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प्रयागराज : निजी विद्यालय के शिक्षक की बर्खास्तगी के खिलाफ रिट याचिका पोषणीय नहीं
Sat, 03 Oct 2026 06:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 03 Oct 2026 06:58 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि निजी ट्रस्ट की ओर से संचालित गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान के कर्मचारियों की सेवाओं से जुड़े मामलों के लिए अनुच्छेद-226 के तहत रिट याचिका पोषणीय नहीं है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि निजी ट्रस्ट की ओर से संचालित गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान के कर्मचारियों की सेवाओं से जुड़े मामलों के लिए अनुच्छेद-226 के तहत रिट याचिका पोषणीय नहीं है। क्योंकि, यह मूलत: नियोक्ता और कर्मचारी के बीच संविदात्मक प्रकृति का निजी विवाद होता है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने आजमगढ़ निवासी शिक्षिका नूतन राय की बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी निजी संस्था के खिलाफ रिट जारी की जा सकती है। यदि उससे सार्वजनिक प्रकृति के कर्तव्य का पालन कराया जाना हो। लेकिन सेवा अनुबंध से उपजा विवाद पूरी तरह से निजी विवाद होने के कारण रिट अधिकार क्षेत्र से बाहर है। मामले में याची ने निजी शिक्षण संस्थान से अपनी सेवा समाप्त किए जाने को चुनौती दी थी। प्रतिवादियों ने प्रारंभिक आपत्ति उठाते हुए कहा कि संस्थान एक निजी ट्रस्ट है।
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संस्थान को सरकार से कोई सहायता या अनुदान नहीं मिलता।याची ने अंडी मुक्ता सद्गुरु श्री मुक्ताजी वंदास स्वामी सुवर्ण जयंती महोत्सव स्मारक ट्रस्ट मामले का हवाला दिया। कहा कि सार्वजनिक कर्तव्य निभाने वाली निजी संस्था के खिलाफ रिट याचिका दायर की जा सकती है। वहीं, संस्थान ने सेंट मैरी एजुकेशन सोसाइटी, आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी और दिलीप कुमार पांडे के मामलों का हवाला दिया।
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कहा कि जब सेवा शर्तें किसी वैधानिक प्रावधान से नियंत्रित न हों तो कर्मचारी को रिट के असाधारण अधिकार क्षेत्र का सहारा नहीं मिल सकता।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा भले ही सार्वजनिक महत्व का विषय हो, लेकिन इससे निजी शिक्षण संस्थान में नियोक्ता-कर्मचारी संबंध का प्रत्येक पहलू सार्वजनिक कानून के दायरे में नहीं आ जाता। यदि सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाला कोई वैधानिक ढांचा नहीं है तो संबंध अनुबंध पर आधारित रहेगा।