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स्कूल स्तर से ध्यान देने पर ही निकलेंगे फुटबालर-जतिन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:58 AM IST
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फुटबालर जतिन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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देश में क्रिकेट की तरह फुटबाल को भी प्रसिद्धि दिलाने के लिए स्कूल स्तर से ही बेहतर खिलाड़ी निकालने की कोशिश होनी चाहिए। अगर स्कूलों को विशेषज्ञ प्रशिक्षक रखे जाएं तो निश्चित ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाड़ी निकलकर सामने आएंगे। यह बात भारत के लिए कई अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं सहित देश के तमाम बड़े फुटबाल क्लबों के लिए खेल चुके जतिन सिंह बिस्ट ने कही। वह रविवार को प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब थे।
उन्होंने भारत में फुटबाल का स्तर बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने की जरूरत बताई। कहा जैसा भारत सरकार फीफा अण्डर-17 विश्वकप प्रमोशन के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पीटीआई के मुकाबले विशेषज्ञ खेल प्रशिक्षक होना चाहिए। साथ ही हर जिले में फुटबाल अकादमी खुलने के अलावा पेशेवर प्रशिक्षक से ही प्रशिक्षण लेना चाहिए। फुटबाल प्रशिक्षकों को भी हमेशा नई तकनीक से लैस होना चाहिए, जैसा फीफा द्वारा लाइसेंस कोर्स कराया जा रहा है, फुटबाल प्रशिक्षक की आधुनिक तकनीक शामिल है। सूबे के शाहजहांपुर निवासी जतिन फ्री किक स्पेशलिस्ट कहे जाते थे।
एशियन स्कूल चैंपियनशिप के लिए दक्षिण कोरिया गई एसजीएफआई अण्डर-19 टीम के कोच आरडी पाल ने कहा कि प्रदेश में फुटबाल के प्रति नए खिलाड़ियों में रूझान कम है। इसके लिए फुटबाल संघों, कोचों और प्रशासकों को एक सिस्टम के अनुसार ही काम करने की जरूरत है। जतिन ने इलाहाबाद के एमआईएमजी क्लब के 19 वर्षीय अबुजर खान को भविष्य का बेहतरीन फुटबालर बताते हुए कहा कि उसमें वह प्रतिभा है जिससे वह देश का प्रतिनिधित्व कर सके। कोच शादाब रजा से शुरुआती प्रशिक्षण लेने वाले अबुजर वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जो ओएनजीसी में पिछले एक साल से खेल रहे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान एमआईएमजी क्लब की तरफ से अबुबकर खान ने जतिन बिस्ट, आरडी पाल का सम्मान भी किया गया।
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उन्होंने भारत में फुटबाल का स्तर बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने की जरूरत बताई। कहा जैसा भारत सरकार फीफा अण्डर-17 विश्वकप प्रमोशन के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पीटीआई के मुकाबले विशेषज्ञ खेल प्रशिक्षक होना चाहिए। साथ ही हर जिले में फुटबाल अकादमी खुलने के अलावा पेशेवर प्रशिक्षक से ही प्रशिक्षण लेना चाहिए। फुटबाल प्रशिक्षकों को भी हमेशा नई तकनीक से लैस होना चाहिए, जैसा फीफा द्वारा लाइसेंस कोर्स कराया जा रहा है, फुटबाल प्रशिक्षक की आधुनिक तकनीक शामिल है। सूबे के शाहजहांपुर निवासी जतिन फ्री किक स्पेशलिस्ट कहे जाते थे।
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एशियन स्कूल चैंपियनशिप के लिए दक्षिण कोरिया गई एसजीएफआई अण्डर-19 टीम के कोच आरडी पाल ने कहा कि प्रदेश में फुटबाल के प्रति नए खिलाड़ियों में रूझान कम है। इसके लिए फुटबाल संघों, कोचों और प्रशासकों को एक सिस्टम के अनुसार ही काम करने की जरूरत है। जतिन ने इलाहाबाद के एमआईएमजी क्लब के 19 वर्षीय अबुजर खान को भविष्य का बेहतरीन फुटबालर बताते हुए कहा कि उसमें वह प्रतिभा है जिससे वह देश का प्रतिनिधित्व कर सके। कोच शादाब रजा से शुरुआती प्रशिक्षण लेने वाले अबुजर वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जो ओएनजीसी में पिछले एक साल से खेल रहे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान एमआईएमजी क्लब की तरफ से अबुबकर खान ने जतिन बिस्ट, आरडी पाल का सम्मान भी किया गया।
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