{"_id":"7a14993864003d339b412a3facde591e","slug":"weather-hindi-news-42","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकतम पारा बढ़ा तो न्यूनतम पारा फिर धड़ाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकतम पारा बढ़ा तो न्यूनतम पारा फिर धड़ाम
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:57 PM IST
विज्ञापन
हिमालयी क्षेत्र से आ रही ठंडी पछुवा हवाओं का कहर जारी है। कोहरे के साथ सुबह की शुरूआत हुई। दोपहर बाद सूरज ने जैसे जैसे दर्शन तो दिए लेकिन ठंड के आग सूरज की भी एक न चली और आम आदमी को ठंड से कोई खास राहत न मिली। सूरज ढलने के साथ ही शहरियों को एक बार फिर हांड़ मांस कपा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम के बदले मिजाज के चलते अधिकतम पारा जहां 15.3 डिग्री पर पहुंच गया वहीं ठंडी पछुवा हवाओं के चलते न्यूनतम पारा फिर धड़ाम हो गया और 6.4 डिग्री पहुंच गया। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के हिमालयी इलाकों से आ रही बर्फीली पछुवा हवाओं ने शहरियोें को पूरे दिन बेहाल किए रखा।
मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर दो बुुजुर्ग महिलाओं व एक युवक समेत तीन की जान ले ली। ठंड से मरने वालों में करछना क्षेत्र के बलापुर निवासी अशोक मोहनवाल (38 वर्ष ), मेजा क्षेत्र के भोसका गांव निवासी रामजतन की पत्नी बेला देवी ( 70 वर्ष )व फूलपुर क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दुखनी देवी (70 वर्ष ) शामिल है। स्कूली बच्चों के लिए राहत देने वाली बात यह रही कि जिला प्रशासन की ओर से ठंड के मद्देनजर सभी स्कूल कालेज बंद थे। माह का दूसरा शनिवार होने की वजह से तमाम सरकारी कार्यालयों में भी अवकाश था। ऐसे में अधिकारियों , कर्मचारियों को भी ठंड से राहत थी।
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक हिमालयी इलाकों में बर्फबारी व पश्चिमी विक्षोभ के चलते सर्दी का प्रकोप अभी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अभी पारे के और अधिक गिरने की पूरी संभावना है। हालांकि प्रो. ओझा ने यह संभावना भी जतायी है कि मकर संक्रांति के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और ठंड से राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर दो बुुजुर्ग महिलाओं व एक युवक समेत तीन की जान ले ली। ठंड से मरने वालों में करछना क्षेत्र के बलापुर निवासी अशोक मोहनवाल (38 वर्ष ), मेजा क्षेत्र के भोसका गांव निवासी रामजतन की पत्नी बेला देवी ( 70 वर्ष )व फूलपुर क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दुखनी देवी (70 वर्ष ) शामिल है। स्कूली बच्चों के लिए राहत देने वाली बात यह रही कि जिला प्रशासन की ओर से ठंड के मद्देनजर सभी स्कूल कालेज बंद थे। माह का दूसरा शनिवार होने की वजह से तमाम सरकारी कार्यालयों में भी अवकाश था। ऐसे में अधिकारियों , कर्मचारियों को भी ठंड से राहत थी।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक हिमालयी इलाकों में बर्फबारी व पश्चिमी विक्षोभ के चलते सर्दी का प्रकोप अभी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अभी पारे के और अधिक गिरने की पूरी संभावना है। हालांकि प्रो. ओझा ने यह संभावना भी जतायी है कि मकर संक्रांति के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और ठंड से राहत मिल सकती है।
विज्ञापन