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खतरे का निशान पार करने को बेताब सरयू नदी का पानी

Wed, 02 Aug 2017 11:18 PM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:18 PM IST
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खतरे का निशान पार करने को बेताब सरयू नदी का पानी
खतरे का निशान पार करने को बेताब सरयू
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टांडा। सरयू नदी का जलस्तर फिर से उफान पर है। नदी का पानी खतरे के निशान से महज 4 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में प्रति घंटा आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। ऐसे में बुधवार देर रात या फिर गुुरुवार को जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। जलस्तर बढ़ने से निकटवर्ती क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। वे सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। उधर प्रशासन ने भी बाढ़ से निपटने के लिए सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों व कर्मचारिेयों को अपने-अपने क्षेत्र में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि लगभग एक पखवारा पूर्व सरयू नदी के जलस्तर में कमी होने लगी थी। इससे स्थिति सामान्य हो गई थी। निकटवर्ती माझा क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ प्रशासन ने भी राहत की सांस ली थी। इस बीच नदी के जलस्तर में एक बार फिर से वृद्धि होने लगी है। नदी का पानी खतरे के चेतावनी बिंदु को पार करने को बेताब नजर आ रहा है। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से मात्र 4 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से निकटवर्ती माझा उलटहवा, माझा कम्हरिया, माझा अवसानपुर, माझा करमपुर, माझा इस्माइलपुर, माझा मुबारकपुर व कश्मीरिया नई बस्ती समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों में हड़कंप मच गया है। दरअसल नदी के जलस्तर में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। ऐसे में बुधवार देर रात या फिर गुरुवार दोपहर तक जलस्तर के लाल निशान को पार करने की संभावना है। बाढ़ की संभावना को देखते हुए निकटवर्ती गांव के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है। उधर जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। बाढ़ से निपटने के लिए स्थापित सभी 32 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। एसडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए 34 निजी नाव को अधिग्रहीत किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नदी में उतारा जाएगा। बाढ़ चौकियों पर भी आवश्यक सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। प्रशासन की निगाह जलस्तर पर लगातार बनी हुई है। लोगों को अभी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समय रहते सभी को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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