पड़ोसी के खेत में शौच को गए युवक की हत्या, कोरांव के गोविंदनगर में वारदात
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गोविंदनगर मोहल्ले में मंगलवार रात पड़ोसी के खेत में शौच करने के विवाद में दो परिवारों में जमकर झगड़ा हो गया। घटना में अनिल कुमार को पीट पीटकर अधमरा कर दिया गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के विरोध में चक्काजाम भी किया गया।
नगर पंचायत कोरांव के गोविंदनगर मोहल्ले के रहने वाले रामचंद्र ओझा किसान हैं। मंगलवार को ठंड लगने के कारण रामचंद्र को दस्त की शिकायत थी। सुबह 10 बजे के करीब इन्हें अचानक दस्त लगी और वह अपने घर के पीछे धान के खेत में जाकर बैठ गए। खेत पड़ोसी का था। धान की कटाई कर रहे हींगलाल और उसके बेटे सोनू व बेटी संगीता रामचंद्र को गाली देने लगे।
जब रामचंद्र ने उनका विरोध किया तो तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी। वहां से थोड़ी दूर घर पर मौजूद रामचंद्र की पत्नी शिवकुमारी व बेटा अनिल कुमार ओझा (25) ने चीखपुकार सुनी तो वह भी दौड़े। इस बीच हींगलाल की तरफ से और लोग आ गए। उन लोगों ने रामचंद्र और उसके बेटे अनिल को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। गांव वाले पहुंचे। किसी तरह बीच बचाव किया। अनिल को सिर में बेहद घातक चोट लगी थी। हालांकि, सांसें चल रही थी।
पड़ोसियों ने रामचंद्र, अनिल व शिवकुमारी को सीएचसी कोरांव पहुंचाया। जहां से उन्हें शहर के लिए रेफर कर दिया गया। रात 2 बजे के करीब एसआरएन प्रयागराज में इलाज के दौरान अनिल ने दम तोड़ दिया। घर के इकलौते चिराग के बुझने से परिवार में हाहाकार मच गया। शिवकुमारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना से आक्रोशित परिजनों बुधवार को शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम संदीप कुमार वर्मा व प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह ने बताया कि उनकी प्राथमिकी भी दर्ज है और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसके बाद चक्काजाम खत्म किया गया।
मवेशियों के चक्कर में काफी समय से चल रहा था विवाद
मंगलवार को रामचंद्र व हींगलाल के बीच हुए विवाद का असली कारण काफी पुराना है। दरअसल, हींगलाल के घर के पास रामचंद्र की जमीन है। उक्त भूखंड में बोई गई फसल को हींगलाल के मवेशी अक्सर नुकसान पहुंचाते रहते थे। इतना ही नही उसी जमीन से हींगलाल व उनके परिजन आते जाते थे। महीनों पहले रामचंद्र ने उक्त भूखंड को घेर दिया था। हींगलाल व उनका परिवार तभी से रामचंद्र से नाराज चल रहे थे। अनिल कुमार अपने माता-पिता का अकेला वारिस था। सात वर्ष पूर्व अनिल के छोटे भाई सुनील की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी।