फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   मेधावियों ने जतायी आईएएस व इंजीनियर बनने की इच्छा

मेधावियों ने जतायी आईएएस व इंजीनियर बनने की इच्छा

Fri, 09 Jun 2017 11:03 PM IST
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
मेधावियों ने जतायी आईएएस व इंजीनियर बनने की इच्छा
अफसर व इंजीनियर बनना चाहते हैं मेधावी
विज्ञापन

अंबेडकरनगर। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में सफल मेधावियों में से ज्यादातर की इच्छा आईएएस व इंजीनियर बनने की है। युवाओं ने कहा कि वे समाज में परिवर्तन के लिए काम करना चाहते हैं। युवाओं की सकारात्मक सोच से ही देश व समाज में बदलाव आएगा।

इंजीनियर बन करना है देश का विकास
हाईस्कूल में जिला टॉप करने वाले अभिषेक पांडेय ने सफलता का श्रेय माता, पिता व गुरुजनों को दिया। 93.17 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभिषेक ने कहा कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो संसाधन की कमी भी बाधा नहीं बन सकती है। खेती-किसानी करने वाले पिता बृजेश पांडेय ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि इकलौता पुत्र अभिषेक अच्छी शिक्षा ग्रहण करे। उसने इच्छा पूरी कर दी। परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात माता मीरावती पांडेय ने खुशी जताते हुए कहा कि उनका पुत्र इंजीनियर बनना चाहता है। उसकी इच्छा पूरी करने में वे पूरी शक्ति लगा देंगी।
विज्ञापन


आईएएस बन समाजसेवा है लक्ष्य
इंटरमीडिएट में जिला टॉप करने वाली सुमन राजभर का मुख्य उद्देश्य आईएएस अधिकारी बनकर समाज सेवा करना है। 93.6 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली सुमन ने कहा कि बचपन से ही उसका सपना आईएएस बनने का रहा है। इसी को लक्ष्य मानकर वह पढ़ाई कर रही है। सफलता का श्रेय परिवारीजनों व गुरुजनों को देते हुए युवाओं से आह्वान किया कि किसी लक्ष्य का निर्धारण कर ही आगे बढ़ें। दिल्ली में निजी नौकरी करने वाले पिता जयप्रकाश ने कहा कि उम्मीदों के अनुरूप ही परिणाम आया है। गृहणी माता लीलावती ने पुत्री की सफलता पर खुशी जताई। एमकाम कर रहे बड़े भाई अरुण कुमार ने बहन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उम्मीद है कि सुमन का सपना जरूर पूरा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आईपीएस बनना है लक्ष्य
92 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले के टॉप टेन में चौथा स्थान हासिल करने वाले अंकुर विश्वकर्मा का मुख्य उद्देश्य आईपीएस बनना है। अंकुर ने कहा कि आईपीएस बनकर देश में फैले भ्रष्टाचार को समाप्त करना उसका लक्ष्य है। सीमित संसाधनों में भी सफलता मिल सकती है लेकिन इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति होना आवश्यक है। किसान पिता वीरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि उनका पुत्र जो भी बनना चाहता है, वह उसकी इच्छा जरूर पूरी कराएंगे। गृहणी माता पुष्पांजलि ने पुत्र की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अंकुर ने उम्मीदों के अनुरूप कम संसाधन में भी बड़ी सफलता हासिल कर परिवार का नाम ऊचा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed