{"_id":"5c98f3f7bdec2214161d5af3","slug":"youth-killed-by-shooting-day-after-day-in-prayagraj","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः तेज आवाज में गाना बजाने पर चालक का कत्ल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः तेज आवाज में गाना बजाने पर चालक का कत्ल
Mon, 25 Mar 2019 09:00 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 Mar 2019 09:00 PM IST
विज्ञापन
Murder
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेखौफ हो चले बदमाशों ने सोमवार को एक और सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। बाइक में टक्कर लगने के मामूली से विवाद में ई रिक्शा चालक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी फरार हो गया। परिजनों की तहरीर पर दो लोगों पर नामजद केस दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
मो. कासिम पुत्र चुन्नू मूल रूप से कटरा का रहने वाला था। ई रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करने वाला कासिम पिछले पांच सालों से शिवकुटी के रसूलाबाद स्थित हौलीपार मोहल्ले में रहने लगा था। सोमवार सुबह वह कूलर बनवाने जाने के लिए घर से निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभी वह कुछ दूर ही पहुंचा था कि उसके ई रिक्शे से मोहल्ले में ही रहने वाले निजाम अहमद की बाइक में हल्की सी टक्कर लग गई। इस पर वह कासिम से विवाद करते हुए गालीगलौच करने लगा।
कासिम के विरोध करने पर वह घर से लाइसेंसी दोनाली बंदूक निकाल लाया और उस पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे कासिम के सीने में लगी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उधर आरोपी मौके से भाग निकला। घटना से मोहल्ले में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और घायल हालत में कासिम को बेली अस्पताल ले गई। हालत गंभीर होने पर उसे एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। तब तक घरवाले भी पहुंच गए। एसआरएन अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिवकुटी इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक के साले की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें निजाम अहमद के साथ ही मनीष साहू शामिल है। दोनों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
उधर घरवालों का आरोप है कि मृतक कासिम का विवाद किसी अन्य युवक से हो रहा था। जिसमें जबरन निजाम कूद गया और उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। मृतक के साले अशफाक की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कासिम ई रिक्शा लेकर जा रहा था तभी रास्ते में बैठे मनीष साहू से हल्की टक्कर लगने से उसका विवाद हो गया। मनीष गालीगलौच करने लगा, जिसका कासिम ने विरोध किया। इसी दौरान वहां निजाम पहुंच गया और मनीष के पक्ष से विवाद करने लगा। इसके बाद उसने फायर झोंक दिया।
उधर घरवालों के बयान से इतर पुलिस का कहना है कि विवाद तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर हुआ। एसएसपी का कहना है कि मृतक के ई रिक्शे में तेज आवाज में गाना बज रहा था जिसका आरोपी ने विरोध किया। इसी बात को लेकर उनमें विवाद हुआ जिसके बाद उसने फायर झोंक दिया।
मृतक कासिम की जान उसके बेटे की आंखों के सामने ले ली गई। परिवारवालों ने बताया कि जिस समय वारदात हुई, मौके पर कासिम का बड़ा बेटा हसन मौजूद था। दरअसल हसन को साथ लेकर ही वह ई रिक्शे पर रखकर कूलर बनवाने जा रहा था। उसकी मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। मृतक के तीन बच्चों में बेटे हसन(10) व हुसैन(8) और बेटी जैनब(12) साल की है। उधर, पत्नी व पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
दिनदहाड़े हत्या की इस वारदात के बाद शिवकुटी पुलिस भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि जिस बंदूक से फायर कर कासिम की जान ली गई वह लाइसेंसी थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आचार संहिता लगने के बावजूद पुलिस अब तक इस असलहे को क्यों नहीं जमा करा पाई थी। जबकि आचार संहिता लगने के बाद से ही उच्चाधिकारियों ने सख्त निर्देश दिया था कि जल्द से जल्द लाइसेंसी शस्त्र जमा करा लिए जाएं। घटना से यह साबित होता है कि पुलिसकर्मी अपने अफसरों के आदेश को लेकर भी गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
मो. कासिम पुत्र चुन्नू मूल रूप से कटरा का रहने वाला था। ई रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करने वाला कासिम पिछले पांच सालों से शिवकुटी के रसूलाबाद स्थित हौलीपार मोहल्ले में रहने लगा था। सोमवार सुबह वह कूलर बनवाने जाने के लिए घर से निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभी वह कुछ दूर ही पहुंचा था कि उसके ई रिक्शे से मोहल्ले में ही रहने वाले निजाम अहमद की बाइक में हल्की सी टक्कर लग गई। इस पर वह कासिम से विवाद करते हुए गालीगलौच करने लगा।
विज्ञापन
कासिम के विरोध करने पर वह घर से लाइसेंसी दोनाली बंदूक निकाल लाया और उस पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे कासिम के सीने में लगी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उधर आरोपी मौके से भाग निकला। घटना से मोहल्ले में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और घायल हालत में कासिम को बेली अस्पताल ले गई। हालत गंभीर होने पर उसे एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। तब तक घरवाले भी पहुंच गए। एसआरएन अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिवकुटी इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक के साले की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें निजाम अहमद के साथ ही मनीष साहू शामिल है। दोनों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
उधर घरवालों का आरोप है कि मृतक कासिम का विवाद किसी अन्य युवक से हो रहा था। जिसमें जबरन निजाम कूद गया और उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। मृतक के साले अशफाक की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कासिम ई रिक्शा लेकर जा रहा था तभी रास्ते में बैठे मनीष साहू से हल्की टक्कर लगने से उसका विवाद हो गया। मनीष गालीगलौच करने लगा, जिसका कासिम ने विरोध किया। इसी दौरान वहां निजाम पहुंच गया और मनीष के पक्ष से विवाद करने लगा। इसके बाद उसने फायर झोंक दिया।
उधर घरवालों के बयान से इतर पुलिस का कहना है कि विवाद तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर हुआ। एसएसपी का कहना है कि मृतक के ई रिक्शे में तेज आवाज में गाना बज रहा था जिसका आरोपी ने विरोध किया। इसी बात को लेकर उनमें विवाद हुआ जिसके बाद उसने फायर झोंक दिया।
मृतक कासिम की जान उसके बेटे की आंखों के सामने ले ली गई। परिवारवालों ने बताया कि जिस समय वारदात हुई, मौके पर कासिम का बड़ा बेटा हसन मौजूद था। दरअसल हसन को साथ लेकर ही वह ई रिक्शे पर रखकर कूलर बनवाने जा रहा था। उसकी मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। मृतक के तीन बच्चों में बेटे हसन(10) व हुसैन(8) और बेटी जैनब(12) साल की है। उधर, पत्नी व पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
दिनदहाड़े हत्या की इस वारदात के बाद शिवकुटी पुलिस भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि जिस बंदूक से फायर कर कासिम की जान ली गई वह लाइसेंसी थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आचार संहिता लगने के बावजूद पुलिस अब तक इस असलहे को क्यों नहीं जमा करा पाई थी। जबकि आचार संहिता लगने के बाद से ही उच्चाधिकारियों ने सख्त निर्देश दिया था कि जल्द से जल्द लाइसेंसी शस्त्र जमा करा लिए जाएं। घटना से यह साबित होता है कि पुलिसकर्मी अपने अफसरों के आदेश को लेकर भी गंभीर नहीं हैं।