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Prayagraj News: जलस्तर बढ़ रहा, 50 गांव सड़क से कटे
Fri, 04 Sep 2026 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:39 AM IST
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मेजा के बरसैता गांव के सामने सड़क पर पानी आ जाने से पुलिस प्रशासन ने लगाया बैरिकेटिंग। संवाद
गंगा और टोंस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मेजारोड-कोहड़ार मार्ग पर बरसैता गांव के सामने सड़क पर टोंस का पानी आ गया है। इससे करीब 50 गांव के लोग सड़क से कट गए हैं।
पुलिस-प्रशासन ने बरसैता गांव के सामने बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है। नदी के किनारे बसे कई गांवों में पानी घुस गया है। अमिलिया खुर्द, बंधवा, विर्तिया, बिजौरा और छतवा सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।
उन्होंने शाहपुर कला, बरसैता, कोना और ईंसौंटा-झड़ियही सहित कई गांवों के पीड़ितों से मुलाकात की। पीड़ितों को भोजन पैकेट भी वितरित किए गए। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि कोना में आठ घर बाढ़ से प्रभावित हैं। उनके रहने के लिए एक बाग में तंबू लगाकर व्यवस्था की गई है।
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ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय दूर होने के कारण वहां जाने से मना कर दिया। कोना में सौ लोगों को भोजन पैकेट दिए गए। ईंसौंटा-झड़ियही में टोंस का पानी आने से 72 परिवार का रास्ता बाधित हुआ है। उन्हें भोजन पैकेट भी दिए गए। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राजस्व कर्मियों को प्रभावित गांवों में रहने का निर्देश दिया गया है।
ये गांव सड़क से कटे
बरसैता सड़क पर पानी आ जाने से भसुंदर कला, भसुंदर खुर्द, कोना, सिंहपुर, भटौती, बरसैता, सतनकापूरा, मदरहा, ममोली, हरगढ़ का संपर्क दूसरे गांव से कट गया है। अगर, कोई आदमी बीमार हो गया तो एबुंलेस भी गांव नहीं पहुंच पाएगी। टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से कछार क्षेत्र में बोई गई कई हेक्टेयर बाजरा, तिल और धान की फसल डूब गई है।
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पुलिस-प्रशासन ने बरसैता गांव के सामने बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है। नदी के किनारे बसे कई गांवों में पानी घुस गया है। अमिलिया खुर्द, बंधवा, विर्तिया, बिजौरा और छतवा सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।
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उन्होंने शाहपुर कला, बरसैता, कोना और ईंसौंटा-झड़ियही सहित कई गांवों के पीड़ितों से मुलाकात की। पीड़ितों को भोजन पैकेट भी वितरित किए गए। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि कोना में आठ घर बाढ़ से प्रभावित हैं। उनके रहने के लिए एक बाग में तंबू लगाकर व्यवस्था की गई है।
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ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय दूर होने के कारण वहां जाने से मना कर दिया। कोना में सौ लोगों को भोजन पैकेट दिए गए। ईंसौंटा-झड़ियही में टोंस का पानी आने से 72 परिवार का रास्ता बाधित हुआ है। उन्हें भोजन पैकेट भी दिए गए। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राजस्व कर्मियों को प्रभावित गांवों में रहने का निर्देश दिया गया है।
ये गांव सड़क से कटे
बरसैता सड़क पर पानी आ जाने से भसुंदर कला, भसुंदर खुर्द, कोना, सिंहपुर, भटौती, बरसैता, सतनकापूरा, मदरहा, ममोली, हरगढ़ का संपर्क दूसरे गांव से कट गया है। अगर, कोई आदमी बीमार हो गया तो एबुंलेस भी गांव नहीं पहुंच पाएगी। टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से कछार क्षेत्र में बोई गई कई हेक्टेयर बाजरा, तिल और धान की फसल डूब गई है।

मेजा के बरसैता गांव के सामने सड़क पर पानी आ जाने से पुलिस प्रशासन ने लगाया बैरिकेटिंग। संवाद