएम सेवा सुचारु ढंग से कार्य कर सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। रंजन कुमार ने कहा कि न तो बैंक से धननिकासी हो रही और न ही एटीएम से। ऐसे में इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
जल्द ही सामान्य होंगे हालात
बैंकों में कैश संकट जरूर है, लेकिन हालात जल्द ही सामान्य होंगे। इसके लिए उच्चस्तर पर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को जरूरी रकम मिल रही है। -अरुण कुमार सिंह, एलडीएम