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बिगड़े पडे़ हैं 972 हैंडपंप, बढ़ेगी पेयजल मुश्किल

Sun, 11 Mar 2018 11:46 PM IST
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:46 PM IST
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बिगड़े पडे़ हैं 972 हैंडपंप, बढ़ेगी पेयजल मुश्किल
अंबेडकरनगर। तापमान में तेजी से वृद्धि होने के बावजूद पेयजल सुविधा को लेकर बेफ्रिकी का माहौल है। अलग-अलग ग्राम पंचायतों में विभिन्न गड़बड़ी से 972 इंडिया मार्का हैंडपंप पूरी तरह से निष्प्रयोज्य पड़े हैं। इन्हें ठीक कराने की सुध नहीं ली जा रही है। इसके चलते ग्रामीणों को भीषण पेयजल की दिक्कत उठानी पड़ रही है। वहीं समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष में 710 हैंडपंप के सापेक्ष महज 35 हैंडपेप ही लगाए जा सके हैं।
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मार्च माह की शुरुआत में ही धूप की तपिश ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन-प्रतिदिन तपिश बढ़ने से तापमान में भी वृद्धि होने लगी है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच सुचारु पेयजल उपलब्धता की फिक्र जिम्मेदारों को नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 34 हजार 147 इंडिया मार्का हैंडपंप स्थापित हैं। इसके सापेक्ष 972 हैंडपंप लंबे समय से बिगड़े पड़े हुए हैं, तो 500 से अधिक हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। इन्हें ठीक कराने की मांग लंबे समय से संबंधित गांव के ग्रामीणों द्वारा की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगामी दिनों में पेयजल को लेकर ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ सकता है।
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पेयजल की उपलब्धता को लेकर लापरवाही तब बरती जा रही है, जबकि जिले के दो भीटी व कटेहरी विकास खंड को क्रिटिकल जोन घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा विधानसभा में सरकार ने भी माना है कि जिले की 16 बस्तियाें का जल रासायनिक रूप से प्रदूषित है। आम लोगों का कहना है कि यदि जल निगम द्वारा इसी प्रकार की से लापरवाही बरती गई, तो भीषण गर्मी पड़ने पर पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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लक्ष्य का पांच फीसदी लगे हैंडपंप
जिले में पेयजल का संकट न हो, इसके लिए शासन से जल निगम को समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष में 710 हैंडपंप लगाए जाने का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक लगभग 35 हैंडपंप ही लगाए जा सके हैं। इसके पीछे कारण यह कि कुछ माननीयों द्वारा हैंडपंप लगाने की सूची विलंब से जल निगम को उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रत्येक विधायक व एमएलसी द्वारा 100-100 हैंडपंप लगाए जाने थे। जिले में पांच विधायक व दो एमएलसी हैं। इस प्रकार 700 हैंडंपप जिले के माननीयों व 10 हैंडपंप अन्य एमएलसी द्वारा लगाए जाने हैं।


ग्राम पंचायत स्तर पर होगा रीबोर का कार्य
पूर्व में खराब हैंडपंपों के रिबोर की जिम्मेदारी जल निगम पर थी जबकि मामूली गड़बड़ी दूर करने का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाता था। प्रमुख सचिव के आदेशानुसार अब रीबोर व मरम्मत दोनों का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम निधि के खाते से होगा। नगर पालिका व नगर पंचायत में खराब पड़े हैंडपंपों के रिबोर व मरम्मत का कार्य जलनिगम द्वारा कराया जाएगा।

-महेंद्र राम, अधिशासी अभियंता जल निगम

शासन से मिली राशि, शीघ्र दुरुस्त होंगे हैंडपंप
ग्राम पंचायत की निधि में गत कुछ माह से धन नहीं था। इसके चलते ही ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंपों के रीबोर का कार्य नहीं हो रहा था। गत दिवस ही शासन से ग्राम पंचायत निधि में आवश्यक राशि पहुंच गई है। ऐसे में शीघ्र ही रीबोर का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए बीते दिनों ही सभी ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। -मयाशंकर मिश्र, डीपीआरओ
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