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नगरवार हत्याकांड: कम समय में ही जरायम की दुनिया में कल्लू ने हासिल की थी महारथ, थानाध्यक्ष की हत्या के बाद आया था सुर्खियों में

Sun, 22 Aug 2021 06:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 22 Aug 2021 06:03 PM IST
सार

घूरपुर के बिरवल गांव में 2013 में दिनदहाडे ट्यूवेल से घर लौटते समय   गुड्डू तिवारी पर कल्लू ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। घूरपुर थाने पर उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।

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Within a short time, Kallu Tiwari had achieved mastery in the world of Crime, came in the headlines after the murder of the SHO
Prayagraj News : कल्लू तिवारी (फाइल फोटो)। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

प्रयागराज के घूरपुर थाना बिरवल निवासी अमित तिवारी उर्फ कल्लू एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था। बचपन से ही वह शातिर दिमाक का था। 16 वर्ष की उम्र से ही वह घटनाएं करने लगा था। 2010 में प्रयागराज के सिविल लाइंस में लूट की योजना के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। जेल से छूटने के बाद 2011 में उसने रीवा के मनगवा में लूट व हत्या की घटना को अंजाम दिया था। लूट, हत्या, डकैतीं उसकी दिनचर्या में था।

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उसके खौफ से लोग दहशत जदा थे। मंगलवार की सुबह नगरवार गांव में खेत में पानी ले जाने के लिए शुरू हुए विवाद में अमित तिवारी उर्फ कल्लू की गोली लगने से मौत हो गई। बताया जाता है कि पानी के विवाद में पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान आमने-सामने आ गए थे। इसमें वर्तमान प्रधान के परिजनों ने कल्लू तिवारी को फोन कर बुलवाया था। कल्लू मौके पर पहुंचा तो विवाद शुरू था, इतने में ही उसने विपक्षी पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई।

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Within a short time, Kallu Tiwari had achieved mastery in the world of Crime, came in the headlines after the murder of the SHO
Prayagraj News : घटना पर पहुंची पुलिस, घायलों को ले जाती हुई। - फोटो : प्रयागराज

एसओ बारा की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था कल्लू 
घूरपुर के बिरवल गांव में 2013 में दिनदहाडे ट्यूवेल से घर लौटते समय   गुड्डू तिवारी पर कल्लू ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। घूरपुर थाने पर उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। उासके बाद से कल्लू फरार हो गया था। फरारी में ही अप्रैल 2013 में अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर बारा थाना क्षेत्र के सेहुंडा बारा के बीच एक फार्मासिस्ट की कार लूट लूटी थी। दो माह बाद 14 जून को कार की लोकेशन मिलने पर तत्कालीन एसओ रहे आरपी द्विवेदी ने कार का पीछा किया। पकड़ जाने के डर से कल्लू तिवारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शंकरगढ क्षेत्र में एसओ को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। एसओ हत्याकांड के बाद कल्लू सुर्खियों में आया था। हत्याकांड के बाद क्षेत्र में उसकी दहशत काफी बढ़ गई थी।

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Within a short time, Kallu Tiwari had achieved mastery in the world of Crime, came in the headlines after the murder of the SHO
Prayagraj News : घटना पर पहुंची पुलिस। - फोटो : प्रयागराज
जमानत पर रिहा होने के बाद हर काम मे देता था दखल
एसओ बारा हत्या कांड में पच्चीस हजार का इनमिया हिस्ट्रीशीटर  अमित तिवारी उर्फ कल्लू जेल से छूटने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रखा था। वह आस-पास के गांवो में आतंक का पर्याय बन चुका था। खुलेआम अवैध असलहा लेकर घूमना लोगों को धमकाना उसकी आदतों में शुमार था। उसके खौफ से लोग शिकायत करने से कतराते थे।

कल्लू तिवारी का आपराधिक इतिहास
2010 में प्रयागराज सिविल लाइंस में लूट की योजना के आरोप में मुकदमा। 2011 में रीवा जनपद के मनगवा में लूट और हत्या का मुकदमा। 2013 में बारा थाने में लूट का मुकदमा। 2013 शंकरगढ में हत्या का मुकदमा। 2013 घूरपुर में हत्या का मुकदमा। 2013 धूमनगंज में हत्या के प्रयाश का मुकदमा। 2013 घूरपुर में डकैतीं का मुकदम। 2013 शंकरगढ में गैंगेस्टर का मुकदमा। 2020 घूरपुर में चोरी व अवैध तमंचा का मुकदमा दर्ज है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
क्षेत्रीय लोगों में यह चर्चा है कि जेल से छूटने के बाद शातिर बदमाश पर पुलिस अफसरों की निगाह नहीं पड़ी। इस बात को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगना स्वाभाविक है। घूरपुर से लालापुर तक के गांवों में खुलेआम अवैध असलहा लेकर चलना व लोगों को धमकाना उसकी आदत बन गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि इधर पुलिस गश्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बढ़ गए थे। एसओ घूरपुर ने बताया कि गैंगेस्टर व गुंडा एक्ट की कार्रवाई पूर्व में की जा चुकी है। कई बार घर पर दबिश दी गई थी किन्तु वह मिला नहीं।
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