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प्रयागराज में राशन वितरण में व्यापक गड़बड़ी
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widespread disruption in ration ditribution in prayagraj
- फोटो : CITY DESK
सरकारी दुकानों पर मुफ्त राशन वितरण में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की शिकायतें हुईं हैं। कई परिवारों का आरोप है कि उन्हें पिछले महीने तक राशन मिला है, लेकिन इस बार कोटेदार ने वापस कर दिया। इसके अलावा ज्यादातर कार्ड में यूनिट की संख्या में कटौती की शिकायत भी है। लोगों ने डीएम कार्यालय से भी इसकी शिकायत की है।
कौड़िहार के एक गांव की सुनीता देवी, गीता देवी आदि का कहना है कि उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया। कोटेदार ने बताया कि उनके नाम कट गए हैं। इसी तरह से मुन्नी देवी, बेला देवी, शबनम, मोहम्मद अली, ननकी आदि ने भी राशन न दिए जाने या यूनिट में कटौती की शिकायत की है। कहना है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी अफसरों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मम्फोर्डगंज में अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिए जाने की शिकायत हुई है। सिविल डिफेंस के वार्डेन्स की मदद से लोगों ने इसकी शिकायत एसीएम से भी की। इस तरह की शिकायतें कई अन्य जगहों से भी आई है।
राशन लेने के लिए चलना पड़ रहा चार किमी पैदल
राशन वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी सवाल खड़ा हो गया है। ई-पॉश मशीन से राशन वितरण पर पहले से सवाल बना हुआ है। इसके अलावा कई कंट्रोल पर चार-चार किमी दूर मोहल्लों के लोगों को भी अटैच कर दिया गया है। मम्फोर्डगंज के एक दुकान पर मेंहदौरी के लोगों को अटैच किया गया है। कार्डधारकों ने आसपास के कंट्रोल से अटैच करने की मांग की है।
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कालाबाजारी करने वाले दो कोटेदारों पर मुकदमा
राशन वितरण में धांधली करने वाले कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है। डीएम के आदेश पर कालाबाजारी करने वाले दो कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। कोटेदारों के खिलाफ कालाबाजारी की शिकायत हुई थी। जांच में भी शिकायत पाई गई। इस पर बहरिया के चंदरपुर गांव के कोटेदार पन्नालाल तथा मेजा के जेरा गांव के कोटेदार इंद्रावती के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है।
निजी कार्य में लगे मनरेगा मजदूरों को राहत की उम्मीद
लॉकडाउन की वजह से आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य काम ठप हो गए हैं। इसकी वजह से मनरेगा मजदूरों के पास भी कोई काम नहीं रह गया है। ऐसे में व्यक्तिगत कार्यों में लगे मनरेगा मजदूरों को राहत देने की तैयारी है। पशुओं के चरनी एवं छप्पर निर्माण, खेती जैसे निजी कार्यों में लगे लोगों को भी मनरेगा मजदूरों की श्रेणी का लाभ दिए जाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। अब लॉकडाउन के दौरान इन कार्यों को करने की छूट देने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, अभी शासनादेश का इंतजार है। इसमें लगे लोगों को मनरेगा मजदूरों की श्रेणी में रखते हुए मजदूरी दी जाएगी। सरकार ने एक अप्रैल से मजदूरी में 20 रुपये का इजाफा भी किया है। इन्हें इसका भी लाभ मिलेगा।
कितने मजदूरों को मिली राशि, जानकारी नहीं
सक्रिय मनरेगा जॉब कार्डधारकों को प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। जिले में 1.87 लाख सक्रिय मजदूर हैं, लेकिन इनमें से कितने लोगों को प्रदेश सरकार की योजना का लाभ मिला इसकी जानकारी विभाग को नहीं है। इतना ही नहीं सरकार ने मजदूरों को पुराना बकाया भी दे दिया है। यह राशि मजदूरों के खाते में भेज दी गई है लेकिन विभाग में इसकी जानकारी नहीं है। उपायुक्त मनरेगा का कहना है कि इस बारे में एडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय से पता लगाया जा सकता है।
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कौड़िहार के एक गांव की सुनीता देवी, गीता देवी आदि का कहना है कि उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया। कोटेदार ने बताया कि उनके नाम कट गए हैं। इसी तरह से मुन्नी देवी, बेला देवी, शबनम, मोहम्मद अली, ननकी आदि ने भी राशन न दिए जाने या यूनिट में कटौती की शिकायत की है। कहना है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी अफसरों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मम्फोर्डगंज में अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिए जाने की शिकायत हुई है। सिविल डिफेंस के वार्डेन्स की मदद से लोगों ने इसकी शिकायत एसीएम से भी की। इस तरह की शिकायतें कई अन्य जगहों से भी आई है।
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राशन लेने के लिए चलना पड़ रहा चार किमी पैदल
राशन वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी सवाल खड़ा हो गया है। ई-पॉश मशीन से राशन वितरण पर पहले से सवाल बना हुआ है। इसके अलावा कई कंट्रोल पर चार-चार किमी दूर मोहल्लों के लोगों को भी अटैच कर दिया गया है। मम्फोर्डगंज के एक दुकान पर मेंहदौरी के लोगों को अटैच किया गया है। कार्डधारकों ने आसपास के कंट्रोल से अटैच करने की मांग की है।
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कालाबाजारी करने वाले दो कोटेदारों पर मुकदमा
राशन वितरण में धांधली करने वाले कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है। डीएम के आदेश पर कालाबाजारी करने वाले दो कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। कोटेदारों के खिलाफ कालाबाजारी की शिकायत हुई थी। जांच में भी शिकायत पाई गई। इस पर बहरिया के चंदरपुर गांव के कोटेदार पन्नालाल तथा मेजा के जेरा गांव के कोटेदार इंद्रावती के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है।
निजी कार्य में लगे मनरेगा मजदूरों को राहत की उम्मीद
लॉकडाउन की वजह से आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य काम ठप हो गए हैं। इसकी वजह से मनरेगा मजदूरों के पास भी कोई काम नहीं रह गया है। ऐसे में व्यक्तिगत कार्यों में लगे मनरेगा मजदूरों को राहत देने की तैयारी है। पशुओं के चरनी एवं छप्पर निर्माण, खेती जैसे निजी कार्यों में लगे लोगों को भी मनरेगा मजदूरों की श्रेणी का लाभ दिए जाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। अब लॉकडाउन के दौरान इन कार्यों को करने की छूट देने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, अभी शासनादेश का इंतजार है। इसमें लगे लोगों को मनरेगा मजदूरों की श्रेणी में रखते हुए मजदूरी दी जाएगी। सरकार ने एक अप्रैल से मजदूरी में 20 रुपये का इजाफा भी किया है। इन्हें इसका भी लाभ मिलेगा।
कितने मजदूरों को मिली राशि, जानकारी नहीं
सक्रिय मनरेगा जॉब कार्डधारकों को प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। जिले में 1.87 लाख सक्रिय मजदूर हैं, लेकिन इनमें से कितने लोगों को प्रदेश सरकार की योजना का लाभ मिला इसकी जानकारी विभाग को नहीं है। इतना ही नहीं सरकार ने मजदूरों को पुराना बकाया भी दे दिया है। यह राशि मजदूरों के खाते में भेज दी गई है लेकिन विभाग में इसकी जानकारी नहीं है। उपायुक्त मनरेगा का कहना है कि इस बारे में एडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय से पता लगाया जा सकता है।