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कहीं टपक रही विद्यालय छत, तो कहीं परिसर में जलभराव
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:35 PM IST
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टपक रही स्कूल की छत तो कहीं परिसर बना तालाब
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। बरसात को देखते हुए भी व्यवस्था में सुधार न कराए जाने के चलते कहीं परिषदीय विद्यालय की छत टपक रही है, तो कहीं परिसर में व्याप्त जलभराव से छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। कई विद्यालयों में हैंडपंपों के निकट भी जलभराव की स्थिति बनी है। इससे न सिर्फ शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि हादसे की भी आशंका बनी हुई है। परिषदीय विद्यालयों में इन्हीं अव्यवस्थाओं का नतीजा है कि आमतौर पर अभिभावक अपने बच्चों के हितों को लेकर गंभीर होते हुए इन विद्यालयों की तरफ रुख नहीं कर पाते। बरसात के मौसम में संभावित हादसे से बचने के लिए कई अभिभावक तो अपने पाल्यों को मौसम सामान्य होने तक विद्यालय ही नहीं भेजते। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने विभिन्न विद्यालयों का जायजा लिया, पेश है एक रिपोर्ट : -
केस एक
प्राथमिक विद्यालय गदायां में बारिश के चलते विद्यालय के सामने व इर्दगिर्द जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे विद्यालय पहुंचने में छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। भवन निर्माण को लेकर मानक की अनदेखी किए जाने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानाध्यापक कक्ष की छत टपक रही थी। विद्यालयों में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इतना ही नहीं, बीते दिनों हुई बारिश के चलते बाउंड्रीवॉल भी धराशायी हो गई। जलभराव के चलते पंजीकृत 102 बच्चों के सापेक्ष मात्र 24 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे थे।
केस दो
प्राथमिक विद्यालय विजयगांव के विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत कुल चार कक्ष है। तीन कक्षों में शिक्षण कार्य चलता है। इनमें से दो कक्षों की छत टपकने के चलते पूरा पानी भरा हुआ है, जिससे मात्र एक ही कक्ष में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। यहां बाउंड्रीवॉल का भी निर्माण नहीं है। स्कूल परिसर व इर्दगिर्द के क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई न होने से चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पंजीकृत 65 बच्चों में मात्र 7 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे, जिन्हें एक कक्ष में बैठाकर पढ़ाया गया। छात्रों ने बताया कि बारिश में अक्सर दोनों कक्षों की छत टपकती है।
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केस तीन
प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर में जब टीम विद्यालय में पहुंची, तो यहां मैदान में जलभराव मिला। शिक्षण कक्ष तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से यहां बारिश होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे छात्र छात्राओं को व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। यहां पंजीकृत 200 बच्चों में 73 छात्र छात्राएं विद्यालय पहुंचे। छात्रों ने कहा कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के चलते ही जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
कराई जाएगी मरम्मत
जिन विद्यालयों में आवश्यक मरम्मत की जरूरत है, वहां उसे कराया जाएगा। कुछ विद्यालयों में मरम्मत कार्य पूर्व में कराया जा चुका है। सभी प्रधानध्यापकों को यह निर्देश हैं कि किसी भी दशा में विद्यालय परिसर में पानी न एकत्र रहने पाए। जलनिकासी का प्रबंध तत्काल सुनिश्चित हो।
जेएन सिंह, बीएसए
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। बरसात को देखते हुए भी व्यवस्था में सुधार न कराए जाने के चलते कहीं परिषदीय विद्यालय की छत टपक रही है, तो कहीं परिसर में व्याप्त जलभराव से छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। कई विद्यालयों में हैंडपंपों के निकट भी जलभराव की स्थिति बनी है। इससे न सिर्फ शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि हादसे की भी आशंका बनी हुई है। परिषदीय विद्यालयों में इन्हीं अव्यवस्थाओं का नतीजा है कि आमतौर पर अभिभावक अपने बच्चों के हितों को लेकर गंभीर होते हुए इन विद्यालयों की तरफ रुख नहीं कर पाते। बरसात के मौसम में संभावित हादसे से बचने के लिए कई अभिभावक तो अपने पाल्यों को मौसम सामान्य होने तक विद्यालय ही नहीं भेजते। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने विभिन्न विद्यालयों का जायजा लिया, पेश है एक रिपोर्ट : -
केस एक
प्राथमिक विद्यालय गदायां में बारिश के चलते विद्यालय के सामने व इर्दगिर्द जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे विद्यालय पहुंचने में छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। भवन निर्माण को लेकर मानक की अनदेखी किए जाने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानाध्यापक कक्ष की छत टपक रही थी। विद्यालयों में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इतना ही नहीं, बीते दिनों हुई बारिश के चलते बाउंड्रीवॉल भी धराशायी हो गई। जलभराव के चलते पंजीकृत 102 बच्चों के सापेक्ष मात्र 24 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे थे।
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केस दो
प्राथमिक विद्यालय विजयगांव के विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत कुल चार कक्ष है। तीन कक्षों में शिक्षण कार्य चलता है। इनमें से दो कक्षों की छत टपकने के चलते पूरा पानी भरा हुआ है, जिससे मात्र एक ही कक्ष में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। यहां बाउंड्रीवॉल का भी निर्माण नहीं है। स्कूल परिसर व इर्दगिर्द के क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई न होने से चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पंजीकृत 65 बच्चों में मात्र 7 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे, जिन्हें एक कक्ष में बैठाकर पढ़ाया गया। छात्रों ने बताया कि बारिश में अक्सर दोनों कक्षों की छत टपकती है।
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केस तीन
प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर में जब टीम विद्यालय में पहुंची, तो यहां मैदान में जलभराव मिला। शिक्षण कक्ष तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से यहां बारिश होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे छात्र छात्राओं को व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। यहां पंजीकृत 200 बच्चों में 73 छात्र छात्राएं विद्यालय पहुंचे। छात्रों ने कहा कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के चलते ही जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
कराई जाएगी मरम्मत
जिन विद्यालयों में आवश्यक मरम्मत की जरूरत है, वहां उसे कराया जाएगा। कुछ विद्यालयों में मरम्मत कार्य पूर्व में कराया जा चुका है। सभी प्रधानध्यापकों को यह निर्देश हैं कि किसी भी दशा में विद्यालय परिसर में पानी न एकत्र रहने पाए। जलनिकासी का प्रबंध तत्काल सुनिश्चित हो।
जेएन सिंह, बीएसए