फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Without stitching the Out of the hospital, The girl died at the hospital gate

अमानवीयता : बगैर टांके लगाए बच्ची को निकाला, निजी अस्पताल के गेट पर तड़पकर तोड़ा दम, हंगामा

Sat, 06 Mar 2021 01:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 06 Mar 2021 01:02 AM IST
विज्ञापन
Without stitching the Out of the hospital, The girl died at the hospital gate
prayagraj news : बच्ची की मौत के बाद हंगामा करते परिजन। - फोटो : prayagraj

कौशाम्बी में चायल क्षेत्र के एक निजी अस्पताल के गेट पर शुक्रवार को तीन साल की खुशी ने तड़पकर दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत से आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया। रास्ता जाम करने की कोशिश भी की गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने गेट नहीं खोला। परिजनों ने आरोप लगाया कि आपरेशन के दौरान बच्ची को टांके नहीं लगाए गए और फटे पेट के साथ बच्ची को अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। ट्विटर पर की गई शिकायत पर जिलाधिकारी ने एडीएम व सीएमओ की दो सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। 

विज्ञापन


करेली के करेंहदा निवासी मुकेश मिश्र की तीन साल की बेटी खुशी को पेट दर्द की शिकायत थी। उन्होंने बताया कि एक डॉक्टर ने खुशी को 15 फरवरी को चायल के निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए रेफर किया था। वहां बच्ची को ले जाने पर डॉक्टर ने बताया कि आंतें सिकुड़ रही हैं, ठीक हो जाएगी। दो दिन बाद डॉक्टरों ने आपरेशन किया।
विज्ञापन


मुकेश का आरोप है कि डॉक्टरों ने खुशी का ऑपरेशन ठीक से नहीं किया। पांच दिन बाद खुशी को आराम नहीं मिला तो डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया। मुकेश का कहना था कि आपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने टांके  भी नहीं लगाए। आरोप लगाया कि दो मार्च को डॉक्टरों ने दर्द से कराह रही खुशी का इलाज करने के बजाय उसे कहीं और ले जाने को कहा। खुशी को चिल्ड्रेन अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन वहां के सीएमएस ने इससे इनकार किया। उन्होंने बताया कि खुशी का इलाज चिल्ड्रेन में नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर खुशी की हालत में सुधार नहीं हुआ तो मुकेश उसे लेकर शुक्रवार सुबह एक बार उसी निजी अस्पताल लेकर गए, जहां खुशी का ऑपरेशन हुआ था। वहां गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया। वह गोद में खुशी को लेकर करीब दो घंटे इधर से उधर भटकते रहे, लेकिन गार्ड ने उन्हें भीतर नहीं जाने दिया। इस बीच दर्द से तड़प रही खुशी ने अस्पताल के गेट पर पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से नाराज परिवारीजन हंगामा करने लगे। करेंहदा से भी परिचितों को बुलाया गया। थोड़ी ही देर में वहां जुटी भीड़ हंगामा करने लगी। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर वहां पिपरी, कोखराज, परिश्चम शरीरा सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। सीओ चायल भी पहुंचे।


सीओ ने लोगों को शांत कराया। सीओ ने बताया कि खुशी के परिवारीजनों ने मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी है। शव पोस्टमार्टम के लिए मंझनपुर भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर  जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने कहा है कि मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) व मुख्य चिकित्साधिकारी की दो सदस्यीय टीम गठित की है। जिलाधिकारी ने कहा है कि यदि जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed