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11 प्रधानाध्यापक और 22 सहायक अध्यापक को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:54 PM IST
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अंबेडकरनगर के प्राथमिक विद्यालय सम्मोपुर में निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम गिरिजेश त्यागी।
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता व एमडीएम योजना के सुचारु संचालन को लेकर डीएम के निर्देश पर गुरुवार को अकबरपुर शिक्षाक्षेत्र के 323 विद्यालयों में 40 जिलास्तरीय अफसरों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 11 प्रधानाध्यापक व 22 सहायक अध्यापक अनुपस्थित पाए गए।
इस पर इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वेतन वृद्धि रोके जाने की कार्रवाई हुई। इसके अलावा कुछ शिक्षक ऐसे मिले, जिनकी तैनाती किसी अन्य विद्यालय में थी और पढ़ा कहीं और रहे थे। उनकी संबद्धता एबीएसए द्वारा की गई थी। इस पर एबीएसए अकबरपुर से स्पष्टीकरण मांगा गया।
इसके अलावा 50 से अधिक विद्यालयों में गंदगी पाई गई। इस पर संबंधित प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने का निर्देश दिया गया। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को अकबरपुर शिक्षाक्षेत्र के 323 विद्यालयों का एक साथ औचक निरीक्षण किए जाने का निर्देश दिया।
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डीएम के निर्देश पर गुरुवार सुबह 40 जिलास्तरीय अधिकारियों ने एक साथ विद्यालयों में पहुंचकर जायजा लिया। बीएसए जेएन सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 11 प्रधानाध्यापक, 22 सहायक अध्यापक व 7 प्रेरक अनुपस्थित पाए गए। डीएम के निर्देश के बाद इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही वेतन वृद्धि रोके जाने की कार्रवाई हुई।
बताया कि कुछ शिक्षक ऐसे भी पाए गए, जो अपने तैनाती के विद्यालय में न पढ़ाकर दूसरे विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे थे। पूछे जाने पर उनके द्वारा बताया गया कि उनकी संबद्धता एबीएसए अकबरपुर द्वारा कराया गया है। इस पर एबीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण के दौरान डेढ़ दर्जन विद्यालय ऐसे मिले, जहां पंजीकृत छात्रों की संख्या काफी कम थी। इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोके जाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में किसी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के हित के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।
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इस पर इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वेतन वृद्धि रोके जाने की कार्रवाई हुई। इसके अलावा कुछ शिक्षक ऐसे मिले, जिनकी तैनाती किसी अन्य विद्यालय में थी और पढ़ा कहीं और रहे थे। उनकी संबद्धता एबीएसए द्वारा की गई थी। इस पर एबीएसए अकबरपुर से स्पष्टीकरण मांगा गया।
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इसके अलावा 50 से अधिक विद्यालयों में गंदगी पाई गई। इस पर संबंधित प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने का निर्देश दिया गया। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को अकबरपुर शिक्षाक्षेत्र के 323 विद्यालयों का एक साथ औचक निरीक्षण किए जाने का निर्देश दिया।
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डीएम के निर्देश पर गुरुवार सुबह 40 जिलास्तरीय अधिकारियों ने एक साथ विद्यालयों में पहुंचकर जायजा लिया। बीएसए जेएन सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 11 प्रधानाध्यापक, 22 सहायक अध्यापक व 7 प्रेरक अनुपस्थित पाए गए। डीएम के निर्देश के बाद इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही वेतन वृद्धि रोके जाने की कार्रवाई हुई।
बताया कि कुछ शिक्षक ऐसे भी पाए गए, जो अपने तैनाती के विद्यालय में न पढ़ाकर दूसरे विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे थे। पूछे जाने पर उनके द्वारा बताया गया कि उनकी संबद्धता एबीएसए अकबरपुर द्वारा कराया गया है। इस पर एबीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण के दौरान डेढ़ दर्जन विद्यालय ऐसे मिले, जहां पंजीकृत छात्रों की संख्या काफी कम थी। इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोके जाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में किसी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के हित के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।