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आलू भंडारण के संकट से इस बार भी जूझेंगे किसान

Wed, 10 Jan 2018 10:51 PM IST
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:51 PM IST
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आलू भंडारण के संकट से इस बार भी जूझेंगे किसान
अंबेडकरनगर। जिले के आलू किसानों को भंडारण की मुसीबतों से इस बार भी जूझना पडे़गा। कारण यह है कि एक राजकीय कोल्ड स्टोरेज समेत आठ अन्य निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण की की क्षमता सिर्फ साढ़े तीन लाख क्विंटल है। जबकि पैदावार 11 लाख क्विंटल से अधिक होने की उम्मीद है। आलू की फसल जिले में तैयार होने के कगार पर है। इसके बावजूद सरकारी स्तर पर किसानों के आलू खरीद के लिए अभी तक कोई तैयारी सामने नहीं आई है। इससे भी निश्चित तौर पर आगामी दिनों में कई तरह की मुश्किल आएंगी। किसानों ने कहा कि प्रशासन को आलू किसानों की सुविधाओं की तरफ भी समुचित ध्यान देना चाहिए।
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जिले में आलू किसानों की मुश्किलें इस बार भी कम होती नहीं दिख रही हैं। आलू की फसल को भी नकदी फसल के तौर पर देखा जाता है। जिले में यह खेती किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। पिछले कुछ वर्षों से किसानों को आलू की खेती के बाद भंडारण को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कारण यह कि यहां पर भंडारण की क्षमता का अभाव है। पूर्व के वर्षों में भंडारण व निकासी को लेकर किसानों ने व्यापक आक्रोश का इजहार भी किया था। इसके बावजूद आलू भंडारण को लेकर आवश्यक प्रबंध तय नही हो पा रहे। किसानों के आलू की पैदावार का समुचित मूल्य दिलाने कोे लेकर भी उसी तरह की बेफिक्री पसरी नजर आती है। न तो भंडारण क्षमता बढ़ाने की तरफ ध्यान दिया जा रहा और न ही इस बात की सुधि ली जा रही कि आने वाले दिनों में किसानों को समुचित मूल्य कैसा दिलाए जाए।
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बतातेे चलें कि जिले में इस वर्ष 4600 हेक्टेयर खेत में आलू की खेती की गई है। गत वर्ष भी इतने ही क्षेत्रफल में खेती की गई थी। किसानों ने 11 लाख 70 हजार क्विंटल आलू की पैदावार की थी। इस बार भी इतना ही पैदावार होने की उम्मीद की जा रही है। फसल लगभग तैयार होने के कगार पर है। कुछ दिन बाद ही खुदाई का कार्य शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसानों को भंडारण की समस्या से जूझना पडे़गा। कारण यह कि जिले में एक सरकारी व आठ निजी कोल्ड स्टोरेज स्थापित हैं। इनकी क्षमता 3 लाख 46 हजार क्विंटल भंडारण की है। ऐसे में निश्चित तौर पर किसानों को इस बार भी भंडारण की मुसीबत से जूझना पडे़गा।
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दिख नहीं रहे सरकारी खरीद के प्रबंध
आलू की पैदावार तैयार होने की तरफ बढ़ने के बावजूद सरकारी खरीद के प्रबंध न दिखने पर किसानों ने नाराजगी जताई है। किसान सत्यनारायण तिवारी ने बताया कि उन्होंने एक बीघा खेत में आलू की बुआई की है। मौसम का साथ रहा तो आलू की अच्छी उपज होगी। जिससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकेगा। प्रशासन को इस बार सरकारी स्तर पर आलू खरीद का प्रबंध करना चाहिए, जिससे समुचित मूल्य मिल सके किसान रामजनम ने बताया उन्होंने दस विस्वा में आलू की खेती की। ठंड को देखते हुए रोगों के रोकथाम के लिए दवाओं का छिड़काव किया गया है। पैदावार अच्छी होगी, लेकिन भंडारण के साथ-साथ समुचित मूल्य न मिलने का संकट दिख रहा है।


नहीं होने दी जाएगी दिक्कत
जिले में आलू किसानों को मुश्किलें नही होने दी जाएंगी। अभी फसल खेतों में ही है। 9 कोल्ड स्टोरेज में किसानों का समुचित भंडारण कराया जाएगा। किसानों के पैदावार का बड़ा हिस्सा खाने में ही प्रयुक्त हो जाता है। -संजय रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी
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