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ऋचा सिंह की गिरफ्तारी का महिला आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट

Mon, 30 Dec 2019 12:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 12:21 AM IST
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Women's Commission took cognizance of Richa Singh's arrest, sought report
Women's Commission took cognizance of Richa Singh's arrest, sought report
महिला आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
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प्रयागराज, 29 दिसंबर। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को अनशन से उठाए जाने के मामले को राट्रीय महिला आयोग ने अपने संज्ञान में लिया है। इसके साथ ही आयोग ने छात्राओं से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के महिला हॉस्टल परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। रविवार दोपहर महिला हॉस्टल के गेट पर अनशन पर बैठीं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह एवं अन्य दो छात्राओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई होते ही इसकी सूचना महिला आयोग की एक सदस्य तक पहुंच गईं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोग की एक सदस्य ने घटना का संज्ञान लेते हुए इसका क्रमवार ब्यौरा, उपलब्ध फोटोग्राफ एवं वीडियो मांगे हैं। संयुक्त संघर्ष समिति ने उपलब्ध सूचनाएं आयोग को प्रेषित कर दी हैं।
वहीं, छात्राओं पर हुई कार्रवाई के खिलाफ निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि आंदोलन 17 दिनों से चल रहा था, जो धारा 144 के तहत 16 दिनों तक जनतंत्र की सीमाओं में आता था लेकिन आज वही शांतिपूर्ण क्रमिक अनशन भयानक अपराध हो गया। अखिलेश का आरोप है कि इविवि में शिक्षक भर्ती शुरू होने की अफवाह के साथ पुलिस के आला अधिकारी अपने लोगों की भर्ती के जुगाड़ में लग गए। भ्रष्ट कुलपति को बर्खास्त करने के लिए चल रहे आंदोलन के 17वें दिन पुलिस का बर्बर चेहरा बेनकाब हो गया। छात्र नेता अजय सम्राट ने कहा कि पुलिस की बर्बरत से आंदोलन उग्र हो सकता है। युवा सैलाब को छेड़ने का प्रयास न करें। पुलिस हमारे सब्र की परीक्षा न ले।
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ऋचा को अनशन स्थल से हटाने का स्वागत
प्रयागराज, 29 सितंबर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) ने ऋचा सिंह के इस बयान की निंदा की है कि नियुक्ति शुरू करने की अनुमति से इविवि के कुलपति को क्लीन चिट नहीं मिली है। ऑक्टा का आरोप है कि ऋचा खुद को बचाने के लिए अनशन पर बैठीं हैं और विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के माहौल को बिगाड़ने पर उतारू हैं। ऑक्टा ने ऋचा को अनशन स्थल से हटाए जाने का स्वागत किया है। ऑक्टा के महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि यह कार्रवाई पहले हो जानी चाहिए थी।
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छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश से मिलने का मांगा समय
प्रयागराज, 29 दिसंबर। अनशन स्थल पर बैठी छात्राओं पर हुई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ संयुक्त संघर्ष समिति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शिकायत की है और उनसे मिलने के लिए समय मांगा है। पत्र में छात्रों ने लिखा है कि क्रमिक अनशन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक छात्राओं को वहां से हटा दिया। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हमारा मौलिक अधिकार है।
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