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कहीं संख्या से कम पहुंचे बच्चे, तो कहीं निजी प्रबंध से हुई कॉपी की व्यवस्था
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:03 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले के 1 हजार 872 परिषदीय विद्यालयों में अव्यवस्थाओं के बीच शनिवार से परीक्षा प्रारंभ हुई। कहीं प्रबंध समिति के खाते में रुपये न पहुंचने के चलते प्रधानाध्यापकों को निजीस्तर पर व्यवस्था कर कॉपी खरीदनी पड़ीं, तो कहीं पंजीकृत छात्र छात्राओं के सापेक्ष परीक्षार्थियों की संख्या काफी कम रही।
शनिवार को जिले के 1872 परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा प्रारंभ हुई, तो बड़ी अव्यवस्था सामने आई। परीक्षा सुबह नौ बजे से होनी थी, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों में छात्र छात्राएं 10 बजे तक पहुंचे। उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि इसके लिए धनराशि 15 मार्च को ही नेफ्ट के माध्यम से भेज दिया है, लेकिन शनिवार को जब परीक्षा प्रारंभ हुई, तो जानकारी हुई कि कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां प्रबंध समिति के खाते में धनराशि पहुंची ही नहीं। ऐसे में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निजीस्तर पर व्यवस्था कर कापियों की खरीददारी करनी पड़ी। बताते चलें कि जिले के 1872 परिषदीय विद्यालयों में 1 लाख 71 हजार छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। शनिवार को परीक्षा का जायजा लेने के लिए अमर उजाला टीम ने विभिन्न विद्यालय पहुंची, तो कुछ इस प्रकार की अव्यवस्था देखने को मिली -
केस एक
प्राथमिक विद्यालय मुरवांह
यहां शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा होती दिखी। प्रधानाध्यापक रतन सिंह ने बताया कि कक्षा 1 से कक्षा 5 तक कुल 76 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। दो परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। 74 बच्चों ने सुचारु ढंग से हिंदी की परीक्षा दी। बताया कि प्रबंध समिति के खाते में धन न आने से उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था उन्हें निजीस्तर पर करनी पड़ी।
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केस दो
प्राथमिक विद्यालय मोहसिनपुर
इस विद्यालय में परीक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजीकृत 43 छात्र छात्राओं के सापेक्ष मात्र 15 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। प्रधानाध्यापिका साधना ने बताया कि परीक्षा के संबंध में छात्र छात्राओं व उनके अभिभावकों को जानकारी दी गई थी। जो बच्चे अनुपस्थित हैं, उनकी परीक्षा बाद में ली जाएगी।
केस तीन
प्राथमिक विद्यालय विजयगांव
इस विद्यालय में पंजीकृत 31 छात्र छात्राओं के सापेक्ष 18 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। बड़ी संख्या में छात्रों की अनुपस्थिति पर प्रधानाध्यापक मंगेशलता ने बताया कि परीक्षा की जानकारी अभिभावकों को भी दी गई थी। सोमवार को शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रबंध समिति के खाते में कापियों के लिए धन दो दिन पहले ही आ गया था।
केस चार
प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर
यहां बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं परीक्षा देते दिखे। प्रधानाध्यापक खुर्शीद आलम ने बताया कि पंजीकृत 228 छात्र छात्राओं के सापेक्ष 220 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा दी। प्रबंध समिति के खाते में एक दिन पहले ही रुपये आ जाने से कॉपियों की व्यवस्था शुक्रवार शाम को ही कर ली गई थी।
परिषदीय विद्यालयों में सुचारु ढंग से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं। कहीं पर भी कापी व प्रश्नपत्र का संकट नहीं था। पूरी परीक्षा सुचारु ढंग से संपन्न कराई जाएगी। -अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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शनिवार को जिले के 1872 परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा प्रारंभ हुई, तो बड़ी अव्यवस्था सामने आई। परीक्षा सुबह नौ बजे से होनी थी, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों में छात्र छात्राएं 10 बजे तक पहुंचे। उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि इसके लिए धनराशि 15 मार्च को ही नेफ्ट के माध्यम से भेज दिया है, लेकिन शनिवार को जब परीक्षा प्रारंभ हुई, तो जानकारी हुई कि कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां प्रबंध समिति के खाते में धनराशि पहुंची ही नहीं। ऐसे में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निजीस्तर पर व्यवस्था कर कापियों की खरीददारी करनी पड़ी। बताते चलें कि जिले के 1872 परिषदीय विद्यालयों में 1 लाख 71 हजार छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। शनिवार को परीक्षा का जायजा लेने के लिए अमर उजाला टीम ने विभिन्न विद्यालय पहुंची, तो कुछ इस प्रकार की अव्यवस्था देखने को मिली -
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केस एक
प्राथमिक विद्यालय मुरवांह
यहां शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा होती दिखी। प्रधानाध्यापक रतन सिंह ने बताया कि कक्षा 1 से कक्षा 5 तक कुल 76 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। दो परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। 74 बच्चों ने सुचारु ढंग से हिंदी की परीक्षा दी। बताया कि प्रबंध समिति के खाते में धन न आने से उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था उन्हें निजीस्तर पर करनी पड़ी।
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केस दो
प्राथमिक विद्यालय मोहसिनपुर
इस विद्यालय में परीक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजीकृत 43 छात्र छात्राओं के सापेक्ष मात्र 15 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। प्रधानाध्यापिका साधना ने बताया कि परीक्षा के संबंध में छात्र छात्राओं व उनके अभिभावकों को जानकारी दी गई थी। जो बच्चे अनुपस्थित हैं, उनकी परीक्षा बाद में ली जाएगी।
केस तीन
प्राथमिक विद्यालय विजयगांव
इस विद्यालय में पंजीकृत 31 छात्र छात्राओं के सापेक्ष 18 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। बड़ी संख्या में छात्रों की अनुपस्थिति पर प्रधानाध्यापक मंगेशलता ने बताया कि परीक्षा की जानकारी अभिभावकों को भी दी गई थी। सोमवार को शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रबंध समिति के खाते में कापियों के लिए धन दो दिन पहले ही आ गया था।
केस चार
प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर
यहां बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं परीक्षा देते दिखे। प्रधानाध्यापक खुर्शीद आलम ने बताया कि पंजीकृत 228 छात्र छात्राओं के सापेक्ष 220 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा दी। प्रबंध समिति के खाते में एक दिन पहले ही रुपये आ जाने से कॉपियों की व्यवस्था शुक्रवार शाम को ही कर ली गई थी।
परिषदीय विद्यालयों में सुचारु ढंग से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं। कहीं पर भी कापी व प्रश्नपत्र का संकट नहीं था। पूरी परीक्षा सुचारु ढंग से संपन्न कराई जाएगी। -अतुल कुमार सिंह, बीएसए