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प्रयागराज: बदमाशों ने यूथ कांग्रेस पदाधिकारी को गोलियों से भूना, हाई अलर्ट के दौरान हुई वारदात
Wed, 31 Mar 2021 12:39 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 31 Mar 2021 12:39 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
प्रयागराज में होली के हाई अलर्ट के दौरान बेखौफ बदमाशों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे डाला। उन्होंने झूंसी के कनिहार गांव में यूथ कांग्रेस के फूलपुर लोकसभा क्षेत्र इकाई के उपाध्यक्ष मो. अकरम (32) को गोलियों से भून दिया गया। वारदात तब हुई जब अकरम मंगलवार रात 11 बजे के करीब गांव में ही मस्जिद के पास स्थित दुकान पर जा रहा था।
सूचना पर डीआईजी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने जमीन के विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस देर रात तक जांच पड़ताल में जुटी रही।
अकरम पुत्र रफीक झूंसी के कनिहार का रहने वाला था। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। मंगलवार रात 11 बजे के करीब वह घर से निकलकर कुछ सामान लेने दुकान पर जा रहा था। अभी वह मस्जिद के पास ही पहुंचा था कि तभी सफारी से पहुंचे हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिरा तो हमलावर भाग निकले।
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उधर, गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर घरवाले बाहर आए तो अकरम को खून से लथपथ पड़ा देख चीखने लगे। शोरगुल पर आसपास के लोग जुट गए और तब तक सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। अकरम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जमीन के विवाद में वारदात की बात सामने आई है। परिजनों ने मृतक के मामा रईस उर्फ पिंटू, उसके बेटे अयान व करिया केवट पर आरोप लगाया है। उनकी तलाश की जा रही है।
-सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी
ढाई साल से चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक, मृतक के घर के पास ही उसका मामा रईस उर्फ पिंटू रहता है। उससे मृतक का एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रईस का दावा था कि उसने ही यह जमीन अकरम के नाम खरीदी थी और वापस मांगने पर वह देने से इंकार कर रहा था। इसी को लेकर लगभग ढाई साल से दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
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सूचना पर डीआईजी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने जमीन के विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस देर रात तक जांच पड़ताल में जुटी रही।
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अकरम पुत्र रफीक झूंसी के कनिहार का रहने वाला था। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। मंगलवार रात 11 बजे के करीब वह घर से निकलकर कुछ सामान लेने दुकान पर जा रहा था। अभी वह मस्जिद के पास ही पहुंचा था कि तभी सफारी से पहुंचे हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिरा तो हमलावर भाग निकले।
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उधर, गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर घरवाले बाहर आए तो अकरम को खून से लथपथ पड़ा देख चीखने लगे। शोरगुल पर आसपास के लोग जुट गए और तब तक सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। अकरम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जमीन के विवाद में वारदात की बात सामने आई है। परिजनों ने मृतक के मामा रईस उर्फ पिंटू, उसके बेटे अयान व करिया केवट पर आरोप लगाया है। उनकी तलाश की जा रही है।
-सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी
ढाई साल से चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक, मृतक के घर के पास ही उसका मामा रईस उर्फ पिंटू रहता है। उससे मृतक का एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रईस का दावा था कि उसने ही यह जमीन अकरम के नाम खरीदी थी और वापस मांगने पर वह देने से इंकार कर रहा था। इसी को लेकर लगभग ढाई साल से दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
लगातार बताता रहा जान का खतरा
उधर, परिजनों व अन्य परिचितों का कहना है कि अकरम लगातार अपनी जान को खतरा बताकर पुलिस अफसरों से गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। करीब डेढ़ महीने पहले भी दो हत्यारोपियों अयान व करिया ने उस पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले की रिपोर्ट भी झूंसी थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
मामले में डीआईजी का कहना है कि विवेचना के दौरान हत्या के प्रयास की बात गलत मिलने पर संबंधित धारा निकाल दी गई थी। अन्य धाराओं में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। यही वजह है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
हाल ही में जेल से छूटा था करिया
सूत्रों का कहना है कि अकरम की हत्या का एक आरोपी करिया केवट आदतन अपराधी है। वह हाल ही में जेल से छूटा था। इससे पहले मुट्टीगंज में हुई बाइक लूट की वारदात में वह गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि, कुछ महीनों पहले अवैध असलहे संग पकड़े जाने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था।
हाई अलर्ट में यह हाल
झूंसी में हुई सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की सक्रियता के दावों की भी पोल खोल दी। होली व पंचायत चुनावों को लेकर हाईअलर्ट जैसा माहौल है। पर्व के मद्देनजर पिछले तीन दिनों से विशेष चौकसी बरते जाने का दावा किया गया था। ऐसे में सनसनीखेज तरीके से हत्या की वारदात पुलिस अफसरों के दावों पर सवाल खड़े करती है।
मामले में डीआईजी का कहना है कि विवेचना के दौरान हत्या के प्रयास की बात गलत मिलने पर संबंधित धारा निकाल दी गई थी। अन्य धाराओं में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। यही वजह है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
हाल ही में जेल से छूटा था करिया
सूत्रों का कहना है कि अकरम की हत्या का एक आरोपी करिया केवट आदतन अपराधी है। वह हाल ही में जेल से छूटा था। इससे पहले मुट्टीगंज में हुई बाइक लूट की वारदात में वह गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि, कुछ महीनों पहले अवैध असलहे संग पकड़े जाने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था।
हाई अलर्ट में यह हाल
झूंसी में हुई सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की सक्रियता के दावों की भी पोल खोल दी। होली व पंचायत चुनावों को लेकर हाईअलर्ट जैसा माहौल है। पर्व के मद्देनजर पिछले तीन दिनों से विशेष चौकसी बरते जाने का दावा किया गया था। ऐसे में सनसनीखेज तरीके से हत्या की वारदात पुलिस अफसरों के दावों पर सवाल खड़े करती है।