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ससुर से भरण-पोषण पाने की हकदार है विधवा बहू: हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2024 06:36 AM IST
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Widow daughter-in-law is entitled to maintenance from father-in-law: High Court
इलाहाबाद
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हाईकोर्ट ने कहा कि विधवा बहू को अपने ससुर से भरण पोषण पाने का अधिकार है। इसके लिए उसका ससुराल में रहना जरूरी नहीं है। विधवा का अपने माता-पिता के साथ रहने का मतलब यह नहीं है कि वह ससुराल से अलग हो गई।
न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश की खंडपीठ ने राजपति बनाम भूरी देवी की याचिका पर यह आदेश दिया। आगरा निवासी राजपति के बेटे की 1999 में मौत हो गई। इसके बाद बहू ने आगरा फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया। ससुर की संपत्ति पर भी अपना हक जताया, जिस पर उसके पति का अधिकार था।
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वहीं, ससुर ने दावा किया कि बहू लाभ का काम रही है। साथ ही कहा कि बहू ने दोबारा शादी की है और नौकरी कर रही है। फैमिली कोर्ट ने ससुर की बातों पर विश्वास न करते बहू को 20 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही बहू को तीन हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश दिया।
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इस आदेश को ससुर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। खंडपीठ ने पाया कि ससुर ने केवल मौखिक कथन किए हैं। ससुर ने बहू के पुनर्विवाह और नौकरी करने के संबंध में कोई सबूत नहीं पेश कर पाए। इस पर कोर्ट ने माना कि बहू अपने ससुर से भरण-पोषण पाने की हकदार है। ब्यूरो
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