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ठप पड़े दो सीएचसी के निर्माण के लिए पहुंची ढाई करोड़ की रकम
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:47 PM IST
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अंबेडकरनगर। बेवाना व राजेसुल्तानपुर में ठप पड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए लगभग ढाई करोड़ की रकम शासन ने मंजूर कर दी है। इससे दोनों अस्पतालों का निर्माण लगभग तीन माह में पूरा हो जाने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने पर दोनों क्षेत्र के लगभग 80 हजार से अधिक की आबादी को इन दोनों अस्पतालों से सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 में जिला योजना की बैठक में बेवाना व राजेसुल्तानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को मंजूरी मिली थी। 3 करोड़ 74 लाख 14 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई। निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए दो किस्तों में राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध भी करा दी गई। प्रत्येक केंद्र पर एक सामुदायिक भवन, चार चिकित्सक आवास, 6 टाइप वन व 6 टाइप टू आवास के साथ ही एक ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, तो शुरुआती दौर में ही निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं।
लगभग छह माह पूर्व दोनों ही केंद्रों का निमार्ण कार्य लगभग 58 प्रतिशत पूरा हुआ था कि उपलब्ध धन समाप्त होने की जानकारी कार्यदायी संस्था ने शासन को दी। इसमें कहा गया कि निर्माण सामग्रियों की कीमत बढ़ने के चलते यह समस्या सामने आई है। शासन को भेजे गए रिवाइज इस्टीमेट में बेवाना के लिए 1 करोड़ 35 लाख, जबकि राजेसुल्तानपुर के लिए 1 करोड़ 28 रुपये की मांग की गई। गत दिवस ही शासन से आवश्यक धन कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दिया गया। साथ ही निर्देशित किया गया कि तीन माह के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण कर विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। धनर उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य जल्द ही फिर से शुरू हो जाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि अगले तीन माह में अस्पताल भवन बनकर तैयार हो जाएगा। दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पूरा होने का लाभ क्षेत्र की लगभग 80 हजार की आबादी को सीधे तौर पर मिलेगा।
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शासन से मिली राशि
शासन से राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध हो गई है। एक-दो दिन में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। निर्माण तेजी से पूरा हो इसके प्रयास किए जाएंगे। व्यक्तिगत स्तर पर भी इसकी निगरानी होगी। -डॉ. कृष्णगोपाल सिंह, सीएमओ
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 में जिला योजना की बैठक में बेवाना व राजेसुल्तानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को मंजूरी मिली थी। 3 करोड़ 74 लाख 14 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई। निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए दो किस्तों में राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध भी करा दी गई। प्रत्येक केंद्र पर एक सामुदायिक भवन, चार चिकित्सक आवास, 6 टाइप वन व 6 टाइप टू आवास के साथ ही एक ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, तो शुरुआती दौर में ही निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं।
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लगभग छह माह पूर्व दोनों ही केंद्रों का निमार्ण कार्य लगभग 58 प्रतिशत पूरा हुआ था कि उपलब्ध धन समाप्त होने की जानकारी कार्यदायी संस्था ने शासन को दी। इसमें कहा गया कि निर्माण सामग्रियों की कीमत बढ़ने के चलते यह समस्या सामने आई है। शासन को भेजे गए रिवाइज इस्टीमेट में बेवाना के लिए 1 करोड़ 35 लाख, जबकि राजेसुल्तानपुर के लिए 1 करोड़ 28 रुपये की मांग की गई। गत दिवस ही शासन से आवश्यक धन कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दिया गया। साथ ही निर्देशित किया गया कि तीन माह के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण कर विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। धनर उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य जल्द ही फिर से शुरू हो जाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि अगले तीन माह में अस्पताल भवन बनकर तैयार हो जाएगा। दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पूरा होने का लाभ क्षेत्र की लगभग 80 हजार की आबादी को सीधे तौर पर मिलेगा।
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शासन से मिली राशि
शासन से राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध हो गई है। एक-दो दिन में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। निर्माण तेजी से पूरा हो इसके प्रयास किए जाएंगे। व्यक्तिगत स्तर पर भी इसकी निगरानी होगी। -डॉ. कृष्णगोपाल सिंह, सीएमओ