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नहीं खर्च हो सकी आपदा पीड़ितों के लिए पहुंची डेढ़ करोड़ की राशि
Updated Sat, 21 Apr 2018 11:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। आपदा पीड़ितों को समुचित आर्थिक सहायता न दिए जाने के चलते वर्ष 2016-17 में आपदा प्रबंधन विभाग को शासन से मिली धनराशि में से एक करोड़ 60 लाख 78 हजार 598 रुपये खर्च ही नहीं हो सके। नतीजतन गत दिवस यह रकम शासन को वापस कर दी गई।
वर्ष 2016-17 में विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिए शासन से आपदा प्रबंधन विभाग को 3 करोड़ 10 लाख 70 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी। इसका प्रयोग अग्नि पीड़ितों, बाढ़ प्रभावितों, आंधी-तूफान व चक्रवात से प्रभावित लोगों के साथ ही बाढ़ से निपटने व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में कंबल वितरित किए जाने में होना था। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग द्वारा विभिन्न आपदाओं में मात्र एक करोड़ 49 लाख 91 हजार 402 रुपये ही खर्च किए जा सके। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अग्निकांड के 139 पीड़ितों में 17 लाख 10 हजार 660 रुपये, आंधी-तूफान व चक्रवात से प्रभावित 80 लोगों में 22 लाख 75 हजार 500 रुपये का वितरण किया गया। इसके अलावा बाढ़ व अतिवृष्टि से निपटने के लिए 52 लाख 43 हजार 409 रुपये, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में कंबल वितरण व अलाव के लिए 53 लाख 92 हजार रुपये, आपदा प्रबंधन के लिए 99 हजार 442 तथा प्रचार-प्रसार के लिए दो लाख 69 हजार 991 रुपये खर्च किए गए।
इस तरह कुल एक करोड़ 49 लाख 91 हजार 402 रुपये ही खर्च किए गए। एक करोड़ 60 लाख 78 हजार 598 रुपये खर्च ही नहीं हो सके। इसका वितरण विभिन्न आपदाओं से पीड़ित लोगोें में न होने का नतीजा रहा कि गत दिवस ही शेष बची धनराशि रकम शासन को वापस भेज दी गई। इस बीच विभिन्न आपदाओं से पीड़ित लोगों का कहना है कि यदि नुकसान का सही आकलन कर समुचित मुआवजा दिया गया होता, यह धनराशि वापस न करनी पड़ती। अकबरपुर तहसील के रामकेश शर्मा ने कहा कि शॉर्टसर्किट से लगभग ढाई बीघा गेहूं की फसल राख हो गई थी। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा नुकसान का आकलन गलत ढंग से किया गया। मात्र एक बीघा फसल नुकसान की ही रिपोर्ट लगाई गई। इसी तहसील क्षेत्र के रामजनम ने कहा कि शॉर्टसर्किट से तीन बीघा गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था जबकि क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा मात्र डेढ़ बीघा फसल का ही नुकसान दर्शाया गया था। इसके चलते उचित मुआवजा नहीं मिल सका।
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रिपोर्ट के अनुसार दी गई सहायता
विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों के नुकसान की जो रिपोर्ट लेखपाल द्वारा दी गई, उसी के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा दिया गया। नुकसान के आकलन में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। आपदाओं से निपटने के लिए शासन से जो धनराशि प्राप्त हुई थी, उसके सापेक्ष एक करोड़ 60 लाख 78 हजार 598 रुपये शेष बचे थे जिसे गत दिवस शासन को वापस कर दिया गया। -गिरिजेश त्यागी, एडीएम
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वर्ष 2016-17 में विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिए शासन से आपदा प्रबंधन विभाग को 3 करोड़ 10 लाख 70 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी। इसका प्रयोग अग्नि पीड़ितों, बाढ़ प्रभावितों, आंधी-तूफान व चक्रवात से प्रभावित लोगों के साथ ही बाढ़ से निपटने व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में कंबल वितरित किए जाने में होना था। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग द्वारा विभिन्न आपदाओं में मात्र एक करोड़ 49 लाख 91 हजार 402 रुपये ही खर्च किए जा सके। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अग्निकांड के 139 पीड़ितों में 17 लाख 10 हजार 660 रुपये, आंधी-तूफान व चक्रवात से प्रभावित 80 लोगों में 22 लाख 75 हजार 500 रुपये का वितरण किया गया। इसके अलावा बाढ़ व अतिवृष्टि से निपटने के लिए 52 लाख 43 हजार 409 रुपये, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में कंबल वितरण व अलाव के लिए 53 लाख 92 हजार रुपये, आपदा प्रबंधन के लिए 99 हजार 442 तथा प्रचार-प्रसार के लिए दो लाख 69 हजार 991 रुपये खर्च किए गए।
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इस तरह कुल एक करोड़ 49 लाख 91 हजार 402 रुपये ही खर्च किए गए। एक करोड़ 60 लाख 78 हजार 598 रुपये खर्च ही नहीं हो सके। इसका वितरण विभिन्न आपदाओं से पीड़ित लोगोें में न होने का नतीजा रहा कि गत दिवस ही शेष बची धनराशि रकम शासन को वापस भेज दी गई। इस बीच विभिन्न आपदाओं से पीड़ित लोगों का कहना है कि यदि नुकसान का सही आकलन कर समुचित मुआवजा दिया गया होता, यह धनराशि वापस न करनी पड़ती। अकबरपुर तहसील के रामकेश शर्मा ने कहा कि शॉर्टसर्किट से लगभग ढाई बीघा गेहूं की फसल राख हो गई थी। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा नुकसान का आकलन गलत ढंग से किया गया। मात्र एक बीघा फसल नुकसान की ही रिपोर्ट लगाई गई। इसी तहसील क्षेत्र के रामजनम ने कहा कि शॉर्टसर्किट से तीन बीघा गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था जबकि क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा मात्र डेढ़ बीघा फसल का ही नुकसान दर्शाया गया था। इसके चलते उचित मुआवजा नहीं मिल सका।
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रिपोर्ट के अनुसार दी गई सहायता
विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों के नुकसान की जो रिपोर्ट लेखपाल द्वारा दी गई, उसी के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा दिया गया। नुकसान के आकलन में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। आपदाओं से निपटने के लिए शासन से जो धनराशि प्राप्त हुई थी, उसके सापेक्ष एक करोड़ 60 लाख 78 हजार 598 रुपये शेष बचे थे जिसे गत दिवस शासन को वापस कर दिया गया। -गिरिजेश त्यागी, एडीएम