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एसटी की रिक्त सीटों पर एससी को नियुक्ति क्यों नहीं
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:26 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती में एसटी कोटे की सीटें अधिकांश जिलों में रिक्त रह गई हैं। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण इन खाली पदों को अगली भर्ती के लिए कैरी फारवर्ड किया जा सकता है। इस आशंका से तमाम एससी अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। मांग की गई है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की रिक्त सीटों पर अनुसूचित जाति के योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। दीप माला और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति मनोज मिश्र ने आठ नवंबर तक प्रदेश सरकार को इस पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 16 जून 2016 को 16448 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। याचीगण ने एससी कोटे के तहत आवेदन किया। उनके अंक न्यूनतम कट ऑफ मार्क्स से कुछ कम होने के कारण काउंसलिंग में नहीं शामिल किया गया। दलील दी गई कि आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(3) के तहत एसटी कोटे की रिक्त सीटों को एससी अभ्यर्थियों से भरे जाने का प्रावधान है।
कहा गया कि इलाहाबाद जिले में एसटी कोटे के पांच पद थे। दूसरे चरण की काउंसलिंग तक मात्र एक पद भरा गया है। ऐसे में आशंका है कि रिक्त पदों को कैरी फारवर्ड कर दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा सचिव इन पदों को एससी अभ्यर्थियों से भरे जाने के लिए राजी नहीं हैं। कोर्ट ने इस प्रकरण को विचारणीय मानते हुए प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 16 जून 2016 को 16448 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। याचीगण ने एससी कोटे के तहत आवेदन किया। उनके अंक न्यूनतम कट ऑफ मार्क्स से कुछ कम होने के कारण काउंसलिंग में नहीं शामिल किया गया। दलील दी गई कि आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(3) के तहत एसटी कोटे की रिक्त सीटों को एससी अभ्यर्थियों से भरे जाने का प्रावधान है।
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कहा गया कि इलाहाबाद जिले में एसटी कोटे के पांच पद थे। दूसरे चरण की काउंसलिंग तक मात्र एक पद भरा गया है। ऐसे में आशंका है कि रिक्त पदों को कैरी फारवर्ड कर दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा सचिव इन पदों को एससी अभ्यर्थियों से भरे जाने के लिए राजी नहीं हैं। कोर्ट ने इस प्रकरण को विचारणीय मानते हुए प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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