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बेटियों की चिंता, न बच्चों की: साइबर अपराध के 83 फीसदी मामले लंबित 

Fri, 09 Jul 2021 11:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 09 Jul 2021 11:41 AM IST
सार

  • नेशनल पोर्टल पर आने वाली शिकायतों  के निस्तारण में भी लापरवाही 

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Worry about daughters, not children: 83% of cyber crime cases pending
साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराध के लगातार बढ़ते मामले बड़ी चुनौती बने हुए हैं। खासतौर से महिलाओं व बच्चों से जुड़े मामलों का बढना और भी चिंताजनक है। इसके बावजूद जिला पुलिस इन मामलों को लेकर गंभीर नहीं है। हाल यह है कि पिछले दो साल में महिला व बच्चों से संबंधित आई कुल शिकायतों में से महज 17 फीसदी पर ही कार्रवाई जिला पुलिस की ओर से की गई है। यानी 84 फीसदी मामलों में कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। 

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बच्चों व महिलाओं से जुड़े साइबर अपराध के मामलों की  संख्या को देखते हुए ही केंद्र सरकार की ओर से साइबर क्राइम प्रिवेंशन अगेंस्ट विमेन एंड चिल्ड्रेन(सीसीपीडब्ल्यूसी) योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत ही साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल भी बनाया गया है। इस पोर्टल पर देश भर से कहीं भी महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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Worry about daughters, not children: 83% of cyber crime cases pending
हैकिंग - फोटो : iStock

इन शिकायतों को संबधित राज्य, जनपद की पुलिस से साझा किया जाता है और की गई कार्रवाई पर लगातार निगरानी भी की जाती है। पिछले दो साल की बात की जाए तो प्रयागराज से कुल 1700 से ज्यादा शिकायतें इस पोर्टल पर दर्ज हुईं। हालांकि इनमें से लगभग 300 ही ऐसी रहीं जिन पर पुलिस ने एक्शन लिया। शेष करीब 1400 शिकायतों पर संज्ञान ही नहीं लिया गया। इस तरह से देखा जाए तो केवल 17 फीसदी ही शिकायतों पर कार्रवाई की गई। 

निस्तारण के मामले में जिले का 67वां नंबर
नेशनल पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के मामले में प्रयागराज पूरे राज्य में 67वें नंबर पर है। यानी सात ही जिले ऐसे हैं जिनका नंबर प्रयागराज के बाद आता है। जबकि एटा, सोनभद्र, बहराइच, जालौन, मिर्जापुर, बांदा, ललितपुर जैसे जनपद भी निस्तारण के मामले में प्रयागराज से ऊपर हैं। 

Worry about daughters, not children: 83% of cyber crime cases pending
साइबर सुरक्षा - फोटो : amar ujala
मुख्यालय से पत्र भेजकर जताई गई आपत्ति
साइबर क्राइम की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीजीपी मुख्यालय की ओर से पत्र भेजकर आपत्ति जताई गई है। इसमें निर्देशित किया गया है कि बड़ी संख्या में शिकायतों का निस्तारण न होना यह दर्शाता है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यह स्थिति आपत्तिजनक है, ऐसे में इस पर तत्काल सुधार अपेक्षित है। 

दो साल में कुल शिकायतें- 1763
जिन मामलों में कार्रवाई हुई-  293
रिपोर्ट दर्ज की गई- दो मामलों में
कार्रवाई का प्रतिशत- लगभग 17 फीसदी

सीसीपीडब्ल्यूसी से संबंधित पोर्टल पर आने वाली हर शिकायतों को गंभीरता से लेने व त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। जिन भी जनपदों में प्रगति धीमी है, उन्हें पत्र भेजकर तत्काल सुधार करने को कहा गया है। -रामकुमार, एडीजी साइबर क्राइम
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