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कौन है सीरियल किलर राजा कोलंदर?: खोपड़ी भूनकर खाई... दिमाग उबालकर सूप बनाया; 14 नृशंस कत्ल और नरमुंड फार्महाउस

Sat, 24 May 2025 01:35 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 24 May 2025 01:35 PM IST
सार

बर्बरता का पर्याय रहे सीरियल किलर राम निरंजन कोल उर्फ राजा कोलंदर हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। लखनऊ की अदालत ने रायबरेली के हरचंदपुर निवासी मनोज कुमार सिंह की हत्या में उसे और उसके साले को दोषी ठहराया है। कोलंदर वही कुख्यात नाम है, जिसने एक के बाद एक 14 नृशंस हत्याएं कीं। उसकी हैवानियत को यादकर अब भी लोग सिहर उठते हैं।

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Who Is Serial Killer Raja Kolandar Ate Roasted Skulls Made Brain Soup Convicted in 14 Brutal Murders
राजा कलंदर की फाइल फोटो - फोटो : संवाद

विस्तार

नृशंस हत्याओं के दोषी राम निरंजन उर्फ राजा कलंदर और उसके साले बच्छराज को एडीजे अदालत ने आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि अदालत ने आरोपियों को सजा सुनाते हुए यह माना ये घटना दुर्लभतम से दुर्लभ नहीं है।
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एडीजे रोहित सिंह ने 25 साल पुराने एक डबल मर्डर के मामले में यह फैसला सुनाया है। अदालत में सरकारी अधिवक्ता एमके सिंह ने दोनों अपराधियों को अधिकतम सजा मृत्युदंड से दंडित करने की मांग की। अदालत में दाखिल पत्रावली के अनुसार रायबरेली के रहने वाले मनोज सिंह (22) और उनकी गाड़ी के चालक रवि श्रीवास्तव की साल 2000 में अपहरण के बाद नृशंस हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में राजा कलंदर और बच्छराज को चार दिन पहले अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके अलावा दोनों दोषियों को प्रयागराज के पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में 2012 में उम्रकैद की सजा उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सुनाई थी। राजा कलंदर ने 14 से अधिक हत्या की बात कबूल की थी। जांच में सामने आया कि वह हत्या के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर उसका मांस खा जाता था।
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प्रायगराज के नैनी के शंकरगढ़ स्थित हिनौता गांव का रहने वाला राजा कलंदर को पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के बाद साल 2000 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों दोषियों को डकैती के दौरान हत्या करने के लिए आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। 

सबूत छिपाने के लिए सात सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना, अपहरण के लिए दस दस साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना, डकैती या चोरी की संपत्ति को रखने के लिए 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।


 

अदालत ने आदेश दिया कि सजा पाए दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। हालांकि आरोपियों को पूरा जुर्माना जमा करना होगा। अदालत ने दोषियों को अधिकतम सजा आजीवन कारावास की सुनाई है लिहाजा दोनों आरोपियों को उनके अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा।

फिर सुर्खियों में आया सीरियल किलर राजा कोलंदर
बर्बरता का पर्याय रहे सीरियल किलर राम निरंजन कोल उर्फ राजा कोलंदर हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। लखनऊ की अदालत ने रायबरेली के हरचंदपुर निवासी मनोज कुमार सिंह की हत्या में उसे और उसके साले को दोषी ठहराया है। कोलंदर वही कुख्यात नाम है, जिसने एक के बाद एक 14 नृशंस हत्याएं कीं। उसकी हैवानियत को यादकर अब भी लोग सिहर उठते हैं।

 

14 दिसंबर 2000 का वह दिन था, जब जनपद में बसहरा उपरहार निवासी पत्रकार धीरेंद्र सिंह का क्षत-विक्षत शव मिला। तब शायद ही किसी ने सोचा था कि यह हत्या सीरियल किलिंग की रोंगटे खड़ी कर देने वाली दास्तान को सामने लाएगी। धीरेंद्र की हत्या के बाद उनका सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। कड़ी से कड़ी जुड़ी तो जांच की सुई राजा कोलंदर तक पहुंची। फिर परत-दर-परत 14 हत्याओं की कहानी सामने आई। कोलंदर ने उनका नाम अपनी डायरी में 14 नंबर पर ‘धीरे-धीरे लाल’ लिखा था।

पत्रकार धीरेंद्र सिंह की फॉर्म हाउस में की हत्या
धीरेंद्र प्रयागराज से अपने घर बसहरा के लिए निकले थे, तभी राजा कोलंदर ने उन्हें अपने फॉर्म हाउस रमसगरा में बुलाया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। फिर उनके सिर को बाणसागर तालाब रीवा और धड़ को रायपुर खरचुलियान, रीवा जिले में फेंक दिया। मोबाइल लोकेशन के जरिये पुलिस के हत्थे चढ़ा।

कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूर्व में 13 हत्या और करने की बात कबूली। अपराध में उसका साला वक्षराज भी शामिल था। धीरेंद्र की हत्या में 2012 में उसे व उसके साले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।

 

डायरी में किया था 14 हत्याओं का जिक्र
पत्रकार हत्याकांड में जांच करते हुए पुलिस ने कोलंदर के फॉर्म हाउस और घर की तलाशी ली तो एक डायरी मिली। इसी डायरी ने उसकी सनक व आतंक के साम्राज्य का खुलासा किया। उसमें उन 14 हत्याओं का जिक्र था, जो उसने अपनी सनक में की। इसमें उन लोगों का नाम भी था, जिसे नरभक्षी कहे जाने वाले कोलंदर ने मौत के घाट उतार दिया। पुलिस तब हैरान रह गई, जब इनमें से कई लोगों के नरमुंड फॉर्म हाउस से बरामद हुए। इनमें अशोक कुमार, मुइन, संतोष, काली प्रसाद व कुछ अन्य लोग शामिल थे।

खोपड़ी भूनकर खाई, दिमाग उबालकर सूप बनाया
कोलंदर का शिकार होने वालों में आयुध डिपो में काम करने वाले काली प्रसाद श्रीवास्तव भी थे। पुलिस के दावों के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया कि काली की हत्या की वजह सिर्फ इतनी थी वह कायस्थ बिरादरी का था। कायस्थों का दिमाग तेज होता है और वह उसका दिमाग खुद में समेटना चाहता था। इसलिए उसने उनकी खोपड़ी को भूनकर खाया, दिमाग को उबालकर सूप बनाकर पीया।

‘राजा’ बनने का ख्वाब, बेटों का नाम ‘अदालत-जमानत’
मूलरूप से हिनौती पांडे शंकरगढ़ का निवासी कोलंदर केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। वह खुद को राजा समझता था। अपनी सनक के चलते ही वह पत्नी को फूलन देवी कहने लगा था।

यहां तक कि बेटों के नाम अदालत और जमानत रख दिया। पत्नी गोमती जिला पंचायत सदस्य भी रही। खौफ कायम करने के लिए अपनी पत्नी का नाम फूलन देवी रख दिया था। क्योंकि, उस समय दस्यु सरगना फूलन देवी का आतंक था। 

 

जेल जाने के बाद उसके बारे में यह भी चर्चित रहा कि वह बार-बार दोहराता था कि ‘जो उसे पसंद नहीं, वह उसकी अदालत में दोषी है और उसकी सजा सिर्फ मौत है।’ वह मूलरूप से शंकरगढ़ का रहने वाला था।

घटनाओं के वक्त नैनी के राम सगरा गांव में रहता था। राम सगरा में पहले उसने झोपड़ी बनाया, फिर उसके बाद मकान बनाया और बाद में वहीं फॉर्म हाउस बना लिया। उसकी ससुराल बसहरा गांव में राम आधार के घर थी।

 

अदालत ने करार दिया था जघन्यतम हत्याकांड
2012 में प्रयागराज की अदालत ने पत्रकार धीरेंद्र सिंह हत्यााकांड के मामले में राजा कोलंदर को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह भी कहा कि यह केस रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर की श्रेणी में आता है। सीरियल किलिंग की यह खौफनाक दास्तान कुछ इस तरह चर्चित हुई कि ओटीटी प्लेटफाॅर्म भी इससे अछूता नहीं रह सका। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियन प्रीडेटर: द डायरी ऑफ एक सीरियल किलर ने उसकी कहानी को देश ही नहीं विदेशों तक पहुंचा दिया।

सजा मिलने से परिवार वाले बेखबर, घर में सन्नाटा
लखनऊ की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को सीरियल किलर राम निरंजन उर्फ राजा कोलंदर और उसके साले वक्षराज को उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, नैनी के राम सगरा स्थित मकान में रहने वाले परिवार के लोगों को सजा के बारे में जानकारी नहीं है। 

 

शुक्रवार को जब राजा कोलंदर की सास से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह तो जेल में है, अब क्या सजा होई। बताया कि उसके दोनों बेटे बड़ा अदालत और छोटा जमानत अपनी पत्नी के साथ रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं।

यह भी कहा कि वह आज ही शंकरगढ़ से लौटी है, उनको कुछ पता नहीं है। यहां केवल उसके नाती व पौत्र हैं। कोलंदर से आखिरी बार कब मुलाकात हुई, इस सवाल पर बताया कि अभी कुछ माह पहले लखनऊ जेल में गई थी।
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